हाथरस गैंगरेप केस पर CM योगी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- 'कतई नहीं बचेंगे दोषी, PM को भी दी जानकारी'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सात दिन में टीम से रिपोर्ट मांगी है. इसके अलावा केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लाने के निर्देश भी दिया है.

हाथरस गैंगरेप केस पर CM योगी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- 'कतई नहीं बचेंगे दोषी, PM को भी दी जानकारी'

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फाइल फोटो)

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने हाथरस गैंगरेप (Hathras Gangrape)  केस में चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के दोषी कतई नहीं बचेंगे. उन्होंने आश्वस्त किया है कि मामले की शीघ्र जांच होगी और त्वरित न्याय दिलाया जाएगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट किया है, "हाथरस में बालिका के साथ घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटना के दोषी कतई नहीं बचेंगे.. प्रकरण की जांच हेतु विशेष जांच दल का गठन किया गया है.. यह दल आगामी सात दिवस में अपनी रिपोर्ट देगा.. त्वरित न्याय सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकरण का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा."

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सात दिन में टीम से रिपोर्ट मांगी है. इसके अलावा केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लाने का निर्देश भी दिया है. इस जांच टीम में दलित और महिला अधिकारियों को भी शामिल किया गया है. गृह सचिव भगवान स्वरूप, डीआईजी चंद्र प्रकाश और सेनानायक पीएसी आगरा पूनम एसआईटी के सदस्य होंगे. उन्होंने एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी को भी इस घटना के बारे में जानकारी देने का उल्लेख किया है.

बता दे कि हाथरस जिले के चंदपा थाने के एक गांव में 14 सितंबर को एक दलित युवती के साथ गांव के ही चार युवकों ने गैंगरेप किया. उसके बाद उस पर जानलेवा हमला किया था. पीड़िता की जीभ भी काट दी गई थी ताकि वो आरोपियों के खिलाफ बयान न दे सके. इसके अलावा उसकी शरीर पर कई जगह हड्डियां टूटी हुई थीं. शुरुआत में पीड़िता का अलीगढ़ के अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया. नौ दिन बाद होश में आने पर पीड़िताी की बयान दर्ज किया गया लेकिन जब तक उसकी हालत खराब हो चुकी थी. मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

हाथरस गैंगरेप केस: रात 2.30 बजे पीड़िता का पुलिसवालों ने किया अंतिम संस्कार, परिजनों को कर दिया था घर में बंद

वीडियो: हाथरस गैंगरेप केस : विरोध के बीच जबरन अंतिम संस्कार