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नौकरी लग गई है, तो पहली सैलरी से ही शुरू कर दें बचत क्योंकि...

युवा यह भी नहीं समझ पाते कि कहां पैसा ज्यादा सुरक्षित है, कहां से ज्यादा रिटर्न मिलेगा.

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नौकरी लग गई है, तो पहली सैलरी से ही शुरू कर दें बचत क्योंकि...

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. युवाओं को नौकरी के साथ ही बचत शुरू कर देनी चाहिए
  2. बचत का लाभ कुछ सालों में समझ आ जाएगा
  3. न करने पर बाद में पछतावा जरूर होगा.
नई दिल्ली: हर नौकरीपेशा इस कोशिश में रहता है कि वह ऐसा सेविंग्स प्लान चुनें जिससे वह अपने भविष्य को सुरक्षित कर ले. इसके लिए कई बार वे उधेड़बुन में रहते हैं कि क्या करें, कहां निवेश करें, कैसे निवेश करें. वे यह भी नहीं समझ पाते कि कहां पैसा ज्यादा सुरक्षित है, कहां से ज्यादा रिटर्न मिलेगा. युवाओं की इन्हीं सब चिंताओं को लेकर रूंगटा सिक्यॉरिटी के प्रिंसिपल फाइनेंशल प्लानर हर्ष वर्धन से एनडीटीवी ने खास बातचीत की. इसी बातचीत पर आधारित कुछ सुझावों को युवाओं के लिए यहां पर दिया जा रहा है. 

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कहा जाता है कि एक रुपया बचाया हुआ एक रुपया कमाए हुए पैसे के बराबर होता है. ऐसे में यदि एक महीने में 2 हजार रुपये बचा लिए तो वह वक्त-जरूरत पर 2 हजार रुपये की 'कमाई' के तौर पर काम आएंगे. अच्छा होता है कि पहली नौकरी से ही पैसा बचाने और निवेश करने की आदत डाल ली जाए. जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, उतना ज्यादा मुनाफे में आ जाएंगे..

जानें, नौजवानों को निवेश क्यों जल्द से जल्द शुरू करना चाहिए और इस राह में क्या रोड़े हैं...
  1. सेविंग अकाउंट में रखे हुए पैसे को निवेश मानते हैं नौजवान. ऐसे में एक बात जान लें कि यहां पर केवल साढ़े तीन फीसद ब्याज मिलता है जोकि काफी कम है. वहीं बैंक इस पैसे को कहीं न कहीं निवेश करके कमा रहा होता है. अच्छा रहेगा कि युवा कुछ दिमाग लगाकर किसी प्लानर से मिलकर इसका खुद से कहीं निवेश करें. (पढ़ें - बचत खाते पर 50,000 हजार रुपये तक का ब्याज भी है करमुक्त लेकिन...)
  2. अगर इक्विटी मार्केट नहीं जानते हैं तो परेशान नहीं होना चाहिए. इस बाजार की जानकारी इंटरनेट पर काफी मिल जाती है. कई अच्छे ब्लॉग है जो इससे जुड़ी जानकारी देते हैं. उनका ठीक अध्ययन किया जा सकता है और अपने आप भी इसकी शुरुआत की जा सकती है. समज न आए तो किसी जानकार की मदद ली जा सतकी है. देरी से नुकसान युवाओं को ही होता है. फिर बाद में पछतावा होता रहता है. (पढ़ें - रेग्युलर मंथली इनकम के ये शानदार 5 विकल्प, जिनसे आपको होगी नियमित आय)
  3. जैसे ही खाते में सरप्लस मनी दिखे तब से बचत करना शुरू कर देनी चाहिए. अपनी पहली नौकरी के समय से ही बचत करना शुरू करना अच्छा होता है. इससे आदत पड़ जाती है और लंबे समय में फायदेमंद होती है. ध्यान दें अगर आप 1000 रुपये हर महीने 30 साल के लिए जमा करते हैं तो वह 54 लाख बन जाता है. लेकिन यदि आप इसे 5 साल डिले करते हैं और 25 साल के लिए निवेश करते हैं तो यह घटकर साढ़े 26 लाख रुपये हो जाती है. सलाह है कि जैसे ही पहली आय आती है तो अपने लिए सबसे पहले एक छोटी रकम निवेश करना शुरू कर दें. (पढे़ं- जानें सरकार की छोटी बचत योजनाओं में कितना मिल रहा है ब्याज, आप भी उठाएं लाभ)
  4. अकसर कई लोग कहते हैं कि इक्विटी में निवेश जुए के समान होता है. जोखिम और जुए के फर्क होता है. इक्विटी में पैसा निवेश करना जोखिम तो है लेकिन जुआ नहीं. रिस्क तो घर से निकलते ही शुरू हो जाता है जैसे कि घर से जल्दी निकलते हैं ऑफिस जाने के लिए ताकि समय पर पहुंचे. हो सकता है बावजूद इसके बस निकल जाए. यह रिस्क हमेशा रहेगा. लेकिन यदि कोई इस बात पर बेट लगाए कि बस आएगी या नहीं, तो वह जुआ कहलाया जाएगा. (पढ़ें- पोस्ट ऑफिस में हैं ये 9 बचत-निवेश योजनाएं, जानें यहां क्यों है लोगों का विश्वास कायम)



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