NDTV Khabar

Google Doodle Celebrates Writer Activist Mahasweta Devi Birthday: आदिवासी अधिकारों के लिए बुलंद की आवाज, बॉलीवुड में भी चला जादू

महाश्वेता देवी ने 1936 से 1938 तक शांतिनिकेतन में शिक्षा हासिल की थी. उन्होंने बीए और एमए इंग्लिश में कर रखा था.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
Google Doodle Celebrates Writer Activist Mahasweta Devi Birthday: आदिवासी अधिकारों के लिए बुलंद की आवाज, बॉलीवुड में भी चला जादू

Google ने आज अपना डूडल बांग्ला लेखिका महाश्वेता देवी को समर्पित किया है

खास बातें

  1. Google ने आज अपना डूडल बांग्ला लेखिका महाश्वेता देवी को समर्पित किया है.
  2. महाश्वेता देवी ने 1936 से 1938 तक शांतिनिकेतन में शिक्षा हासिल की थी.
  3. महाश्वेता देवी का जन्म 1926 में ढाका में हुआ था.
नई दिल्ली: Google ने अपना डूडल बांग्ला लेखिका महाश्वेता देवी को समर्पित किया है. गूगल ने Mahasweta Devi’s 92nd Birthday शीर्षक से डूडल बनाया है. महाश्वेता देवी का जन्म 1926 में ढाका में हुआ. उनके पिता मनीष घटक जाने माने कवि और उपन्यासकार थे. वे कल्लोल आंदोलन से भी जुड़े हुए थे. वे फिल्ममेकर रित्विक घट के भाई थे. महाश्वेता देवी ने 1936 से 1938 तक शांतिनिकेतन में शिक्षा हासिल की थी. उन्होंने बीए और एमए इंग्लिश में कर रखा था. वे न सिर्फ बेहतरीन लेखिका थीं बल्कि उन्होंने आदिवासियों अधिकारों के लिए भी काम किया. उन्हें साहित्य अकादेमी पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार और रेमन मेगसायसायर पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है.
 

mahasweta devi google doodle



जितना नाम उनका साहित्य के क्षेत्र में है, उतना ही फिल्मी दुनिया में भी है क्योंकि उनकी कई कहानियों पर फिल्में बन चुकी हैं. आइए नजर डालते हैं कुछ ऐसी फिल्मों के बारे मेः


संघर्ष (1968): दिलीप कुमार और वैजयंती माला की ये फिल्म महाश्वेता देवी की कहानी ‘लायली असमानेर आयना’पर आधारित है. फिल्म को जबरदस्त कामयाबी मिली. फिल्म का “मेरे पैरों में घुंघरू पहना दो...” खूब लोकप्रिय हुआ था. इस फिल्म का डायरेक्शन हरनाम सिंह रवेल ने किया है.

यह भी पढ़ें : Mirza Ghalib: महान शायर मिर्ज़ा ग़ालिब के बॉलीवुड से लेकर असल जिंदगी तक में हिट 10 शेर

रूदाली (1993): डिंपल कपाड़िया ने इस फिल्म में लीड रोल किया था और उन्हें इसके लिए नेशनल फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया था. उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला था. ये कहानी राजस्थान की रोने वाली महिलाओं की जिंदगी पर आधारित थी, इस फिल्म को खूब पसंद किया गया था. फिल्म को कल्पना लाजिमी ने डायरेक्ट किया है. ये भी महाश्वेता देवी की कहानी पर आधारित थी.

टिप्पणियां
VIDEO : गूगल ने भी मनाया बाल दिवस, पुणे की बच्ची से बनवाया डूडल​


हजार चौरासी की मां (1998): ये फिल्म महाश्वेता देवी के इसी नाम से उपन्यास पर आधारित है. फिल्म की कहानी 1970 के नक्सली आंदोलन पर आधारित है. फिल्म में जया बच्चन लीड रोल में थीं, और फिल्म गोविंद निहलानी ने डायरेक्ट किया था. फिल्म राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुई थी. 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement