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Unnao Rape Case: पीड़िता के परिवार की ओर से CJI को लिखी गई चिट्ठी पर सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई

Unnao Rape Case: उन्नाव बलात्कार कांड पीड़ित के कार दुर्घटना में बुरी तरह जख्मी होने से कुछ दिन पहले ही उसके परिजनों ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को पत्र लिखकर इस मामले के आरोपियों द्वारा कथित रूप से धमकी दिये जाने और उनसे अपनी जान को खतरे की आशंका व्यक्त की थी.

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Unnao Rape Case: पीड़िता के परिवार की ओर से CJI को लिखी गई चिट्ठी पर सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई

सीजेआई रंजन गोगोई ने खुली अदालत में कहा कि मैंने अखबार में पढ़ा है कि पीड़ित परिवार ने मुझे कोई खत लिखा है.

खास बातें

  1. पीड़ित परिवार ने 12 जुलाई को लिखा था खत
  2. खत सामने आने में हुई देरी पर CJI ने मांगा जवाब
  3. जान को खतरे का जताया गया था अंदेशा
नई दिल्ली:

उन्नाव गैंगरप (Unnao Rape Case) पीड़िता के परिवार की ओर से सीजेआई को लिखी गई चिट्ठी पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा. सीजेआई रंजन गोगोई ने खुली अदालत में कहा कि मैंने अखबार में पढ़ा है कि पीड़ित परिवार ने मुझे कोई खत लिखा है. मेरे पास यह खत मंगलवार को आया. मैंने अभी तक देखा नहीं है. सुप्रीम कोर्ट इस पर कल सुनवाई करेगा. वहीं, न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक सीजेआई रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से जवाब मांगा है कि उन्नाव रेप पीड़िता के परिवार की ओर से 12 जुलाई को लिखे गए खत को उनके सामने लाने में देरी क्यों हुई. 

सुप्रीम कोर्ट को पीड़िता के परिजनों की चिट्ठी 17 जुलाई को ही मिल गई थी लेकिन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के सामने इस मामले को मंगलवार को शाम चार बजे रखा गया. अब सुप्रीम कोर्ट ने सेक्रेट्री जनरल से कहा है कि वे बताएं कि जब चिट्ठी 17 जुलाई को मिली थी तो इसे न्यायिक तौर पर या प्रशासनिक तौर पर चीफ जस्टिस के सामने क्यों नहीं रखा गया.

बता दें, उन्नाव बलात्कार कांड पीड़ित के कार दुर्घटना में बुरी तरह जख्मी होने से कुछ दिन पहले ही उसके परिजनों ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई को पत्र लिखकर इस मामले के आरोपियों द्वारा कथित रूप से धमकी दिये जाने और उनसे अपनी जान को खतरे की आशंका व्यक्त की थी. पिछले रविवार को बलात्कार पीड़ित और उसके परिवार के सदस्यों को ले जा रही कार को रायबरेली में एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिसमें पीड़ित की मौसी और चाची की मौत हो गई. इस हादसे में बलात्कार पीड़ित और वकील बुरी तरह जख्मी हो गये.


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सुप्रीम कोर्ट के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया था कि पीड़ित के परिजनों द्वारा हिन्दी में लिखा गया यह पत्र प्रधान न्यायाधीश के कार्यालय में प्राप्त हुआ था. प्रधान न्यायाधीश ने सेक्रेटरी जनरल को इस पत्र के आधार पर एक नोट तैयार करके पेश करने का आदेश दिया है. बलात्कार पीड़ित और उसके परिवार के दो सदस्यों द्वारा लिखा गया यह पत्र 12 जुलाई का है और इसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय और उत्तर प्रदेश सरकार के अन्य प्राधिकारियों को भेजा गया है. 

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इस बलात्कार कांड में यूपी के बांगड़मउ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के चार बार के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर आरोपी हैं और उन्हें पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था. यूपी भाजपा ने मंगलवार को दावा किया कि सेंगर को 2018 में ही पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. प्रधान न्यायाधीश को भेजे गये पत्र में 7-8 जुलाई की घटनाओं का जिक्र है जिसमें भाजपा विधायक सेंगर से कथित रूप से संबंध रखने वाले कुछ व्यक्तियों ने पीड़ित के परिवार को गंभीर परिणामों की चेतावनी दी थी. पत्र पर पीड़ित, उसकी मां और चाची के हस्ताक्षर हैं.

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(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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