मणिपुर में BJP सरकार पर संकट टला, अमित शाह से मुलाकात के बाद NPP के बागी विधायकों ने बदला मन

पूर्वोत्तर में बीजेपी के संकटमोचक हेमंत बिस्वा सरमा के साथ आज एनपीपी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की.

मणिपुर में BJP सरकार पर संकट टला, अमित शाह से मुलाकात के बाद NPP के बागी विधायकों ने बदला मन

नौ विधायकों ने इस महीने की शुरुआत में मणिपुर में भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन को छोड़ दिया था. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी मणिपुर में बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार का समर्थन करना जारी रखेगी, असम के मंत्री और पूर्वोत्तर में बीजेपी के संकटमोचक हेमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. जिन विधायकों ने इस महीने की शुरुआत में पूर्वोत्तर राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को छोड़ दिया और इसे पतन के कगार पर ला दिया अचानक से उनका हृदय परिवर्तन हो गया. दिल्ली में भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद वे वापस आ गए हैं.

हेमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट किया, 'संगमा कॉनराड और डिप्टी सीएम वाई जॉय कुमार सिंह के नेतृत्व में एनपीपी के प्रतिनिधिमंडल ने आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. मणिपुर के विकास के लिए बीेजेपी और एनपीपी दोनों ने साथ काम करने का फैसला किया है. '

इसके बाद इस प्रतिनिधिमंडल ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की. हेमंत बिस्वा सरमा ने इसकी जानकारी भी ट्विटर पर दी. ट्वीट में जानकारी वही थी बस नाम बदला हुआ था.

कुछ देर बाद हेमंत बिस्वा सरमा ने इस मुलाकात की तस्वीरें भी साझा कर दी. 



मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की सरकार ने 9 विधायकों की वजह से इस महीने उथल-पुथल मचाई थी. जिनमें मुख्य सहयोगी एनपीपी के चार, भाजपा के तीन, अकेले तृणमूल कांग्रेस के विधायक और निर्दलीय विधायक शामिल थे. एनपीपी विधायकों - जिसमें राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री वाई जॉयकुमार सिंह और कैबिनेट मंत्री एन कायसी, एल जयंत कुमार सिंह और लेटपा हाओकिप शामिल थे, इन्हे आज सुबह दिल्ली लाया गया.

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एनपीपी विधायकों ने कट्टर प्रतिद्वंदी कांग्रेस के साथ हाथ मिलकर सेक्युलर प्रोग्रेसिव फ्रंट के गठन किया था. दरार के लिए भाजपा के उच्च-व्यवहार को दोषी ठहराते हुए, उन्होंने कभी भी अपना मन नहीं बदलने की कसम खाई थी.