Maharastra Politics: महाराष्‍ट्र में सरकार बनाने को लेकर अभी तक क्‍या-क्‍या हुआ? जानें यहां सब कुछ

महाराष्‍ट्र और हरियाणा विधानसभा के चुनाव परिणाम आने के साथ यह स्‍पष्‍ट हो गया था कि महाराष्‍ट्र में बीजेपी-शिवसेना की सरकार बनने जा रही है.

Maharastra Politics: महाराष्‍ट्र में सरकार बनाने को लेकर अभी तक क्‍या-क्‍या हुआ? जानें यहां सब कुछ

प्रतीकात्मक तस्वीर

खास बातें

  • शिवसेना की सरकार बनेगी या नहीं?
  • अभी भी दुविधा में महाराष्ट्र सरकार
  • चुनाव परिणाम आने से लेकर अब तक का पूरा मामला
महाराष्ट्र:

Maharashtra News: महाराष्‍ट्र और हरियाणा विधानसभा के चुनाव परिणाम आने के साथ यह स्‍पष्‍ट हो गया था कि महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में बीजेपी-शिवसेना (BJP-Shiv Sena) की सरकार बनने जा रही है. हरियाणा में भी किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिली थी लेकिन बीजेपी (BJP) एक बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई थी. वहां पहले यह खबर आई कि निर्दलीय विधायक मिलकर बीजेपी के साथ आएंगे और बीजेपी की सरकार बन जाएगी, लेकिन निर्दलीय विधायकों की सूची में एक नाम गोपाल कांडा का भी था जिनपर कई अपराधिक मामलों में कोर्ट में मुकदमा चल रहा है. इसकी जानकारी जब बीजेपी के वरिष्‍ठ नेताओं को मिली तो उन लोंगों ने भी विरोध जाहिर किया. उस समय उमा भारती गंगा प्रवास पर थी, उन्‍होंने भी सोशल मीडिया पर विरोध जाहिर किया और शाम तक आते-आते यह साफ हो गया कि बीजेपी निर्दलीय विधायकों के साथ मिलकर सरकार नहीं बनाएगी. उधर जननायक जनता पार्टी ने बीजेपी के साथ सरकार बनाने को तैयार हो गई और हरियाणा में पहली बार बीजेपी गठबंधन की सरकार बनी. लेकिन महाराष्‍ट्र में बीजेपी-शिवसेना को बहुमत मिलने के बाद भी सरकार नहीं बन पाई.

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महाराष्‍ट्र (Maharashtra Politics) के चुनाव परिणाम आने के बाद शिवसेना ने मुख्‍यमंत्री पद की मांग शुरू कर दी. शिवसेना की ओर से यह बताया गया कि चुनाव से पहले बीजेपी ने ढ़ाई-ढ़ाई साल मुख्‍यमंत्री पर सहमति दी थी लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद बीजेपी अपने वादे से मुकर गई. बीजेपी की ओर से भी बात बनने की उम्‍मीद थी लेकिन यह उम्‍मीद उस समय समाप्‍त हो गया जब बीजेपी की ओर से राज्‍यपाल को यह सूचित किया गया कि बीजेपी सरकार बनाने में असमर्थ है.

इधर केंद्र की मोदी सरकार में शामिल शिवसेना का एकमात्र मंत्री अरविंद सावंत ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्‍तीफा दे दिया और शिवसेना ने एनडीए से हटने की घोषणा कर दी. इसके बाद शिवसेना ने एनसीपी से संपर्क किया और यह संकेत मिला कि वह समर्थन दे सकती है. हालांकि शिवसेना राज्‍यपाल को किसी भी दल का समर्थन पत्र देने में नाकाम रहा लेकिन राज्‍यपाल से और समय दिए जाने की मांग की. राज्‍यपाल ने उनकी मांग को ठुकरा दिया. 

जब तक कांग्रेस सरकार में शामिल नहीं होती तब तक NCP भी शिवसेना के साथ नहीं जाएगी: सूत्र

इस बीच शिवसेना को समर्थन दिए जाने को लेकर कांग्रेस की दिनभर बैठक होते रही लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. सूत्रों के हवाले से यह खबर आई कि कांग्रेस सरकार को बाहर से समर्थन देने को तैयार है लेकिन इसकी घोषणा नहीं की गई. एनसीपी के साथ भी कांग्रेस की बैठक को लेकर खबर आई लेकिन यह स्‍पष्‍ट नहीं हुआ कि ताजा स्‍थ‍िति क्‍या है. आज एनसीपी विधायकों की बैठक हो रही है जिसके बाद सरकार बनाने को लेकर एनसीपी की स्‍थ‍िति स्‍पष्‍ट हो जाएगी. फिलहाल महाराष्‍ट्र में सरकार गठन का मामला अधर में लटका हुआ है.

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महाराष्ट्र में दलगत स्थिति-

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आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं. बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर बहुमत का 145 का आंकड़ा पार कर लिया था. लेकिन शिवसेना ने 50-50 फॉर्मूले की मांग रख दी जिसके मुताबिक ढाई-ढाई साल सरकार चलाने का मॉडल था. शिवसेना का कहना है कि बीजेपी के साथ समझौता इसी फॉर्मूले पर हुआ था लेकिन बीजेपी का दावा है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ. इसी लेकर मतभेद इतना बढ़ा कि दोनों पार्टियों की 30 साल पुरानी दोस्ती टूट गई.

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