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अगर आप भी टॉयलेट में फोन का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपको पढ़ना जरूरी है

माइक्रोबायलोजिस्ट प्रोफेसर सैली ब्लूमफील्ड कहती हैं कि ज़्यादातर लोगों को ये लगता है कि सबसे अधिक गंदगी और किटाणु टॉयलेट बाउल और फ़र्श पर होते हैं.

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अगर आप भी टॉयलेट में फोन का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपको पढ़ना जरूरी है

बाथरूम में फोन का इस्तेमाल करने से हो सकती हैं कई बीमारियां.

खास बातें

  1. दरवाज़े पर ही उतार देने चाहिए जूते, नहीं तो हो सकती हैं बिमारियां.
  2. गंदे रिमोट से हो सकती है बिमारियां.
  3. वॉशरूम में फोन का इस्तेमाल करने से होती हैं बिमारियां.
नई दिल्ली: क्या आप भी बाथरूम में मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं? अगर आपका जवाब हां है तो बता दें, आपके लिए ये खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसा करके आप कई घातक बिमारियों को दावत दे रहे हैं. ऐसा हम नहीं बल्कि, News.com.au की ये रिपार्ट कह रही है. माइक्रोबायलोजिस्ट प्रोफेसर सैली ब्लूमफील्ड कहती हैं कि ज़्यादातर लोगों को ये लगता है कि सबसे अधिक गंदगी और किटाणु टॉयलेट बाउल और फ़र्श पर होते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है इसके अलावा भी बहुत सारी चीज़ें हैं, जिसकी वजह से हम अकसर बीमारियों से घिरे रहते हैं. अगर आप स्वस्थ्य रहना चाहते हैं, तो आपको अपनी इन 5 आदतों में तुरंत बदलाव लाना चाहिए.

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वॉशरूम में फ़ोन का इस्तेमाल करना
भले ही टॉयलेट के अंदर सेल फ़ोन यूज़ करने में आपको सहूलियत नज़र आती हो, लेकिन हक़ीकत ये है कि ऐसा करके आप अपनी हेल्थ के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं. लंडन मेट्रोपोलिटिन यूनिवर्सिटी के डॉक्टर पॉल मेटेवेले कहते हैं कि टॉयलेट में बैठने से लेकर हैंड वॉश करने तक के बीच में फ़ोन यूज़ बेहद ख़तरनाक साबित हो सकता है.

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टॉयलेट सीट, नल, हैंडल्स और सिंक में ई कोली नामक किटाणु पाए जाते हैं, जिससे यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) और आंतों से संबंधित गंभीर समास्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. इसके परिणाम स्वरूप आप डायरिया और एसिनटोबैक्टर यानि, श्वसन से संबंधित बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं.

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हैंडबैग साफ न करना
हैंडबैग और पर्स लगातार हमारे टच में रहते हैं, जिसके कारण हमारा बैग नोरोवायरल, MRSA और ई कोली नामक ख़तरनाक किटाणुओं से लिप्त रहता है. इन किटाणुओं से होने वाली बीमारी से बचने के लिए, आपको रोज़ाना बैग को एंटीबायोटिक क्लॉथ से अंदर और बाहर दोनों तरफ़ से साफ़ करना चाहिए.
 
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दरवाजे पर ही उतार देने चाहिए जूते
एक रिसर्च के मुताबिक, 39.7 प्रतिशत जूतों में C.diff नाम का किटाणु पाया जाता है, जो डायरिया जैसी घातक बीमारी को जन्म देता है. Dr Matewele का मानना है कि C.diff अगर गलती से भी किसी शख़्स के शरीर के अंदर प्रवेश कर जाए, तो उसे गंभीर बिमारी हो सकती है. इसलिए कमरे के अंदर प्रवेश करने से पहले जूतों को बाहर ही उतार देना चाहिए, साथ ही ट्रैवल करते वक़्त जूतों को किसी कपड़े में लपेट कर बैग में रखना चाहिए.
 
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गंदे रिमोट से हो सकती है बिमारियां
Dr Matewele का मानना है कि क्योंकि रिमोट घर के किसी भी हिस्से में पड़ा रहता है, इसलिए इसमें उसमें E. coli सहित कई किटाणुओं के होने की संभावना होती है. रिमोट का इस्तेमाल करने से पहले उसे अच्छी तरह से साफ़ कर लेना चाहिए.

स्पंज को ठीक से साफ न करना
घर की और बर्तनों की साफ़-सफ़ाई के लिए स्पंज बेहद उपयोगी चीज़ है, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि स्पंज के कारण कई सूक्ष्म जीवाणुओं का जन्म होता है. हमेशा नम वातावरण में रखे रहने के कारण स्पंज को सूक्ष्म जीवों के प्रजनन का आधार माना है. इन किटाणुओं से बचने के लिए हर एक महीने बाद स्पंज बदल देना चाहिए, साथ ही इस्तेमाल करने से पहले इसे गर्म पानी से साफ़ कर लेना चाहिए.

माइक्रोबायलोजिस्ट प्रोफेसर सैली ब्लूमफील्ड का मानना है कि इन आदतों को बदलने के अलावा आपको कुछ और बातों का भी ध्यान रखना चाहिए, जैसे नियमित रूप से अच्छी तरह हैंडवॉश करना, अपने आस-पास साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखना. अगर आप इन आदतों को अपनाते हैं, तो स्वस्थ्य और सुरक्षित रहेंगे.


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