लॉकडाउन में घर में बैठे लोगों के लिए सौरभ शुक्ला जैसे हस्तियों ने फेसबुक लाइव से शेयर किए अपने अनुभव

कोरोनावायरस के चलते देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन देशभर में लागू है.ऐसे में सेलेब्स जहां एक ओर सोशल अकाउंट्स के जरिए अपने अनुभव साझा कर रहे हैं तो वहीं लेखक भी इससे इतर नहीं.

लॉकडाउन में घर में बैठे लोगों के लिए सौरभ शुक्ला जैसे हस्तियों ने फेसबुक लाइव से शेयर किए अपने अनुभव

बॉलीवुड एक्टर सौरभ शुक्ला- फाइल फोटो

नई दिल्ली:

कोरोनावायरस के चलते देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन देशभर में लागू है. लोग अपने घरों में कैद हैं और सोशल मीडिया का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में सेलेब्स जहां एक ओर सोशल अकाउंट्स के जरिए अपने अनुभव साझा कर रहे हैं तो वहीं लेखक भी इससे इतर नहीं. सोशल मीडिया पर फेसबुक लाइव के जरिए किस्से, कहानियों और गीतों से लेखक मनोरंजन कर रहे हैं. बॉलीवुड एक्टर सौरभ शुक्ला, गीतकार स्वानंद किरकिरे, इतिहासकार पुष्पेश पंत आदि लोग भी फेसबुक लाइव के जरिए लॉकडाउन के दौरान अपने अनुभवों को साझा किया.

राजकमल प्रकाशन समूह के फेसबुक लाइव पर गीतकार स्वानंद किरकिरे आए तो लोगों ने गानों की फरमाइश की. फरमाइश पूरी करते हुए उन्होंने 'ओ री चिरइयां, खोया खोया चांद जैसे गानों को गुनगुनाया. स्वानंद ने कहा कि इस समय अपना ध्यान रखिए, मस्त रहिए और खूब पढ़िए.'' वहीं मशहूर एक्टर सौरभ शुक्ला ने कहा, उनका मन बात करने को तरसता है. उन्होंने समूह के फेसबुक पेज से लाइव बातचीत में कहा कि इस क्वारंटाइन में एक ही चीज़ खलती है कि कोई बात करने को नहीं मिलता. इसलिए राजकमल ने जब मुझे मौका दिया बात करने का तो मैं फौरन इसके लिए राज़ी हो गया. उन्होंने यह भी कहा कि वो कॉफी कभी बना नहीं पाते थे, और इस लॉकडाउन में कॉफी बनाना सीख लिया है.

लंदन से लेखिका अनुराधा बेनीवाल ने जुड़कर वहां के लॉकडाउन के हाल साझा किया. उन्होंने बताया कि लंदन में आप किस समय घरेलू सामान लेने बाहर जा सकते हैं और क्या-क्या चीज़ें हैं जो आसानी से मिल रही हैं. उन्होंने अपनी किताब ‘आज़ादी मेरा ब्रांड' से कुछ हिस्सा पढ़कर सुनाया. अनुराधा फिलहाल फेसबुक लाइव के जरिए चेस सिखाने का काम भी कर रही हैं.

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साहित्यकार और खान-पान विशेषज्ञ पुष्पेश पंत अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि पहाड़ी होने के नाते मुझे ठंड के चार-पांच महीने घर में बंद रहकर बिताने का अनुभव है. जब बाहर बहुत ठंड होती थी और बर्फ़ पड़ती थी. कहीं आ जा नहीं सकते थे. कुछ-कुछ ऐसा ही है यह 21 दिन का लॉकडाउन या एकांतवाश. पुष्पेश राजकमल प्रकाशन के फेसबुक पेज पर लाइव आकर शानदार व्यंजनों और उसनी विविधताएं लोगों से साझा किया. साहित्यकार हृषीकेश सुलभ ने राजकमल के फेसबुक लाइव पर अपने नए उपन्यास ‘अग्निलीक' से अंश पढ़ा. फिल्म निर्देशक अविनाश दास ने भोजपुरी और मैथिली के गीत सुनाकर, सुनने वालों का मन मोह लिया. उन्होंने प्रकाश उदय की नई किताब अरज निहोरा से कई भोजपुरी गीत गाकर सुनाए.

विदेश से भी लोग फेसबुक लाइव के जरिए विनोद कुमार शुक्ल की कहानी सुन रहे हैं. कुंवर नारायण की कविताएं, चर्चित साहित्यकारों जैसे गीतांजलि, शिवमूर्ति, अल्पना मिश्र से उपन्यास पाठ सुन रहे हैं. लेखक गिरिन्द्रनाथ झा से गांव-घर के किस्से, दास्तानगो हिमांशु वाजपेयी से शहरों के किस्से सुन रहे हैं. राजकमल प्रकाशन समूह के प्रबंध निदेशक अशोक महेश्वरी का कहना है कि लोगों का घर पर रहना जरूरी है तभी हम महामारी की इस लड़ाई में जीत हासिल कर सकते हैं. राजकमल प्रकाशन समूह अपने फेसबुक पेज पर एक दिन पहेल लेखकों की सूची तैयार कर उनके नाम और उनका समय साझा कर देता है ताकि लोगों को इसकी जानकारी सही समय पर मिल सके.