सुप्रीम कोर्ट ने नौसेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने की मोहलत तीन माह बढ़ाई

Supreme Court ने 17 फरवरी 2020 को ऐतिहासिक निर्णय के जरिये Navy में महिलाओं के लिए परमानेंट कमीशन का रास्ता साफ किया था.

सुप्रीम कोर्ट ने नौसेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने की मोहलत तीन माह बढ़ाई

केंद्र सरकार को अब यह आदेश 31 दिसंबर 2020 तक लागू करना होगा.

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने नौसेना (Navy) में महिलाओं को स्थायी कमीशन (Permanent Commission) का आदेश लागू करने की मोहलत तीन माह बढ़ा दी है. केंद्र सरकार को अब यह आदेश 31 दिसंबर 2020 तक लागू करना होगा.'

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शीर्ष अदालत ने 17 फरवरी 2020 को ऐतिहासिक निर्णय के जरिये नेवी में महिलाओं के लिए परमानेंट कमीशन का रास्ता साफ किया था. हालांकि फरवरी 2020 को अपने आदेश को लागू करने की समयसीमा सुप्रीम कोर्ट ने अब 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दी है. फरवरी 2020 में कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि महिला अधिकारियों को युद्धक भूमिका में लगाया जाए और उनको स्थायी कमीशन दिया जाए.

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मालूम हो कि 17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस वाईएस चंद्रचूड़ और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने 2010 में दिए हाईकोर्ट के फ़ैसले को बरक़रार रखा था. शीर्ष अदालत ने कहा था कि सभी महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन मिले, चाहे वो कितने भी समय से कार्यरत हों. निर्णय लागू करने के लिए अदालत ने सरकार को तब तीन महीने का वक़्त दिया है. सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2010 में ही फ़ैसला दिया था जिसे तत्कालीन केंद्र सरकार ने चुनौती दी थी. 

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अगस्त में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट नौसेना में महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन का फैसला लागू नहीं करने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकार को एक मॉडल नियोक्ता होना चाहिए. अदालत ने नौसेना की 6 अधिकारियों के कार्यमुक्त करने पर रोक भी लगाई थी. इन अधिकारियों को 6 अगस्त को सेवा से मुक्त किया जाना था. शार्ट सर्विस कमीशन पर भर्ती इन छह अधिकारियों ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था