NDTV Khabar

Ustaad Bismillah Khan: गूगल डूडल ने शहनाई के जादूगर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को किया याद, जानें ये 7 खास बातें

Ustad Bismillah Khan's 102nd Birthday टाइटल से गूगल ने अपना डूडल बनाया है और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की शहनाई बजाते हुए तस्वीर लगाई है. उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का जन्म 21 मार्च, 2016 को बिहार के डुमरांव में हुआ था.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
Ustaad Bismillah Khan: गूगल डूडल ने शहनाई के जादूगर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को किया याद, जानें ये 7 खास बातें

Ustad Bismillah Khan: गूगल ने डूडल बनाकर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को दी श्रद्धांजलि

खास बातें

  1. गूगल ने बनाया है डूडल
  2. 21 मार्च, 1916 को हुआ जन्म
  3. शहनाई बजाने में नहीं था कोई उनका सानी
नई दिल्ली: Ustad Bismillah Khan (उस्ताद बिस्मिल्लाह खान) की उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए Google ने आज का Doodle बनाया है. गूगल ने Ustad Bismillah Khan's 102nd Birthday टाइटल से अपना डूडल बनाया है. उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की शहनाई बजाते हुए तस्वीर लगाई है. बिस्मिल्लाह खान का जन्म 21 मार्च, 1916 को बिहार के डुमरांव में हुआ था. उनके पिता भोजपुर के राजा के दरबारी संगीतकार थे. छह साल की उम्र में वे वाराणसी आ गए थे. उन्होंने यहां पर अपने अंकल से शहनाई की ट्रेनिंग ली. Ustad Bismillah Khan के संगीत करियर को सम्मानित करते हुए भारत सरकार ने 2001 में भारत रत्न से सम्मानित किया. उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, एम.एस. सुब्बलक्ष्मी और रवि शंकर के बाद यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान पाने वाले तीसरे शास्त्रीय संगीतकार थे. उस्ताद बिस्मिल्लाह खान खाने-पीने के बहुत शौकीन थे और उन्हें कचौड़ियां बेहद पसंद थीं. कचौड़ियां भी सिर्फ कुलसुम हलवाइन की.

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की शहनाई से खिंचे चले आए थे लंगोट वाले बाबा, हाथ में डंडा लिए बोले...

Ustad Bismillah Khan के साथ बातों और मुलाकातों पर आधारित उनकी लोकप्रिय किताब 'सुर की बारादरी' है, जिसे यतींद्र मिश्र ने लिखा है और उनके जीवन के बारे में काफी दिलचस्प बातें शेयर की हैं. 

मंदिर से कमाते थे, इस हीरोइन की फिल्मों पर पर सब उड़ा देते थे उस्ताद बिस्मिल्लाह खान
 

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के बारे में 7 खास बातेंः


1. 1947 में देश के आजाद होने पर पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के लाल किला पर तिरंगा फहराने के बाद उस्ताद बिस्मिल्लाह खान ने देशवासियों को बधाई देने के लिए लाल किले से शहनाई बजाई . 

2. 1992 में ईरान के तेहरान में एक बड़ा ऑडिटोरियम बनाया गया, जिसका नाम उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के नाम पर रखा गया, 'तालार मौसीकी उस्ताद बिस्मिल्लाह खान.'

3. उन्होंने कन्नड़ फिल्म में साउथ के सुपरस्टार राजकुमार के लिए शहनाई बजाई थी. यह फिल्म थी 'शादी अपन्ना' और यह ब्लॉकबस्टर रही थी. 

4. उस्ताद बिस्मिल्लाह खान सत्यजीत रे की फिल्म 'जलसाघर' में नजर आए थे और 1959 की फिल्म 'गूंज उठी शहनाई' में शहनाई बजाई थी. हालांकि 'रॉकस्टार' फिल्म में भी उनकी शहनाई का इस्तेमाल किया गया था.

5. भारत के पहले गणतंत्र दिवस (26 जनवरी, 1950) के मौके पर उन्होंने लाल किले से राग कैफी की प्रस्तुति दी थी. 

6. उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का बचपन का नाम कमरूद्दीन खान बताया जाता है लेकिन खुद बिस्मिल्लाह खान के मुताबिक उनका नाम अमीरूद्दीन था.

टिप्पणियां
7. 1997 में आजादी की 50वीं वर्षगांठ पर भारत सरकार के आमंत्रण पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान ने दूसरी बार लाल किले के दीवाने-आम से शहनाई बजाई. 

 ...और भी हैं बॉलीवुड से जुड़ी ढेरों ख़बरें...


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement