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बुंदेलखंड की सभी सीटों पर कब्जा जमाने वाली BJP का इस बार सपा-बसपा कैसे खराब कर सकती हैं खेल, आंकड़ों से समझें

बुंदेलखंड (Bundelkhand Region) की बात करें तो पिछली बार बीजेपी ने सभी 4 लोकसभा सीटों पर कब्जा जमाया था, लेकिन इस बार यहां बीजेपी की राह आसान नहीं दिख रही है. एक तरफ सपा-बसपा गठबंधन उसे कड़ी चुनौती दे रहा है, तो वहीं कांग्रेस लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है.  

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बुंदेलखंड की सभी सीटों पर कब्जा जमाने वाली BJP का इस बार सपा-बसपा कैसे खराब कर सकती हैं खेल, आंकड़ों से समझें

इस बार बुंदेलखंड (Bundelkhand Region) में बीजेपी का राह आसान नहीं दिख रही है.

खास बातें

  1. पिछली बार बीजेपी ने सभी 4 सीटें जीती थीं
  2. लेकिन इस बार बुंदेलखंड में राह आसान नहीं है
  3. इस बार मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है
नई दिल्ली :

केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपनी वापसी के लिए जोरशोर से प्रयास रह रही है. देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश पर पार्टी का खास ध्यान है, जहां पिछली बार 80 में से रिकॉर्ड 71 सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि इस बार यूपी में बीजेपी की राह 2014 जितनी आसान नहीं दिख रही है. पिछली बार जहां भाजपा 'मोदी लहर' के रथ पर सवार थी, तो इस बार स्थिति वैसी नहीं है. 2014 के बाद हुए यूपी के उप चुनावों में बीजेपी को झटका लग चुका है. वहीं, इस बार सपा-बसपा गठबंधन भी मजबूती से मैदान में खड़े नजर आ रहे हैं. यूपी के हिस्से वाले बुंदेलखंड (Bundelkhand Region) की बात करें तो पिछली बार बीजेपी ने सभी 4 लोकसभा सीटों पर कब्जा जमाया था, लेकिन इस बार यहां बीजेपी की राह आसान नहीं दिख रही है. एक तरफ सपा-बसपा गठबंधन उसे कड़ी चुनौती दे रहा है, तो वहीं कांग्रेस लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है.  

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2014 की बात करें तो बीजेपी को सभी 4 लोकसभा सीटों पर कुल 19,19,551 वोट मिले थे, जबकि सपा और बसपा (दोनों को मिलाकर) को 18,21,027 मत मिले थे. यानी भाजपा को सपा-बसपा के मुकाबले सिर्फ 98,488 वोट ही ज्यादा मिले थे. इससे साफ है कि इस बार सपा-बसपा का गठबंधन भाजपा के लिए खतरे की घंटी बन गया है. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड में सात जिले बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी और ललितपुर हैं. इन सात जिलों में चार लोकसभा सीटें बांदा-चित्रकूट, महोबा-हमीरपुर-तिंदवारी, उरई-जालौन व झांसी-ललितपुर हैं. यहां 19 विधानसभा सीटें हैं. अभी सभी 4 लोकसभा व 19 विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कब्जा है. 

कांग्रेस की वजह से त्रिकोणीय मुकाबला 

पिछली बार इस क्षेत्र में कांग्रेस का कोई खास वजूद नहीं था. लेकिन अबकी बार प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में उतरने से कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता भी एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं. वे कांग्रेस के उम्मीदवारों के लिए जोरशोर से कैंपेनिंग कर रहे हैं. खासकर, भाजपा खेमे में जा चुके दलितों में गैर जाटव और पिछड़ों में गैर यादव बिरादरी के मतों में सेंधमारी करने में जुट गए हैं. ऐसे में लड़ाई दिलचस्प होती दिख रही है. कांग्रेस की वजह से यहां 'त्रिकोणीय' मुकाबला होता दिख रहा है. 

सपा-बसपा कैसे बिगाड़ सकती हैं बीजेपी का खेल 

2014 के लोकसभा चुनाव में बांदा-चित्रकूट से भाजपा उम्मीदवार भैरों प्रसाद मिश्रा को 3,42,066 मत मिले थे, जबकि बसपा के आर.के. सिंह पटेल (अब भाजपा विधायक मानिकपुर) को 2,26,278 और सपा के बाल कुमार पटेल को 1,89,730 मत. वहीं, महोबा-हमीरपुर-तिंदवारी सीट पर भाजपा के पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल को 4,52,929 मत मिले थे, जबकि सपा के विशंभर प्रसाद निषाद (राज्यसभा सदस्य) को 1,87,095 और बसपा को 1,76,360 मत मिले थे. इसी तरह उरई-जालौन सीट पर भाजपा के भानुप्रताप सिंह वर्मा को 5,48,631, बसपा के बृजलाल खाबरी को 2,61,429 और सपा के घनश्याम अनुरागी को 1,80,921 मत मिले थे. झांसी-ललितपुर सीट पर भाजपा की उमा भारती को 5,75,889 मत, सपा के चंद्रपाल सिंह यादव को 3,85,422 और बसपा को 2,13,792 मत मिले थे. इस प्रकार सभी चार लोकसभा सीटों पर भाजपा को 19,19,515 और सपा-बसपा को 18,21,027 मत मिले थे. यानी इन दोनों दलों (सपा व बसपा) से भाजपा को 98,488 मत ज्यादा मिले थे.  

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इस बार ये उम्मीदवार हैं चुनावी मैदान में 

सपा ने बांदा-चित्रकूट से इलाहाबाद के भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्त को व झांसी-ललितपुर से श्यामसुंदर सिंह यादव को चुनाव मैदान में उतारा है. तो वहीं बसपा ने महोबा-हमीरपुर से ठाकुर दिलीप कुमार सिंह को और उरई-जालौन से अजय सिंह पंकज (जाटव) पर भरोसा जताया है. कांग्रेस ने बांदा-चित्रकूट से ददुआ के भाई व मिर्जापुर से सपा के पूर्व सांसद बालकुमार पटेल को टिकट दिया है, जबकि महोबा-हमीरपुर-तिंदवारी से प्रीतम सिंह लोधी 'किसान' पर दांव लगाया है. इसी प्रकार कांग्रेस ने उरई-जालौन में बसपा के पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी और झांसी-ललितपुर से पूर्व मंत्री और जन अधिकार मंच (पार्टी) के अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा के भाई शिवशरण सिंह कुशवाहा एड. (बांदा निवासी) को चुनावी समर में उतारा है. भाजपा ने महोबा-हमीरपुर से अपने मौजूदा सांसद पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल व उरई-जालौन से सांसद भानुप्रताप सिंह वर्मा को फिर से टिकट दिया है.

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उत्तर प्रदेश में 80 सीटें, 7 चरणों में मतदान
11 अप्रैल : गौतमबुद्ध नगर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, सहारनपुर
18 अप्रैल : अलीगढ़, अमरोहा, बुलंदशहर, हाथरस, मथुरा, आगरा, फतेहपुर सीकरी, नगीना
23 अप्रैल : मुरादाबाद, रामपुर, संभल, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला, बरेली, पीलीभीत
29 अप्रैल : शाहजहांपुर, खेड़ी़, हरदोई, मिश्रिख, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा, कनौज, कानपुर, अकबरपुर, जालौन, झांसी, हमीरपुर
6 मई : फिरोजाबाद, धौरहरा, सीतापुर, माेहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, बहराइच, कैसरगंज, गोंडा
12 मई : सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, प्रयागराज, अंबेडकर नगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संत कबीर नगर, लालगंज, आजमगढ़, जौनपुर, मछलीशहर, भदोही
19 मई : महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सालेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज (इनपुट- IANS से भी) 

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