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Exclusive: ट्रैफिक के नए कानून पर बोले नितिन गडकरी- क्या राज्यों के लिए 'जान से ज्यादा जुर्माना' महत्वपूर्ण है?

NDTV से बात करते हुए नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि जो राज्य नए मोटर व्हीकल ऐक्ट (Motor Vehicle Act) के जुर्माने कम करना चाहते हैं वो घटा लें. हमारा मकसद हादसे कम करने का है.

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खास बातें

  1. नए ट्रैफिक नियम पर नितिन गडकरी से खास बातचीत
  2. गडकरी बोले- राज्य जुर्माना घटाना चाहते हैं तो घटा दें
  3. कहा- जान बचाने के लिए लाया गया है यह नियम
नई दिल्ली:

मोटर व्हीकल संशोधन अधिनियम (Motor vehicle Act) पास होने के बाद यातायात नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है. ट्रैफिक नियमों (Traffic Rules) को तोड़ने वालों पर नए अधिनियम के मुताबिक तगड़ा जुर्माना भी लगाया जा रहा है. इसे लेकर NDTV ने परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से खास बातचीत की. NDTV से बात करते हुए नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि जो राज्य नए मोटर व्हीकल ऐक्ट (Motor Vehicle Act) के जुर्माने कम करना चाहते हैं वो घटा लें. हमारा मकसद हादसे कम करने का है. हमारा मकसद हादसे कम करने का है.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बोले, राज्य चाहें तो जुर्माना घटा दें, लेकिन क्या ये सच्चाई नहीं है...

उन्होंने कहा कि जो राज्य इस नए कानून को लागू करने से इनकार कर रहे हैं उनके लिए 'जिंदगी से ज्यादा क्या पैसा महत्वपूर्ण है.' नितिन गडकरी ने कहा, 'मैंने जीवन की रक्षा करने का संकल्प लिया था और यह (Motor Vehicle Act), जान बचाने के लिए किया गया है. यह मेरा पहला उद्देश्य है, लेकिन मुझे राज्य सरकारों के सहयोग की जरूरत है. यह पार्टियों और राज्य सरकारों के ऊपर होना चाहिए.


नितिन गडकरी ने कहा- कड़े नियमों का लक्ष्य है सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना

नितिन गडकरी ने राज्यों से यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने में ढील देने की भी अपील की है. नितिन गडकरी ने कहा, 'यह कोई राजस्व इकट्ठा करने की योजना नहीं है.. क्या आपको डेढ़ लाख लोगों की मौत की चिंता नहीं है?' उन्होंने कहा, 'अगर राज्य सरकारें जुर्माने की रकम को घटाना चाहती हैं तो ठीक है, लेकिन क्या यह सच्चाई नहीं है कि लोग न तो कानून को मानते हैं और न ही इससे डरते हैं.'

...जब ट्रैफिक नियम तोड़ने पर परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भी भरना पड़ा जुर्माना, जानें पूरा मामला

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आपको बता दें कि गुजरात सरकार ने 'मानवता के आधार पर' यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगाए जाने वाले जुर्माने में 90 फीसद तक की कटौती करने का निर्णय लिया है. हालांकि राज्य सरकार के इस फैसले ने बीजेपी के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है, क्योंकि बीजेपी जुर्माने में बढ़ोतरी की पक्षधर रही है. हालांकि अब खुद बीजेपी शासित राज्य के ही एक मुख्यमंत्री ने जुर्माने में कटौती का फैसला किया है. सूत्रों का कहना है कि इस मामले में पार्टी नेतृत्व गुजरात के सीएम विजय रूपाणी से जवाब तलब कर सकती है.

जुर्माने की रकम कई गुना बढ़ी
बता दें कि मोटर व्हीकल एक्ट (Motor vehicle act) में हुए बदलाव सुर्खियां बटोर रहे हैं. यह पूरे देश में एक सितंबर से लागू हो गया है. हालांकि कुछ राज्यों ने इन्हें लागू नहीं करने का फैसला किया है. ऐसे कई अपराध हैं जिनके लिए जुर्माने की रकम बढ़ा दी गई है. बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर पहले पांच सौ रुपये तक जुर्माना था. यह अब 5000 रुपये होगा. ओवरस्पीडिंग के लिए पहले चार सौ रुपये तक जुर्माना था, अब यह हल्के वाहनों के लिए एक से दो हजार रुपये होगा जबकि मध्यम और भारी वाहनों के लिए दो हजार से चार हजार रुपये. खतरनाक ड्राइविंग में पहली बार पकड़े जाने पर छह महीने तक की सजा और एक हजार तक का जुर्माना होता था. इसे अब बढ़ाकर छह महीने से एक साल तक की सजा और एक हजार से पांच हजार रुपये तक का जुर्माना कर दिया गया है.



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