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कौन हैं महाराष्ट्र के नए 'किंगमेकर' अजित पवार? 

अजित पवार (Ajit Pawar) की सियासी कर्मभूमि बारामती है, जहां शरद पवार ने भी राजनीति का ककहरा सीखा था. अजित पवार यहां से 1991 से अब तक 7 बार विधायक चुने गए हैं.

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खास बातें

  1. अजित पवार, एनसीपी चीफ शरद पवार के भतीजे हैं
  2. वे बारामती से सात बार विधायक रह चुके हैं
  3. अजित अपने प्रशंसकों के बीच दादा के नाम से चर्चित हैं
नई दिल्ली :

महाराष्ट्र (Maharashtra) की सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ. बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने दोबारा सीएम पद की शपथ ले ली है. वहीं, एनसीपी नेता अजित पवार (Ajit Pawar) ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है. सुबह करीब आठ बजे राजभवन में राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी ने दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. आपको बता दें कि आज सुबह तक महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात कही जा रही थी. तीनों दल उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने पर सहमत भी हो गए थे और चर्चा थी कि आज औपचारिक तौर पर वे राज्यपाल से मिलकर दावा पेश करते, लेकिन इसी बीच अजित पवार 'किंगमेकर' बनकर उभरे और राज्य का सियासी समीकरण बदल गया. 

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अजित पवार (Ajit Pawar) शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे हैं. उनका जन्म 22 जुलाई 1959 को हुआ था. अजित के पिता अनंतराव मशहूर फिल्म निर्देशक वी. शांताराम के साथ काम कर चुके हैं और वे चाहते थे कि अजित भी फिल्म इंडस्ट्री में अपना करियर बनाएं, लेकिन उन्होंने (अजित पवार ने) अपने चाचा शरद पवार की राह चुनी और उनके नक्शे-कदम पर चलते हुए साल 1982 में राजनीति में प्रवेश किया और कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री के बोर्ड में चुने हुए. वह पुणे जिला कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन भी रहे. इसी दौरान बारामती से लोकसभा सांसद भी निर्वाचित हुए, बाद में उन्होंने शरद पवार के लिए यह सीट खाली कर दी थी.

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7 बार रह चुके हैं विधायक 
अजित पवार की सियासी कर्मभूमि बारामती है, जहां शरद पवार ने भी राजनीति का ककहरा सीखा था. अजित पवार यहां से 1991 से अब तक 7 बार विधायक चुने गए हैं. साल 2010 में कांग्रेस-एनसीपी की सरकार में अजित पवार पहली बार महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री बने. हालांकि सितंबर 2012 में एक घोटाले के चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन बाद में एनसीपी ने एक श्वेत पत्र जारी किया और कहा कि अजित पवार बेदाग हैं. 

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विवादों से भी रहा है नाता 
अजित पवार (Ajit Pawar) का विवादों से भी नाता रहा है. उनका नाम महाराष्ट्र में 1500 करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले से भी जुड़ा और वे इस मामले में आरोपी हैं. साल 2013 में अजित पवार की उनके एक बयान की वजह से काफी आलोचना की गई थी. दरअसल, अजित पवार ने सूखे को लेकर 55 दिनों तक उपवास करने वाले कार्यकर्ता पर विवादित टिप्पणी की थी. बाद में अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी. इसी तरह उनपर साल 2014 में बारामती में ग्रामीणों को धमकाने का भी आरोप लगा. दरअसल, 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अजित पवार अपनी चचेरी बहन सुप्रिया सुले के लिए प्रचार करने एक गांव में गए थे. यहां उन्होंने कथित तौर पर ग्रामीणों को धमकाया और सुले को वोट न देने की स्थिति में पानी की सप्लाइ कटवाने की भी धमकी दी देंगे. 

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चाहने वालों के बीच 'दादा' के नाम से हैं चर्चित  
कॉमर्स में ग्रेजुएट अजित पवार अपने चाहने वालों के बीच 'दादा' के रूप में लोकप्रिय हैं. उन्होंने सोशल इंटरप्रिन्योर सुनेत्रा से शादी की है और उनके दो बच्चे हैं. कहा जाता है कि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा ही पर्दे के पीछे से उनका सारा चुनावी कामधाम देखती हैं और रणनीति बनाती हैं. अजित पवार खेती-किसानी के भी जानकार हैं और कई मौकों पर खुद को कृषि विशेषज्ञ भी कहते नजर आए हैं. 

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