NDTV Khabar

सरकार शीतकालीन सत्र में लेकर आ सकती है विधेयक, डॉक्टरों पर हमलों के मामले में 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान

मसौदा कानून में चिकित्सकों और अन्य स्वस्थ्य पेशेवरों को चोट पहुंचाने के अपराध में तीन से दस साल तक के कारावास का प्रस्ताव किया गया है. इसके अलावा 10 लाख रुपये तक जुर्माने का भी प्रस्ताव है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
सरकार शीतकालीन सत्र में लेकर आ सकती है विधेयक, डॉक्टरों पर हमलों के मामले में 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान

संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार लेकर आ सकती है चिकित्सकों के लिए विधेयक.

नई दिल्ली:

स्वास्थ्य मंत्रालय संसद के शीतकालीन सत्र में डॉक्टरों पर ड्यूटी के दौरान होने वाले हमले की रोकथाम के लिए विधेयक लाने की तैयारी में है. विधेयक के तहत ड्यूटी के दौरान चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने पर 10 साल तक जेल की सजा सुनाई जा सकती है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि मंत्रालय ने स्वास्थ्य सेवा कर्मी और नैदानिक ​​प्रतिष्ठान (संपत्ति का नुकसान और हिंसा पर प्रतिबंध) विधेयक, को लेकर अंतर-मंत्रालयी विमर्श में शामिल अन्य सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे जल्द से जल्द अपनी टिप्पणी भेजें ताकि मसौदा कानून को अंतिम रूप दिया जा सके और अगले सप्ताह मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा.

मसौदा कानून में चिकित्सकों और अन्य स्वस्थ्य पेशेवरों को चोट पहुंचाने के अपराध में तीन से दस साल तक के कारावास का प्रस्ताव किया गया है. इसके अलावा 10 लाख रुपये तक जुर्माने का भी प्रस्ताव किया गया है. इसके साथ ही हिंसा या स्वास्थ्य इकांइयों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को छह महीने से पांच साल तक की कैद और 50,000 रुपये से पांच लाख रुपये तक जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है.


NMC बिल के खिलाफ डॉक्टर हड़ताल पर, आपात सेवाएं बहाल, गैर-आवश्यक विभाग प्रभावित रहेंगे

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम आगामी शीतकालीन सत्र में उस विधेयक को पेश करेंगे जिसमें चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के खिलाफ हिंसा और नैदानिक ​​प्रतिष्ठानों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर दंड का प्रावधान किया गया है. संसद का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से शुरू होने वाला है.

टिप्पणियां

आपको बता दें कि मेडिकल बिरादरी की लंबे समय से चली आ रही मांग के बीच मसौदा कानून सितंबर में प्रतिक्रिया के लिए लोगों के सामने रखा गया था. इस कानून के बन जाने के बाद देश भर में डॉक्टरों पर ड्यूटी के दौरान होने वाले हिंसा में कमी आने की उम्मीद है.


VIDEO: असम में भीड़ ने ली डॉक्टर की जान



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


 Share
(यह भी पढ़ें)... घाटी में इंटरनेट को लेकर दिए बयान पर नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत ने दी सफाई, कहा- मैं नहीं चाहता कि...

Advertisement