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सांसदों के रिटायरमेंट पर राज्यसभा में बोले पीएम मोदी, सदन में उत्तम सेवा देने के लिए बधाई

उन्होंने कहा कि यह सदन उन वरिष्ठ महानुभावों का है, जिनका अनुभव सदन को अच्छा बनाता है. 

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सांसदों के रिटायरमेंट पर राज्यसभा में बोले पीएम मोदी, सदन में उत्तम सेवा देने के लिए बधाई

राज्यसभा में भाषण देते पीएम मोदी

खास बातें

  1. राज्यसभा में पीएम मोदी का संबोधन
  2. रिटायर सांसदों को पीएम मोदी ने दी बधाई.
  3. प्रधानमंत्री का दरवाजा हमेशा खुला रहेगा.
नई दिल्ली: राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे 40 सांसदों के विदाई के मौके पर पीएम मोदी राज्यसभा में भाषण देते हुए सबसे पहले सासंदों के उत्तम सेवाओं और योगदान के लिए शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि यह सदन उन वरिष्ठ महानुभावों का है, जिनका अनुभव सदन को अच्छा बनाता है. 

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि कुछ साथी इस अनुभव को लेकर समाज सेवा में अपनी भूमिका को और मजबूत करेंगे. उन्होंने कहा कि अवकाशग्रहण कर रहे महानुभावों में से हर एक का अपना योगदान रहा है और हर किसी ने राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास किया है. राष्ट्र उनके योगदान को कभी भूल नहीं सकता.

उन्होंने सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को उत्तम सेवा के लिए बधाई और उनके भविष्य के जीवन के लिए शुभकामनाएं दी. उच्च सदन के महत्व का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यहां जो बात बतायी जाती है, उसका लोकतंत्र में एक विशेष महत्व है और जो नीति निर्धारण में खास भूमिका निभाता है.

उन्होंने अपने संबोधन में उपसभापति पी जे कुरियन, मनोनीत सदस्यों के पराशरन, दिलीप तिर्की तथा सचिन तेंदुलकर का खास तौर पर जिक्र किया और कहा कि आने वाले दिनों में हमें उनका साथ नहीं मिलेगा.

कुरियन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका मुस्कुराता हुआ चेहरा हमेशा याद किया जाएगा. मोदी ने कहा कि कुरियन ने संकट की घड़ी में भी सदन को ठीक से चलाया. उन्होंने कहा कि अधिकतर सदस्य राजनीतिक विचारधारा के लोग है. ऐसे में स्वाभाविक है कि उन बातों को प्रतिस्थापित करने का प्रयास करेंगे। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि ग्रीन हाउस में जो होता हो, वह रेड हाउस में भी हो.

उन्होंने कहा कि कई सदस्यों ने सोचा होगा कि अपने आखिरी सत्र में वह कुछ विषय उठाएंगे। लेकिन हंगामे के कारण वह ऐसा नहीं कर पाए. उन्होंने कहा कि इस संबंध में हम सब की जिम्मेदारी बनती है.

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह विदाई है जुदाई नहीं. यह तत्कालिक है. नेता कभी रिटायर नहीं होते हैं. मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने दोनों सदनों को मिलाने का काम किया. यहां लोकसभा और राज्यसभा के सांसद मिलने के मामले में एक्स सांसद ज्यादा हैं. उन्होंने कहा कि हम रोज सुबह उन्हें सेंट्रल हॉल में देखेंगे. 

उन्होंने कहा कि इस देश में लोकतंत्र को किसी ने जिंदा रखा है तो वह सासंद और लॉ मेकर्स ही हैं. सांसदों  ने ही लोकतंत्र को जिंदा रखा है. सांसद अपनी तन्ख्वाह के लिए नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि हम पानी, बिजली, बैंकों की लूट के लिए लड़ रहे हैं. हम किसानों की लड़ाई लड़ रहे हैं. अगर किसी को विशेष राज्य का दर्जा मिलता है तो उससे फायदा हमें नहीं बल्कि आम लोगों को मिलेगा. हम बेरोजगारों, दलितों और महिलाओं की आवाज उठाते हैं. उन्होंने कहा कि आवाज उठान विपक्ष का धर्म होता है. 

उन्होंने कहा कि 'नरेश अग्रवाल जी एक ऐसे सूरज हैं, जो इधर डूबे उधर निकले, इधर निकले उधर डूबे.  मुझे यकीन है जिस पार्टी में वो गये हैं वो उनकी क्षमता का पूरा उपयोग करेगी.' उन्होंने कहा कि भाजपा में वह भाषा की मर्यादा को बना कर रखेंगे ऐसी आशा है. साथ ही उन्होंने जेटली, जया बच्चन सहित आने वाले नये सांसदों को भी बधाई दी. 

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गौरतलब है कि कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर अन्नाद्रमुक सदस्यों द्वारा मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही बाधित किये जाने के कारण उच्च सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिये स्थगित कर दी गयी थी. राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों का विदाई भाषण इस कारण से नहीं हो सका था.

सभापति एम वेंकैया नायडू ने अपने स्थानों पर खड़े अन्नाद्रमुक सदस्यों से बैठने का बार बार अनुरोध किया था, लेकिन उनके नहीं मानने पर सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिये स्थगित कर दी गयी. नायडू ने सदन की गरिमा दांव पर होने का भी हवाला दिया लेकिन अपने स्थान पर खड़े अन्नाद्रमुक सदस्यों पर इसका भी कोई असर नहीं हुआ.
 


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