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अपने देश की 90 सरकारें देखने वाली महिला की मौत

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अपने देश की 90 सरकारें देखने वाली महिला की मौत

29 नवंबर 1899 को पैदा हुई थीं एमा मोरेनो.

कनाडा:

दुनिया के सबसे उम्रदराज महिला की मौत हो गई है. वह 117 साल की थीं. बताया जाता है कि एमा मोरेनो नाम की यह महिला दो विश्वयुद्ध, आर्थिक महामंदी, फासीवाद, वेटिकन के 10 पोप और अपने देश की 90 सरकारें देख चुकीं थीं. सबसे बुजुर्ग महिला ने इटली के वर्बेनिया में आखिरी सांस ली. 29 नवंबर 1899 को पैदा हुई एमा मोरेनो का पता मौत मानो भूल ही गई हो. लेकिन जब आखिरी घड़ी आई तो एमा अपने घर पर कुर्सी में आराम से लेटी हुई थीं. उनके डॉक्टर के मुताबिक वो शुक्रवार को एमा से मिले थे. एमा ने उनका शुक्रिया अदा किया था. डॉक्टर ने बताया कि पिछले कई दिनों से एमा खामोश रहती थीं और ज्यादातर वक्त सोकर बिताती थीं.

एमा ऐसे दौर में जवान हुईं जब दुनिया के हालात अच्छे नहीं थे. उनका मंगेतर पहले विश्व युद्ध में मारा गया था. इसके बाद उन्हें जबरन एक ऐसे शख्स से शादी करनी पड़ी जो उनसे जबरदस्ती करता था. सचेत और बातूनी किस्म की इतालवी महिला एम्मा मोरानो का जन्म 29 नवंबर 1899 को हुआ था. 

अपने 117वें जन्मदिन पर पिछले महीने उत्तरी इटली के शहर वर्बेनिया में स्थित अपने घर पर एएफपी को दिए साक्षात्कार में मोरानो ने बताया, ‘‘मैं हर रोज दो अंडे और कुकीज खाती हूं. लेकिन मैं बहुत ज्यादा नहीं खाती क्योंकि मेरे पास दांत नहीं है.’’ उनके पास दुनिया का सबसे उम्रदराज व्यक्ति होने का गिनीज विश्व रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र है.


आठ भाई-बहनों में सबसे बड़ी मोरानो का कोई भी भाई-बहन अब जिंदा नहीं है. मोरानो जानती है कि इस ऐतिहासिक जन्मदिन को एक समारोह के तौर पर मनाया जाएगा और लोग उनके बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं.

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था कि लोग आते हैं. मैं किसी को आमंत्रित नहीं करती लेकिन अमेरिका, स्वीट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, तुरीन, मिलान..से लोग मिलने आते हैं. वे मुझे देखने आते हैं. वह अपने जन्मदिन का केक खाएंगीं या नहीं इस बारे में उन्होंने कहा, 'पिछली बार मैंने थोड़ा सा खाया था लेकिन तब मुझे अच्छा महसूस नहीं हुआ था.'

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उनके जन्मदिन के इतर बात की जाए तो मोरानो एकांतवासी प्रवृति की महिला हैं. वर्ष 1938 में उनका इकलौता बेटा गुजर गया था जिसके कुछ ही दिनों के बाद उन्होंने अपने हिंसक पति को छोड़ दिया था. तभी से मोरानो अकेली ही रहती हैं.

पिछले साल तक वह अकेली रहती थीं बाद में उन्हें देखभाल करने वाला पूर्णकालिक सेवक मिल गया. वह पिछले बीस साल से अपने दो कमरे के छोटे से घर में रह रही हैं. वह बड़ी मुश्किल से बोल और सुन पाती हैं. उनकी नजर भी कमजोर हो गई थी.


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