NDTV Khabar

आरपीएन सिंह: कई बार लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन एक बार ही मिली जीत, जानिए कैसा है कांग्रेस के इस नेता का सफर..

कुंवर रतनजीत प्रताप नारायण सिंह(आरपीएन सिंह) को यूपी के पडरौना का राजा साहेब कहा जाता है. वह इसी नाम से प्रसिद्ध हैं. पडरौना बहुत प्रसिद्ध जगह है, यहां भगवान बुद्ध ने आखिरी बार भोजन किया था और भगवान राम ने भी कुछ दिन बिताए थे.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
आरपीएन सिंह: कई बार लोकसभा चुनाव लड़े लेकिन एक बार ही मिली जीत, जानिए कैसा है कांग्रेस के इस नेता का सफर..

खास बातें

  1. कई लोकसभा चुनावों में मिली हार
  2. पडरौना से 3 बार रहे कांग्रेस विधायक
  3. राजा साहेब नाम से मशहूर हैं आरपीएन
नई दिल्ली:

कुंवर रतनजीत प्रताप नारायण सिंह (आरपीएन सिंह) को यूपी के पडरौना का राजा साहेब कहा जाता है. वह इसी नाम से प्रसिद्ध हैं. पडरौना बहुत प्रसिद्ध जगह है, यहां भगवान बुद्ध ने आखिरी बार भोजन किया था और भगवान राम ने भी कुछ दिन बिताए थे. यह क्षेत्र यूपी के कुशीनगर जिले के अंदर आता है. आरपीएन सिंह 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस (Congress) की टिकट पर कुशीनगर से ही ताल ठोंक रहे हैं. आरपीएन सिंह (RPN SINGH) का जन्म 25 अप्रैल 1964 को दिल्ली में हुआ था. वह कुशीनगर के क्षत्रिय परिवार से हैं. 2002 में उन्होंने पत्रकार सोनिया सिंह से शादी की. आरपीएन और सोनिया के तीन बेटियां हैं. आरपीएन के पिता कुंवर सीपीएन सिंह कुशीनगर से सांसद थे. वह 1980 में इंदिरा गांधी कैबिनेट में रक्षा राज्यमंत्री भी रहे.

ये भी पढ़ें: यूपी में गठबंधन पर कांग्रेस ने कहा: जाल में फंसी SP-BSP, इन्होंने वही किया जो BJP चाहती थी


कैसा है सियासी सफर

कुंवर रतनजीत प्रताप नारायण सिंह पडरौना से 3 बार कांग्रेस विधायक रहे हैं. वह 1996, 2002 और 2007 में कांग्रेस से विधायक रहे. 2009 में वह लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने. यूपीए सरकार में उन्होंने गृह राज्यमंत्री का पद भी संभाला. वह कई बार लोकसभा का चुनाव लड़े हैं लेकिन उन्हें केवल एक बार ही जीत मिली है. उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव 1996 में लड़ा था लेकिन बीजेपी के रामनगीना मिश्रा से उन्हें हार मिली थी. फिर भी वह कांग्रेस के चहेते नेताओं में से एक हैं. वह कांग्रेस की राष्ट्रीय टीम का भी हिस्सा रहे हैं. जब 2009 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था तब मनमोहन सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया था. वह पेट्रोलियम, राजमार्ग और भूतल परिवहन मंत्री भी रहे हैं. उन्हें कांग्रेस ने झारखंड का प्रदेश प्रभारी भी बनाया. 

ये भी पढ़ें: सेना का राजनीतिकरण खुद बीजेपी कर रही, कांग्रेस पर आरोप झूठे : आरपीएन सिंह

रतनजीत प्रताप नारायण सिंह अक्सर चर्चा में रहते हैं. कुशीनगर में चुनाव प्रचार के दौरान वह जलेबी बनाते हुए देखे गए थे. एक मेले के दौरान आरपीएन ने जब यह किया तो वहां मौजूद लोग देखते ही रह गए. जब आरपीएन से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि जब वह कर सकता है तो मैं क्यों नहीं. वहीं अपने चुनावी हलफनामे में आरपीएन ने अपनी संपत्ति तेरह करोड़ इकतालीस लाख चालीस हजार बताई है. उनकी पत्नी के पास दस करोड़ पचास लाख रुपए की संपत्ति है. आरपीएन के पास कुल 24 लाख रुपए के गहने भी हैं. उनकी पत्नी 31 लाख रुपए के गहनों की मालकिन हैं. आरपीएन ने बताया कि उनकी आय का जरिया कृषि है वहीं उनकी पत्नी की आय का जरिया पत्रकारिता है.  

टिप्पणियां

Video: अमेठी में राहुल और प्रियंका ने साझा किया मंच


 



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement