कैम्ब्रिज में सुपर 30 के आनंद कुमार ने कहा- समस्याओं से निपटने के लिए शिक्षा है सबसे शक्तिशाली हथियार

आनंद कुमार ने इंगलैंड के प्रतिष्ठित कैंब्रिज विश्वविद्यालय में एक व्याख्यान में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया की अधिकांश समस्याओं से निपटने के लिए शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है.

कैम्ब्रिज में सुपर 30 के आनंद कुमार ने कहा- समस्याओं से निपटने के लिए शिक्षा है सबसे शक्तिशाली हथियार

सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार

नई दिल्‍ली:

चर्चित कोचिंग संस्थान सुपर 30 (Super 30) के संस्थापक आनंद कुमार (Anand Kumar) को अपने छात्र जीवन के दिनों के सपने को उस समय साकार करने का मौका मिला, जब वह कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के आमंत्रण पर रविवार को वहां पहुंचे. उन्होंने विश्वविद्यालय में एक व्याख्यान दिया. आनंद ने इंगलैंड के प्रतिष्ठित कैंब्रिज विश्वविद्यालय में एक व्याख्यान में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया की अधिकांश समस्याओं से निपटने के लिए शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है. उन्होंने कहा कि आज अधिकांश समस्याओं की जड़ गरीबी और अज्ञानता है. उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती सभी को समान अवसर प्रदान करना है.

आनंद की संस्था की ओर से यहां जारी बयान के अनुसार, आनंद ने इस दौरान सुपर 30 और वहां के छात्रों के वास्तविक जीवन से जुड़े रोचक संस्मरणों और उनसे जुड़ी कहानियों को भी लोगों को सुनाया. बिहार की राजधानी पटना में स्थित सुपर 30 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने के लिए चर्चित है, जिसमें निर्धन परिवारों से आने वाले बच्चों को कोचिंग दी जाती है.

आनंद ने कहा, "मैं शिक्षा को अन्याय, अभाव और गरीबी के खिलाफ एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में देखता हूं. दुनिया प्रतिभाशाली लोगों से भरी हुई है. वर्तमान परिदृश्य में भी गरीबी के कारण दुनिया की नजरों से बहुत सारे प्रतिभाशााली बच्चे छिपे हुए हैं, जिन्हें अवसर देने की जरूरत है." उन्होंने कहा कि ऐसे छिपे प्रतिभाओं में भी न्यूटन, रामानुजन, डार्विन, रदरफोर्ड बनने की क्षमता है, लेकिन शायद अवसर की कमी के कारण उनकी प्रतिभा खो जाती है.

वंचित छात्रों को शिक्षित देखने को अपना सपना बताते हुए आनंद ने कहा कि आज जरूरत छिपी प्रतिभाओं को निखारने की है, जिसकी जिम्मेदारी सभी की है. उन्होंने कहा कि इससे किसी एक समाज या देश को ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता को इससे लाभ होगा. उल्लेखनीय है कि आनंद का छात्र जीवन में पैसे के अभाव के कारण कैंब्रिज विश्वविद्यालय में नामांकन नहीं हो सका था.

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