कुख्यात अपराधी विकास दुबे को रेड की जानकारी देने का आरोपी सस्पेंड पुलिसकर्मी विनय तिवारी गिरफ्तार

यूपी पुलिस के सस्पेंड पुलिस ऑफिसर विनय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है. गौरतलब है कि तिवारी पर विकास दुबे को पुलिस की दबिश जानकारी देने का आरोप है.

लखनऊ:

यूपी पुलिस के सस्पेंड पुलिस ऑफिसर विनय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है. गौरतलब है कि तिवारी पर विकास दुबे को पुलिस की दबिश जानकारी देने का आरोप है. विनय तिवारी के जानकारी देने के बाद ही विकास दुबे ने 8 पुलिस के जवानों की बेरहमी से हत्या कर दी थी. विनय तिवारी विकास दुबे के गांव के पुलिस थाने का इंचार्ज है. कथित तौर पर विनय तिवारी ने विकास दुबे के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों को प्रभावित करने की कोशिश की थी. विकास से संबंध होने के चलते विनय तिवारी को राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया था. ठीक इन्हीं आरोपी के चलते थाने के एक और सब इंस्पेक्टर केके शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है. 

विकास दुबे के करीब पहुंचती दिखाई दे रही पुलिस....

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में की गई है जब पुलिस विकास दुबे के करीब पहुंचती दिखाई दे रही है. विकास दुबे को दिल्ली के पास एक होटल में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पर देखा गया है. विकास दुबे के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक, अमन दुबे को पुलिस ने मार गिराया है और दो और साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. बता दें कि हत्या, अपहरण और जबरन वसूली सहित 60 मामलों में कुख्यात गैंगस्टर को गिरफ्तार करने के लिए शुक्रवार को 50 पुलिसकर्मी विकास दुबे के गांव गए थे. पुलिस के आने की जानकारी मिलने के बाद विकास दुबे ने रास्ते में पुलिस के रास्ते में जेसीबी खड़ी कर दी थी. बाद में विकास  और उसके लोगों ने पुलिसकर्मियों पर छतों से अंधाधुंध फायरिंग की. घटना में आठ पुलिस वालों की मौके पर ही मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. इसके बाद से विकास की तलाश जारी है.

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सोशल मीडिया पर एक लेटर वायरल...

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक लेटर वायरल हो रहा है जिसके मुताबिक विकास दुबे को पुलिस में से ही किसी ने मदद की थी. कथित तौर पर लेटर तीन महीने पहले देवेंद्र कुमार मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) द्वारा लिखा गया था, जिनकी विकास दुबे ने बेरहमी से हत्या कर दी. मिश्रा ने चौबेपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी पुलिस अधिकारी विनय तिवारी की विकास दुबे की मदद करने के बारे में शिकायत की थी. यूपी पुलिस ने कहा कि वह पत्र की जांच कर रही है, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड में यह नहीं मिला है. अनंत देव, जिन्होंने कथित रूप से पत्र को नजरअंदाज किया था, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थानांतरित कर दिया गया है.