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मनोरंजन भारती

पिछले ढाई दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय मनोरंजन भारती अपनी राजनीतिक पैठ और अपने राजनैतिक विश्लेषणों के लिए जाने जाते हैं। वे एनडीटीवी के सबसे भरोसेमंद और अनुभवी चेहरों में हैं जिन्होंने कई लोकसभा और विधानसभा चुनाव कवर किए हैं, देश के तमाम बड़े नेताओं के इंटरव्यू लिए हैं और अलग-अलग अवसरों पर कई महत्वपूर्ण राजनीतिक ख़बरें ब्रेक की हैं।

  • महाराष्ट्र में चुनाव परिणाम आए दो हफ्ते होने को आए, मगर अभी भी वहां सरकार बनती नहीं दिख रही है. महाराष्ट्र में साथ-साथ चुनाव लड़ने वाली BJP और शिवसेना अब आपस में इस तरह लड़ रही हैं, जैसे जन्म-जन्म की दुश्मन हों. दरअसल, दोनों दलों के नेताओं के बीच आपसी विश्वास इतना कम हो गया कि दोनों दलों के बीच बातचीत एक दम बंद है. ऐसा लगने लगा है, जैसे दोनों दलों के बीच संपर्क का कोई ज़रिया ही नहीं है. महाराष्ट्र के आंकड़े भी कुछ इसी तरह के हैं कि BJP और शिवसेना साथ आएं, तभी स्थिर सरकार बन और चल सकती है.
  • लोकसभा में अनुच्छेद 370 पर हो रही बहस के दौरान एक नए युवा सांसद को बोलने का मौका मिला. वह सांसद थे लद्दाख के 34 वर्षीय जामयांग सेरिंग नामग्याल. नामग्याल ने संसद में जोरदार भाषण दिया था और जब इस बार मैं लेह गया तो उनसे मिलने का मौका मिला. मैंने उनसे पूछा कि आखिर आप जैसे युवा सांसद को आर्टिकल 370 जैसे विषय पर बोलने का मौका कैसे मिला? नामग्याल का कहना था कि 'यह सच है कि संसद में युवाओं को बोलने का मौका कम मिलता है. इसके कई कारण हैं. युवाओं को अपने में आत्मविश्वास लाना होगा. उन्हें विषय को पढ़ना होगा. साथ ही उन्हें संसदीय नियमों की जानकारी लेनी होगी. मेरे साथ भी यही हुआ.'
  • दरअसल लेह के जिस होटल में रुका था वहां के मेस में काम करने वाले कर्मचारियों से बातचीत होने लगी. बातचीत में मालूम चला कि जो शख़्स वहां काम कर रहे हैं वो सारे बिहार-यूपी के लोग हैं.
  • जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटने के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग प्रतिक्रिया हुई. एक तरफ़ कश्मीर घाटी में प्रतिबंध रहा वहीं जम्मू के लोग ख़ुश बताए जा रहे थे तो लेह-लद्दाख के इलाक़े में ख़ुशी के साथ लोगों के दिलों में आशंकाएं भी हैं.
  • भारत ने वेस्ट इंडीज दौरे के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी है. टीम का जो चयन किया गया है उसमें से दो बातें समझ में आ रही हैं, सबसे बड़ी बात है कि कप्तान विराट कोहली तीनों फार्मेट में खेलने वाले हैं. जिस भारतीय कप्तान के बारे में कहा जा रहा था कि वह शायद वेस्ट इंडीज के दौरे पर नहीं जाने वाले हैं और थोड़ा आराम करने वाले हैं मगर विराट ने इन सभी खबरों को विराम देते हुए न सिर्फ वेस्ट इंडीज जाने का फैसला किया बल्कि तीनों फार्मेट भी खेलेंगे.
  • कर्नाटक का नाटक रचा जा रहा है दिल्ली में. वहां की विधानसभा में जो कुछ भी हो रहा है, या कहें कर्नाटक के नेता जो कुछ भी कर रहे हैं, वह उनसे करवाया जा रहा है जिसमें महामहिम राज्यपाल भी शामिल हैं. ये सभी उस नाटक के पात्र हैं जिसकी पटकथा दिल्ली में लिखी जा रही है. इसमें जेडीएस-कांग्रेस सरकार की तरफ से विधानसभा अध्यक्ष, या कहें वहां के स्पीकर अहम पात्र हैं, तो केन्द्र सरकार की तरफ से हैं राज्यपाल बजू भाई वाला. यह वही शख्स हैं जिन्होंने एक वक्त में विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी. अब यहां सब अपने-अपने आकाओं के हितों की रक्षा करते नजर आ रहे हैं. किसी को संविधान की रक्षा करने की फिक्र नहीं है.
  • संसद के गलियारे में इस बात को लेकर काफी चर्चा हो रही थी कि आखिर समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज शेखर ने अपना इस्तीफा क्यों दिया और इसके पीछे कारण क्या हो सकते हैं..संसद के संसदीय कक्ष में इस बात पर सांसद गहन चर्चा में दिखे. कुछ ने कहा कि यह कैसे संभव हो सकता है, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के सांसद बेटे के आगे ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्होंने एक धुरी की राजनीति करते हुए एकदम से दूसरी धुरी की राजनीति का दामन थाम लिया. खुद नीरज शेखर भी अपने पुराने दोस्तों के सामने थोड़े झेंपे से नजर आ रहे थे..कई लोगों ने उनको कहते सुना कि मैं आपको अलग से बताऊंगा कि मैंने यह फैसला क्यों लिया.
  • क्रिकेट वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल के लिए टीमों में अभी भी जोर आजमाईश चल रही है. केवल ऑस्ट्रेलिया और भारत के सेमीफाइनल तक पहुंचने की राह आसान लग रही है मगर बाकी दो स्‍थानों के लिए बाकी टीमों में कांटें की टक्कर है, खासकर चौथे स्थान के लिए.
  • इंग्‍लैंड में हो रहे मौजूदा वर्ल्ड कप को लेकर दो बातें काफी चर्चा में हैं एक है इंग्‍लैंड की बारिश और दूसरा है वर्ल्ड कप में प्रयोग में की जा रही गिल्लियां (Bails)जो गिरती नहीं है...बारिश का साया इस बार के वर्ल्ड कप पर बुरी तरह पड़ा है. इस बारिश की वजह से श्रीलंका के दो मैच और वेस्ट इंडीज,बांग्लादेश, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के एक-एक मैच रद्द हो चुके हैं.
  • कांग्रेस से यह खबर आ रही है कि राहुल गांधी से अलग पार्टी किसी और को अध्यक्ष बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है और नए पार्टी अध्यक्ष की खोज भी शुरू हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की माने तो पार्टी का नया अध्यक्ष गैर गांधी होगा यानी नए अध्यक्ष का गांधी परिवार से कोई लेना देना नहीं होगा. साथ ही अगले दो से तीन महीनों में इसकी घोषणा की जाएगी.
  • मायावती ने एकला चलो रे का एलान कर दिया है मतलब उत्तर प्रदेश में जो 11 उपचुनाव होन वाले हैं उसमें बीएसपी अपने उम्मीदवार खड़े करेगी मगर जो तर्क मायावती ने दिए उसकी जांच पड़ताल करनी जरूरी है. मायावती ने कहा कि उनके एकला चलो रे के पीछे वजह है कि समाजवादी पार्टी के वोट बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवारों को नहीं मिले.
  • नीतीश कुमार का कहना था कि जब अकाली दल के पास दो सांसद हैं और उन्हें एक मंत्री पद मिल रहा है और रामविलास पासवान की पार्टी के पास छह सांसद हैं और उन्हें एक कैबिनेट का पद मिल रहा है, तो जेडीयू के पास 16 सांसद हैं, उन्हें किस आधार पर एक ही कैबिनेट मंत्री पद दिया जा रहा है.
  • यही नहीं नजफगढ़ से केजरीवाल सरकार में मंत्री कैलाश गहलोत भी तीसरे नंबर पर हैं, यहां कांग्रेस को लोकसभा के वोटों के अनुसार 23 हजार 354 वोट मिलेगें तो आप को 22 हजार 302 वोट. यदि इन आकंड़ों के आधार पर विधानसभा के क्षेत्रवार सीटों से मिलान किया जाए तो दिल्ली की 70 सीटों में से बीजेपी 65 सीट जीत सकती और कांग्रेस 5 सीटें जबकि आम आदमी पार्टी का खाता भी नहीं खुलता दिख रहा है.
  • जब से यह खबर आई कि प्रधानमंत्री बीजेपी दफ्तर आ रहे हैं, जहां वे बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे, तो लगा कि सब कुछ सामान्य है. वे आएंगे 40 मिनट तक बोलेंगे, कांग्रेस को भला-बुरा कहेंगे..कुछ अपनी बात कहेंगे, अपने कार्यकर्ताओं का धन्यवाद करेंगे, और बात खत्म हो जाएगी. मगर जब यह खबर आई कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे तो फिर न्यूज रूम में आपाधापी मच गई. एक अजीब तरह की उत्तेजना और जोश दिखाई देने लगा. सभी तैयारी करने लगे और कहने लगे कि चलो जिस दिन का पिछले पांच साल से इंतजार कर रहे थे वो आखिर आ ही गया...
  • पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने प्रचार करने पर रात के 10 बजे के बाद से रोक लगा दी है..यह चुनाव आयोग का एक ऐसा फैसला है जिसको लेकर बहस छिड़ गई है..कई लोग कह रहे हैं कि यदि चुनाव आयोग को प्रचार बंद ही करना था तो 15 तारीख के 10 बजे से ही बंद कर देना चाहिए था. उसे 34 घंटे क्यों बढ़ाया गया. क्या इसलिए कि बंगाल में प्रधानमंत्री को दो रैली होनी थीं. चुनाव आयोग अपने इस फैसले को लेकर विवाद के घेरे में आ गया है और उस पर पक्षपात करने का आरोप लग रहा है.
  • गोरखपुर पूर्वांचल की सबसे हॉट सीट मानी जाती है. वजह है कि गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीट है. मुख्यमंत्री बनने के पहले योगी इस सीट से पांच बार सांसद बने. पहली बार 1998 में जीते थे 21 हजार वोटों से फिर उनका जीत का अंतर बढ़ता चला गया. उससे पहले महंत अवैद्यनाथ 1991 से 1998 तक बीजेपी के टिकट पर जीते और 1989 से 1990 में हिंदू महासभा से जीते. मगर योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद हुए उपचुनाव में प्रवीण निषाद साढ़े 21 हजार वोटों से जीते. निषाद सपा-बसपा के संयुक्त उम्मीदवार थे.
  • दिल्ली में 12 मई को वोट डाले जा चुके हैं और उसके बाद मैं निकला दिल्ली की गलियों में, लोगों से पूछने कि अब उनको क्या लगता है कि दिल्ली में क्या होने वाला है? मैं अपने प्रोग्राम 'बाबा के ढाबा' के लिए पहुंचा दिल्ली के मशहूर चांदनी चौक पर. वहां के लोगों से बात करके एक बात साफ थी कि इस लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी अपना जलवा खोती जा रही है. इस बार मुद्दा आम आदमी पार्टी था ही नहीं. लोगों से जब मैं यह पूछता था कि विधानसभा चुनाव में आपने तो आम आदमी पार्टी को 67 विधानसभा सीटों पर जितवा दिया, तो लोग चुप हो जाते थे.
  • प्रियंका गांधी वाड्रा के संसद में पहुंचने की संभावना अभी भी बनी हुई है. उनके बनारस से नहीं लड़ने के पीछे कई तरह के तर्क दिए गए... मायावती की न कहने, बड़े नेताओं के खिलाफ गांधी परिवार के किसी सदस्य के न लड़ने की परंपरा की दुहाई.. जैसी बातें भी कही गईं. यह भी कहा गया कि प्रियंका को अमेठी और मायावती पर ध्यान देने की जरूरत है. मगर इसका मतलब यह नहीं है कि प्रियंका सांसद नहीं बन सकती हैं.
  • 2019 के लोकसभा चुनाव की लड़ाई को कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के घर तक ले गई है और इसी उम्मीद में कांग्रेस की पूरी कार्यसमिति गुजरात में इकट्ठा हुई है.
  • कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपने पांव जमाने की कोशिश में लगी है. जब से पूर्वी उत्तर प्रदेश का जिम्मा प्रियंका गांधी को मिला है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ज्योतिरादित्य सिंधिया को, दोनों ने अपने-अपने ढंग से कांग्रेस को फिर से खड़ा करने के लिए काम करना शुरू कर दिया है. इसके लिए प्रियंका अपनी खास कोशिशों में जुट गई हैं. इसी रणनीति का हिस्सा है कि प्रियंका ने उत्तर प्रदेश के सभी छोटे-छोटे दलों की खोज खबर लेना शुरू कर दिया है.
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