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भारत बंद : मध्यप्रदेश के गृह मंत्री का आरोप, हिंसा के पीछे कांग्रेस का हाथ

कांग्रेस ने कहा सबूत हैं तो सरकार कार्रवाई करे, दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश में हिंसा में आठ लोगों की मौत हुई

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भारत बंद : मध्यप्रदेश के गृह मंत्री का आरोप, हिंसा के पीछे कांग्रेस का हाथ

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. गृह मंत्री का आरोप, इनपुट हैं कि मूवमेंट को गाइड किया
  2. पुलिस ने बीएसपी से बीजेपी में आए नेता को गिरफ्तार किया
  3. कांग्रेस ने कहा, अपनी असफलता कांग्रेस पर थोप रहे
भोपाल: दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान मध्यप्रदेश में फैली हिंसा मे आठ लोगों की मौत हुई. कई जगहों पर तोड़फोड़ हुई. हजारों लोग गिरफ्तार हुए, कई लोगों से पूछताछ हो रही है. इस पूरे मामले में राज्य के गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने हिंसा फैलाने का बड़ा आरोप कांग्रेस पर लगाते हुए कहा है कि उनके पास इसके पुख्ता सबूत भी हैं..वहीं कांग्रेस का कहना है कि सबूत हैं तो सरकार कार्रवाई करे.
      
मध्यप्रदेश के गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा चेहरे पीछे से थे, इसमें पूरी तरह से कांग्रेस के लोगों का षड्यंत्र था. कांग्रेस चाहती है हिंसा हो जिससे प्रदेश का वातावरण बिगड़े. जब हमने पूछा उनके पास क्या इस बात के सबूत हैं, तो उन्होंने कहा सबूत के आधार पर कह रहा हूं. इनपुट हैं, किन जगहों पर मूवमेंट को गाइड किया है, शांति व्यवस्था बिगड़े.

हालांकि बयान देते वक्त गृहमंत्री शायद भूल गए कि हिंसा फैलाने के लिए पुलिस ने बीएसपी से बीजेपी में आए पूर्व जनपद अध्यक्ष संजू जाटव के पति गजराज जाटव को भी गिरफ्तार किया था.
कांग्रेस का कहना है कि सबूत हैं तो सरकार कार्रवाई करे. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा वे अपनी असफलता कांग्रेस पर थोप रहे हैं. अगर हमने नेपथ्य में रहकर हिंसा फैलाई तो इंटेलिजेंस क्या कर रहा था. भिंड में जाटव उनका कार्यकर्ता नहीं है.

यह भी पढ़ें : भारत बंद हिंसा : छह दलितों की मौत, छह दिन बाद भी आरोपी पहुंच से दूर

हालांकि वाकई मामला सिर्फ हिंसा और प्रतिहिंसा का नहीं है. मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति की आबादी 15.2 फीसदी है. सबसे ज्यादा दलित चंबल इलाके में ही हैं. यह इलाका बहुजन समाज पार्टी का गढ़ भी रहा है. मगर सूबे की अनुसूचित जाति की सीटों पर बीजेपी का दबदबा रहा है. राज्य की 35 रिज़र्व सीटों में से 28 बीजेपी के पास हैं. 47 अनुसूचित जनजाति बहुत सीटों में 32 पर बीजेपी का कब्जा है.

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VIDEO : हिंसा के पीछे की कहानी

शुक्र है दो अप्रैल को सियासी नफा-नुकसान के हिंसक खेल से 10 अप्रैल बच गया. वो हिंसा जो बगैर चेहरे के शुरू हुई, उसने 10 अप्रैल को भी सोशल मीडिया पर बंद का आह्ववान किया लेकिन भिंड में कर्फ्यू, 12 जिलों में सोशल मीडिया और 20000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से राज्य शांत रहा. शासन अब पर्दे के पीछे भड़काने वालों को भी ढूंढ रहा है. भोपाल कलेक्टर सुदाम खाडे ने बताया हमने स्पेशल सेल बनाया है जो सारी सूचना को देख रहे हैं. जो जानकारी आ रही है उस पर गंभीरता से लेकर कार्रवाई करेंगे.


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