6 साल की बच्ची ने आंखों पर पट्टी बांध कर सॉल्व की Rubik Puzzle, बनी दुनिया की सबसे कम उम्र की Genius

सारा के पिता चार्ल्स ने कहा, ''सारा ने बहुत ही कम उम्र में एपटीट्यूड सवालों को हल करना शुरू कर दिया था, जिसके बाद जैसे ही हमारा ध्यान सारा की इस योग्यता पर गया तो हमने उसे उचित प्रशिक्षण देना शुरू किया''.

6 साल की बच्ची ने आंखों पर पट्टी बांध कर सॉल्व की Rubik Puzzle, बनी दुनिया की सबसे कम उम्र की Genius

बच्ची ने आंखों पर पट्टी बांध कर 2 मिनट 7 सैकेंड में रूबिक क्यूब सॉल्‍व कर डाला

चेन्नई:

तमिलनाडु की एक छोटी सी बच्ची ने एक ऐसा कारनामा कर दिया है जिसे देख हर कोई हैरान है. इस वजह से इस बच्ची को दुनिया की सबसे छोटी जीनियस का खिताब दिया गया है. सारा नाम की इस 6 साल की बच्ची को तमिलनाडु क्यूब एसोसिएशन ने दुनिया की सबसे छोटी जीनियस के खिताब से नवाजा है. आपको बता दें, सारा ने महज 2 मिनट 7 सैकेंड में आंखें बंद कर के रूबिक्स क्यूब सॉल्व करने का रिकॉर्ड बनाया है. दरअसल, सारा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रही थीं और उसके इस कारनामे को देख सब हैरान रह गए. 

यह भी पढ़ें: चेन्नई एयरपोर्ट पर लगे इस साइन बोर्ड को देखकर हैरान रह गईं बॉलीवुड एक्ट्रेस, बोलीं- 'सच में...'

सारा की इस योग्यता के बारे में बात करते हुए उसके पिता चार्ल्स ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, ''सारा ने बहुत ही कम उम्र में एपटीट्यूड सवालों को हल करना शुरू कर दिया था, जिसके बाद जैसे ही हमारा ध्यान सारा की इस योग्यता पर गया तो हमने उसे उचित प्रशिक्षण देना शुरू किया''. सारा के पिता ने आगे कहा, ''वह पहले ही रिकॉर्ड बना चुकी है और अब वह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रही है. सारा काफी तेजी से पहेलियों और एप्टीट्यूड सवालों को हल कर लेती है. वह केवल यही नहीं कई अन्य तरह की क्यूब पहेलियों को भी हल कर सकती है''. 

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

एएनआई ने अपने ट्विटर हैंडल पर सारा की तस्वीर शेयर की और लिखा, "तमिलनाडु क्यूब एसोसिएशन ने सारा को दुनिया की सबसे छोटी जीनियस घोषित किया है." सारा ने भी एएनआई से बात करते हुए कहा, ''मैं इस ईवेंट का हिस्सा बन कर बेहद खुश हूं''. 

आपको बता दें, रूबिक्स क्यूब को मूल रूप से ''मैजिक क्यूब'' कहा जाता है. यह 3-डी ट्विस्ट पहेली है, जिसका आविष्कार 1974 में हंगरी के मूर्तिकार और आर्किटेक्ट पढ़ाने वाले प्रोफेसर एरनो रूबिक ने किया था.