NDTV Khabar
होम | ब्लॉग |   मनोरंजन भारती 

मनोरंजन भारती

पिछले ढाई दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय मनोरंजन भारती अपनी राजनीतिक पैठ और अपने राजनैतिक विश्लेषणों के लिए जाने जाते हैं। वे एनडीटीवी के सबसे भरोसेमंद और अनुभवी चेहरों में हैं जिन्होंने कई लोकसभा और विधानसभा चुनाव कवर किए हैं, देश के तमाम बड़े नेताओं के इंटरव्यू लिए हैं और अलग-अलग अवसरों पर कई महत्वपूर्ण राजनीतिक ख़बरें ब्रेक की हैं।

  • उत्तरप्रदेश की राजनीति में सपा और बसपा ने साथ आकर कुछ ऐसा किया है जो करीब 25 साल पहले भी हुआ था, मगर इस बार इनका साथ आना काफी मायने रखता है. यह गठबंधन भारतीय राजनीति की तस्वीर बदलने वाला है. मायावती और अखिलेश दोनों ने अपने अहं को दरकिनार करते हुए साथ आने का फैसला लिया.
  • कांग्रेस ने शीला दीक्षित को एक बार फिर दिल्ली की कमान सौंप दी है. वैसे इस खबर की चर्चा कई दिनों से थी मगर जैसे ही यह खबर आई तो लोगों ने कई तरह के सवाल पूछने शुरू कर दिए कि इतनी उम्र में यह जिम्मेदारी क्यों? वैसे यह लाजिमी भी था क्योंकि शीला दीक्षित 80 को पार कर गई हैं और एक तरह से सक्रिय राजनीति से दूर हो गई थीं. मगर कांग्रेस के पास लगता है कोई चारा नहीं था.
  • संसदों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि आखिर वे अगड़ों को 10 फीसदी का आरक्षण देने की बात पर सत्र के आखिरी दिन चर्चा क्यों कर रहे हैं. जाहिर है कोई भी इस बिल का विरोध नहीं कर सकता इसलिए सबको मिलकर इस बिल को पारित कराना ही होगा. मगर सबके मन में एक ही सवाल है कि अब क्या...लोकसभा का चुनाव सिर पर है और क्या ऐसे और भी मामले आने वाले हैं जिनके लिए उनको तैयार रहना चाहिए?
  • छत्तीसगढ़ में एक चरण के चुनाव के बाद बसपा नेता मायावती ने यह साफ किया है कि उनकी पार्टी चुनाव के बाद बीजेपी और कांग्रेस से समान दूरी बनाकर रखेगी. हालांकि उनके ही सहयोगी अजीत जोगी ने एक दिन पहले यह पूछे जाने पर कि क्या जरूरत पड़ी जो बीजेपी को अपना सर्मथन दे सकते हैं. इस पर उन्होंने कहा था कि राजनीति में कुछ भी संभव है मगर बाद में वे अपने बयान से पलट गए. जाहिर है मायावती चुनाव परिणाम से पहले अपने पत्ते नहीं खोलना चाहती है. जाहिर है इन चुनावों का 2019 के लोकसभा चुनाव पर भी काफी असर पड़ने वाला है. सभी पार्टियों को पता है कि अभी तक छत्तीसगढ में बीजेपी और कांग्रेस के बीच जीत का अंतर एक फीसदी से भी कम होता है. ऐसे में यहां एक-एक वोट कीमती होता है.
  • बिहार में एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है...लोकसभा चुनाव के लिए हुए सीट बंटवारे में केवल दो सीटें मिलने से उपेंद्र कुशवाहा नाराज चल रहे हैं...कहा जा रहा है कि वे दिल्ली आ कर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मिलने की कोशिश करेगें... उधर जेडीयू की तरफ से ताजा बयान यह है कि किसी के भी गठबंधन में आने या जाने से कोई भी फर्क नहीं पड़ता है, यानि जेडीयू ने यह तय कर लिया है कि मौजूदा एनडीए गठबंधन में कुशवाहा के लिए कोई जगह नहीं है...इसके पीछे का कारण समझना जरूरी है. आखिर नीतीश कुमार को उपेंद्र कुशवाहा क्यों पसंद नहीं हैं...वजह साफ है दोनों की राजनीति का आधार एक ही वोट बैंक है...
  • राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति की बिसात बिछ चुकी है. इसके साथ ही हमेशा की तरह नेताओं में भी इस पार्टी से उस पार्टी में जाने के लिए भगदड़ मची हुई है...नेताओं को मौसम वैज्ञानिक भी कहा जाता है खासकर चुनाव के संर्दभ में उन्हें चुनाव के ठीक पहले अंदाजा हो जाता है कि ऊंट किस करवट बैठेगा. इसके बाद वह उन पार्टियों के तरफ रुख करते हैं, जिसके बारे में उन्हें लगता है कि इस पार्टी की सरकार बनने वाली है...कुछ ऐसा ही राजस्थान कांग्रेस में हो रहा है...
  • कनार्टक में पांच सीटों पर उपचुनाव हुए हैं जिनमें से चार सीटों पर कांग्रेस-जेडीयू गठबंधन ने जीत दर्ज की है. कर्नाटक में विधानसभा की दो सीटों के लिए चुनाव हुए जिसमें जामकंडी सीट को कांग्रेस के न्यामागौड़ा ने करीब 40 हजार वोटों से जीता. जबकि रामनगरम की सीट को मुख्यमंत्री की पत्नी अनिता कुमारास्वामी ने एक लाख वोटों के जीता.
  • राहुल गांधी और चंद्रबाबू नायडू का एक साथ आना फोटो खिंचवाना और साथ साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करना ये अपने आप में देश के मौजूदा हालात को बयान करने के लिए काफी है...साथ ही इस तस्वीर से कांग्रेस के तमाम सर्मथकों ने भी राहत की सांस ली होगी...यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि तेलुगू देशम पार्टी जैसे दलों का जन्म ही कांग्रेस विरोध के चलते हुआ था...
  • बिहार में बीजेपी ने भले ही जेडीयू से गठबंधन पक्का कर लिया हो मगर बाकी दलों के साथ अभी भी स्थिति साफ नहीं है. खासकर उपेन्द्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के साथ. कुशवाहा ने प्रेस कांफ्रेंस कर कई बातों पर स्थिति साफ की है, जैसे बिहार में सीटों के बंटवारे पर वो प्रधानमंत्री से भी मिल सकते हैं.
  • सीबीआई के दो बड़े अफसरों के झगड़े में बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ. दिल्ली पुलिस ने कथित तौर पर आलोक वर्मा के घर के बाहर से चार इंटेलिजेंस ब्यूरो के लोगों को पकड़ लिया. हालांकि उन्हें बाद में छोड़ दिया गया. मगर उनको यह कहकर पकड़ा गया कि वे आलोक वर्मा की जासूसी कर रहे थे.
  • सीबीआई पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और वो भी किसी छोटे-मोटे अफसर पर नहीं बल्कि सीबीआई के डायरेक्टर और उनके नंबर दो पर लगे हैं..और आरोप लगाने वाला भी कोई और नहीं वही नंबर एक और नंबर दो हैं. होड़ इस बात में लगी हुई है कि कौन सबसे बड़ा चोर है और किसने सबसे ज्यादा रिश्वत ली है.
  • बिहार में आखिरकार एनडीए के दलों के बीच गठबंधन हो गया. इस समझौते में सबको खुश करने की कोशिश जरूर की गई है खासकर जेडीयू को. लगता है कि बीजेपी आलाकमान फिलहाल नीतीश कुमार को नाराज नहीं करना चाहती है. यही वजह है कि बीजेपी ने पिछले लोकसभा चुनाव में अपनी जीती सीटें भी जेडीयू के लिए छोड़ दी हैं.
  • गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की लगातार बिगड़ती बियत के बाद बीजेपी ने यह फैसला किया है कि अब वह गोवा में एक नया मुख्यमंत्री बनाएगी. उसने अपने सरकार के बहुमत के लिए कांग्रेस के दो विधायकों का भी इस्तीफा भी करा दिया. गोवा जैसे छोटे से राज्य में अपनी सरकार बनवाने के लिए इतनी बड़ी मशश्कत करना यह दिखाता है कि बीजेपी छोटे से छोटे राज्य में अपनी सरकार बनवाने को लेकर कितनी गंभीर है. बीजेपी ने यही फॉर्मूला उत्तर पूर्व के कई राज्यों में अपनाया जहां बीजेपी के विधायकों की संख्या काफी कम है, मगर जोड़-तोड़ करके उन्होंने सरकार बनाई, यानी किसी भी हालत में किसी और पार्टी को सरकार नहीं बनाने देना है भले ही बीजेपी को उस राज्य में बहुमत न हो या वह सबसे बड़ी पार्टी भी न हो.
  • गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को उनके परिवार वाले गोवा ले गए हैं जहां उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पर्रिकर की तबियत नाजुक है फिर भी बीजेपी उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाए रखना चाहती है. यही वजह है कि अभी तक बीजेपी गोवा में मुख्यमंत्री बदलने से इनकार करती रही है.
  • पांच राज्यों में दिसंबर में चुनाव होने वाले हैं. ये राज्य हैं मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम. इन सभी राज्यों में लोकसभा की 83 सीटें हैं. सीटों की स्थिति देखें तो कुछ इस तरह से है. मध्यप्रदेश-29, राजस्थान -25, छत्तीसगढ़-11, तेलंगाना-17 और मिजोरम में 1 लोकसभा की सीट है.
  • राफेल पर एक बार फिर राहुल गांधी हमलावार हैं, वजह है एक ताजा खुलासा जो फ्रांस की एक वेबसाइट ने किया है. फ्रांस की मीडियापार्ट के मुताबिक उसके पास इस बात के दस्तावेज हैं जिससे यह साबित होता है कि राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट पर रिलांयस के साथ सौदा करने के लिए दबाब बनाया गया.
  • पिछले कुछ दिनों से रुपया लगातार लुढ़कता जा रहा है जो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है. दूसरी तरफ शेयर बाजार है जहां सेंसेक्स भी नीचे ही गिरता जा रहा है और तीसरी चीज है तेल की कीमतें. हालांकि केन्द्र और राज्य सरकारों ने जनता को राहत देने की कोशिश की है मगर वो भी नाकाफी है.
  • मध्य प्रदेश में मायावती ने 22 सीटों पर अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी साथ ही छत्तीसगढ़ में मायावती ने अजित जोगी से हाथ मिलाया है. इस पर कई लोगों को काफी आश्चर्य हुआ कि ऐसा कैसे हो गया और लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि विपक्ष का महागठबंधन टूट गया, यह गठबंधन नहीं लठबंधन है.
  • सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसलों ने इतिहास रच दिया खासकर आम आदमी की निजी स्वतंत्रता को लेकर.
  • एशिया कप में सबसे बड़ा अपसेट बांग्लादेश ने किया जब एक तरह से सेमीफाइनल मैच में पाकिस्तान को शिकस्त दे दी. एशिया में ऐसा लग रहा है कि दो टीमों का उदय हो रहा है वे हैं बांग्लादेश और अफगानिस्तान. दो टीमें नीचे फिसलती जा रही हैं जैसे श्रीलंका और पाकिस्तान.
12345»

Advertisement