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बेनजीर हत्याकांड: फैसले से नाखुश पूर्व राष्ट्रपति जरदारी करेंगे अपील

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) बेनजीर भुट्टो की हत्या मामले में अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करेगी.

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बेनजीर हत्याकांड: फैसले से नाखुश पूर्व राष्ट्रपति जरदारी करेंगे अपील

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. पाक की आतंकवाद रोधी अदालत ने हाल ही में सुनाया था फैसला
  2. पाक अदालत ने तालिबान और अलकायदा आतंकियों को किया था बरी
  3. बेनजीर हत्याकांड में पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ भगोड़ा घोषित हैं
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) बेनजीर भुट्टो की हत्या मामले में अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करेगी. जियो न्यूज के मुताबिक, सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर में ईद उल जुहा की नमाज अदा करने के बाद जरदारी ने अपनी पत्नी की हत्या के मामले में आए फैसले पर नाखुशी जताई. उन्होंने कहा, 'हम इस फैसले से खुश नहीं हैं. हम इसके खिलाफ अपील करेंगे.

यह भी पढ़ें: अदालत ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला रद्द किया

बेटियों के साथ नवाबशाह पहुंचे थे जरदारी
पूर्व राष्ट्रपति शुक्रवार को अपनी बेटियों बख्तावर और असीफा भुट्टो जरदारी के साथ नवाबशाह पहुंचे. सिंध के कानून मंत्री जिया लंजर और अन्य पीपीपी नेताओं ने उनका स्वागत किया. जरदारी ने ईद उल जुहा के अपने संदेश में कहा कि यह अवसर किसी उद्देश्य के लिए बलिदान देने की इच्छा का प्रतीक है. उन्होंने यह भी कहा, 'इस अवसर पर मैं अपने देश के लोगों से उन्हें याद करने का आग्रह करता हूं, जिन्होंने अपनी जिंदगियां कुर्बान कर दीं. हम हृदय से उनके ऋणी हैं.

यह भी पढ़ें: बेनजीर भुट्टो हत्या मामले में पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ भगोड़ा घोषित

VIDEO: मैं बेनजीर का हत्यारा नहीं : मुशर्रफ
मामले में न्याय नहीं हुआ
पीपीपी ने इससे पहले बेनजीर भुट्टो हत्याकांड पर आतंकवाद रोधी अदालत (एटीसी) के फैसले को 'निराशाजनक' करार देते हुए खारिज कर दिया और कहा कि पार्टी फैसले को चुनौती देगी. एटीसी ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या मामले में पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित कर दिया था. मामले के पांच अन्य अभियुक्तों को बरी कर दिया गया, जबकि दो पुलिस अधिकारियों को 17-17 साल की कैद की सजा सुनाई गई. पार्टी ने कहा कि मामले में न्याय नहीं हुआ. पार्टी ने कहा कि सबूतों के बावजूद संदिग्ध अल कायदा और तालिबान आतंवादियों को बरी किया जाना चौंकाने वाला है. यह अलकायदा आतंकवादियों की जीत है.  


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