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रॉबर्ट वाड्रा के दोस्त की कंपनी को शामिल नहीं किया तो कांग्रेस राफेल डील रद्द करवाना चाहती है : BJP

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी एक अनलोडेड एयरक्राफ्ट के कीमत की तुलना फुल लोडेड एयरक्राफ्ट से करके पिछले कई दिनों से देश को गुमराह करने का काम कर रहे हैं.

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रॉबर्ट वाड्रा के दोस्त की कंपनी को शामिल नहीं किया तो कांग्रेस राफेल डील रद्द करवाना चाहती है : BJP

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने आज राफेल डील पर मोर्चा संभाला

खास बातें

  1. राफेल डील पर बीजेपी का आरोप
  2. कांग्रेस रद्द करवाना चाहती है डील
  3. रॉबर्ट वाड्रा का भी नाम घसीटा
नई दिल्ली:

राफेल डील पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मोर्चा संभाला और कांग्रेस से पूछा कि इन आरोपों के पीछे आखिर उसका मकसद क्या है. उन्होंने कहा कि देश ने वर्तमान में जो डील की है वह यूपीए से 20 फीसदी सस्ती है. कांग्रेस सिर्फ राजनीति के लिए राफेल डील को मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है. शेखावत ने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कुछ दिनों पहले कांग्रेस और राहुल गांधी से कुछ सवाल पूछे थे, आज तक उसका जवाब नहीं मिला है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी एक अनलोडेड एयरक्राफ्ट के कीमत की तुलना फुल लोडेड एयरक्राफ्ट से करके पिछले कई दिनों से देश को गुमराह करने का काम कर रहे हैं.

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उन्होंने कहा कि इस डील को रद्द करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. देश की सामरिक क्षमता को कम करने के लिए षडयंत्र रचा जा रहा है. मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि मोदी को हटाने के लिए मदद चाहिए. पाकिस्तान के एक सीनेटर ने ट्वीट किया कि राहुल गांधी पीएम होने जा रहे हैं. इसको देखने की जरूरत है. यूपीए के वक्त इसे क्यों रद्द किया गया? तब बिचौलिया भी था. यह 'जीटूजी' डील है. संजय भंडारी गांधी परिवार के दामाद वाड्रा के टिकट बुक कराने से लेकर फ़्लैट की इंटीरियर डिज़ाइन और  जमीन डील कराने में शामिल रहे हैं. ये दोनों यूपीए के दौरान हुई डिफ़ेंस डील में एक साथ रहे. दुबई डिफ़ेंस एक्सपो में एक साथ दिखे थे. वाड्रा के दबाव में गांधी परिवार चाहता था कि संजय भंडारी की हिस्सेदारी वाली कंपनी को शामिल किया जाए. लेकिन उस समय यह नहीं हो सका इसलिए यह डील रद्द की गई. जेटली ने यह प्रश्न खड़ा किया था. मैं जवाब दे रहा हूं कि संजय भंडारी के साथ जो हित जुड़े हुए थे.
 
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अब दबाव बनाने के पीछे इसका मकसद सिर्फ इसलिए है क्योंकि दसॉल्ट से बदला लिया जा सके क्योंकि उसने वाड्रा की हिस्सेदारी वाली कंपनी को डील में शामिल नहीं किया था. रॉबर्ट वाड्रा के मित्र संजय भंडारी की कंपनी को जो ठेका नहीं मिल पाया उसके लिए देश की वायुसेना से और देश की रक्षा की कीमत पर इसे षडयंत्र किया है. हथियारों का दलाल जो परिवार के दामाद का मित्र है क्या उसके लिए देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा रहा है? यह मैं राहुल गांधी परिवार से यह पूछना चाहता हूं.

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