NDTV Khabar

रेप पीड़िताओं से जन्मे बच्चों का ध्यान रखा जाए, वे भी पीड़ित हैं: अदालत ने महाराष्ट्र सरकार से कहा

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
रेप पीड़िताओं से जन्मे बच्चों का ध्यान रखा जाए, वे भी पीड़ित हैं: अदालत ने महाराष्ट्र सरकार से कहा

खास बातें

  1. सरकार ऐसे बच्चों के कल्याण के लिए नीति बनाने के प्रयास करे- बॉम्‍बे HC
  2. इन बच्‍चों का अच्छे से ख्याल रखा जाए- अदालत
  3. उच्च न्यायालय ने सरकार को एक तंत्र विकसित करने का सुझाव दिया.
मुंबई: बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने गुरूवार को कहा कि बलात्कार पीड़िताओं को केवल मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है और महाराष्ट्र सरकार को उनसे जन्मे बच्चों के कल्याण के लिए नीति बनाने के प्रयास करने चाहिए, क्‍योंकि ये बच्चे भी पीड़ित हैं.

न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति अनुजा प्रभुदेसाई की खंडपीठ ने कहा, 'बलात्कार पीड़िताओं के बच्चे से भी पीड़ितों की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित करने के लिए देखभाल होनी चाहिए कि उनका अच्छे से ख्याल रखा जाए और उन्हें अच्छी शिक्षा तथा बेहतर सुविधाएं मिलें.' पीठ ने महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के प्रधान सचिव को बुलाकर यह बताने को कहा था कि बलात्कार पीड़िताओं के बच्चों के कल्याण के लिए कोई नीति है या नहीं.

टिप्पणियां
हालांकि अधिकारी नहीं आए, क्योंकि वह किसी अन्य काम में पहले से व्यस्त थे. इसके बाद अदालत ने उनसे अगली तारीख पर आने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि वह चैंबर में उनकी बात सुनने के लिये तैयार है.

उच्च न्यायालय ने सरकार को एक तंत्र विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे यह सुनिश्चित हो कि बलात्कार पीड़िताओं के बारे में जानकारी उसके पास जल्दी पहुंचें ताकि वह मुआवजा देने का काम कर सके. (इनपुट भाषा से)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

विधानसभा चुनाव परिणाम (Election Results in Hindi) से जुड़ी ताज़ा ख़बरों (Latest News), लाइव टीवी (LIVE TV) और विस्‍तृत कवरेज के लिए लॉग ऑन करें ndtv.in. आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.


Advertisement