JNU में हिंसा को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने दिया बड़ा बयान,कहा - इस यूनिवर्सिटी में तो सिर्फ...

अठावले ने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की और कहा कि एक वीडियो में वह भी नकाब में दिखी हैं.

JNU में हिंसा को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने दिया बड़ा बयान,कहा - इस यूनिवर्सिटी में तो सिर्फ...

जेएनयू को लेकर रामदास अठावले का बयान

नई दिल्ली:

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने मंगलवार को कहा कि जेएनयू अब गुंडागर्दी का अड्डा बन चुका है. दोबारा ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जेएनयू में कोड ऑफ कंडक्ट लागू करने की जरूरत है. इसके लिए वह केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से भी बात करेंगे. अठावले ने जेएनयू में बीते रविवार को नकाबपोश लोगों के छात्रों पर हमले की निंदा की. उन्होंने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की और कहा कि एक वीडियो में वह भी नकाब में दिखी हैं. शास्त्री भवन स्थित मंत्रालय के अपने कार्यालय में अठावले ने आईएएनएस से कहा कि जेएनयू में जो कुछ हुआ, वह गलत है. वहां कम्युनिस्ट विचारधारा का ज्यादा प्रभाव है. आए दिन गुंडागर्दी हो रही है.

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पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जाते हैं. संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी के दिन रैली निकाली जाती है. गुंडागर्दी का अड्डा बन चुका है. विचारधारा अलग हो सकती है, मगर हम बाबा साहब को मानने वाले लोग हैं. ऐसी घटनाओं का निंदा करते हैं. जेएनयू में हमले की घटना की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा 26/11 हमले से तुलना किए जाने को अठावले ने गलत करार दिया. उन्होंने कहा, "26/11 का हमला पाकिस्तान के आतंकियों ने किया था. ऐसे में जेएनयू की घटना की तुलना उस हमले से करना ठीक नहीं है.

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उद्धव ठाकरे बाला साहब के वारिस हैं, ऐसे में उन्हें इस तरह की बात नहीं कहनी चाहिए.केंद्रीय मंत्री ने जेएनयू हिंसा के विरोध में मुंबई में हुए प्रदर्शन के दौरान 'फ्री कश्मीर' नारे वाले बैनर लहराए जाने पर नाराजगी जताते हुए इसे देशद्रोह करार दिया.उन्होंने कहा, "जिन्होंने फ्री कश्मीर के बोर्ड लगाए, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए. फ्री कश्मीर का बोर्ड लगाने वाले देशद्रोही हैं. उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए. महाराष्ट्र सरकार अभी कुछ कर नहीं रही है. मैं पुलिस कमिश्नर से भी इस संबंध में बात करूंगा.



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)