उमर अब्दुल्ला ने शेयर किया खुद पर बना Meme, 'क्वारंटाइन के दौरान सैलून भी खुलने चाहिए'

दुनिया के साथ-साथ भारत में भी कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है. 180 से ज्यादा देशों में फैल चुका यह वायरस अब तक 27,000 से ज्यादा जानें ले चुका है. करीब पांच लाख लोग इससे संक्रमित हैं.

उमर अब्दुल्ला ने शेयर किया खुद पर बना Meme, 'क्वारंटाइन के दौरान सैलून भी खुलने चाहिए'

उमर अब्दुल्ला 232 दिनों तक अपने घर में नजरबंद रहे थे. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • हाल ही में रिहा हुए हैं उमर अब्दुल्ला
  • हाउस अरेस्ट में 232 दिन रहे उमर
  • फारुक अब्दुल्ला भी हो चुके हैं रिहा
श्रीनगर:

दुनिया के साथ-साथ भारत में भी कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है. 180 से ज्यादा देशों में फैल चुका यह वायरस अब तक 27,000 से ज्यादा जानें ले चुका है. करीब पांच लाख लोग इससे संक्रमित हैं. भारत में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 873 पहुंच गई है. पिछले 24 घंटे में इसके 149 नए मामले सामने आए हैं. देश में अभी तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि 79 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं. देश के सभी राज्यों से इसके मरीज सामने आ रहे हैं. इससे बचाव के चलते देश में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया गया है. सभी राज्यों की पुलिस सख्ती से इसका पालन करवा रही है. राज्यों में कुछ घंटों के लिए आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है. अन्य सभी दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं. इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने ट्विटर पर खुद पर बना एक मीम शेयर किया है.

उमर अब्दुल्ला ने कार्टून लुक में बनी अपनी एक तस्वीर को शेयर किया है. उसके साथ एक दूसरी पोस्ट में लिखा है, 'सरकार को आवश्यक सेवाओं में सैलून शॉप को भी जोड़ना चाहिए, नहीं तो क्वारंटाइन के बाद हर घर में एक उमर अब्दुल्ला होगा.' दरअसल यह मीम उमर अब्दुल्ला के लुक पर बना है. हाल ही में वह नजरबंदी से रिहा हुए हैं. वह पिछले 232 दिनों से अपने घर पर नजरबंद थे. इस दौरान उन्होंने अपनी दाढ़ी नहीं कटवाई और जब उनकी पहली तस्वीर सामने आई तो वह बिल्कुल अलग लुक में नजर आए थे. बढ़ी हुई दाढ़ी की वजह से उमर पहचान में भी नहीं आ रहे थे. उस समय उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही थी.

बताते चलें कि पिछले साल 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया गया था. राज्य में कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्य के सभी शीर्ष नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया था. इसी महीने उमर अब्दुल्ला से पहले उनके पिता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) को रिहा किया गया था. राज्य की एक और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) को अभी तक रिहा नहीं किया गया है. हाल ही में उनकी पार्टी से राज्यसभा सांसद नजीर अहमद लावे (Najeer Ahmed Lave) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से मुलाकात की थी और पीएम से घाटी के सभी नेताओं को रिहा करने की गुजारिश की थी. पीएम ने लावे को सभी नेताओं को जल्द रिहा किए जाने का आश्वासन दिया था.

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