ममता बनर्जी ने IAS अधिकारियों के ट्रांस्फर के खिलाफ EC को लिखी चिट्ठी, बंगाल बीजेपी अध्यक्ष ने उड़ाया मजाक

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिख कर पुलिस आयुक्तों समेत चार आईपीएस अधिकारियों के ट्रांस्फर के खिलाफ विरोध जताया.

ममता बनर्जी ने IAS अधिकारियों के ट्रांस्फर के खिलाफ EC को लिखी चिट्ठी, बंगाल बीजेपी अध्यक्ष ने उड़ाया मजाक

Mamata Banerjee की चिट्ठी का बीजेपी ने दिया जवाब

नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिख कर कोलकाता और बिधाननगर पुलिस आयुक्तों समेत चार आईपीएस अधिकारियों के ट्रांस्फर के खिलाफ विरोध जताया. उन्होंने पत्र में कहा कि चुनाव आयोग का फैसला 'दुर्भाग्यपूर्ण', अत्यंत मनमाना, प्रेरित और 'पक्षपातपूर्ण' है और बीजेपी के इशारे पर किया गया है. चिट्ठी में कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने पर क्या आयोग इसकी जिम्मेदारी लेगा?' उन्होंने चुनाव आयोग से जांच भी शुरू करने को कहा ताकि यह पता चल सके कि कैसे और किसके निर्देश के तहत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के ट्रांस्फर का फैसला लिया गया. 

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बनर्जी ने अपने पत्र में कहा कि मेरी यह दृढ़ सोच है कि भारत में लोकतंत्र बचाने में चुनाव आयोग की निष्पक्ष भूमिका है. लेकिन यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुझे आज यह पत्र लिखकर चुनाव आयोग की तरफ से जारी पांच अप्रैल 2019 के स्थानांतरण आदेश के खिलाफ विरोध जाहिर करना पड़ रहा है जिसके जरिए चार वरिष्ठ अधिकारियों को उनके मौजूदा पदों से हटाया गया' पत्र में कहा गया किआयोग का फैसला बेहद मनमाना, प्रेरित एवं पक्षपातपूर्ण है। हमारे पास यह यकीन करने के सारे कारण हैं कि आयोग का फैसला केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी, भाजपा, के इशारे पर लिया गया.     

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वहीं इस पर पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने शनिवार को चार आईपीएस अधिकारियों के तबादले पर चुनाव आयोग को पत्र लिखने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मजाक उड़ाया और दावा किया कि कई और तबादले जल्द होने वाले हैं. घोष ने कहा कि यह केवल शुरुआत है. इस तरह के ट्रांस्फर की कई और सूची पाइपलाइन में है. मुख्यमंत्री इतनी गुस्साई क्यों है? क्या यह इसलिए है क्योंकि उनकी वोटों की लूट और धांधली में लिप्त होने में मदद करने के लिए पुलिस की योजना धराशाई हो गई है.