बचपन में बीनते थे कूड़ा, अब बने चंडीगढ़ के मेयर

एक समय था जब राजेश कालिया (Rajesh Kalia) कूड़ा बीनने का काम करते थे. अब राजेश कालिया चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर बन गए हैं.

बचपन में बीनते थे कूड़ा, अब बने चंडीगढ़ के मेयर

राजेश कालिया (Rajesh Kalia)

नई दिल्ली:

भाजपा के राजेश कालिया (Rajesh Kalia) को शुक्रवार को चंडीगढ़ नगर निगम का नया मेयर चुना गया. एक समय था जब राजेश कालिया कूड़ा बीनने का काम करते थे. बचपन में कभी वह कूड़ा बीन कर 20-30 रुपये प्रतिदिन कमाते थे. राजेश वाल्मीकि समुदाय से आते हैं. राजेश के पिता कुंदनलाल एक सफाई कर्मी के तौर पर सेवानिवृत्त हुए. अधिकारियों ने बताया कि राजेश कालिया ने बागी उम्मीदवार सतीश कैंथ को पांच मतों के अंतर से हराया. कैंथ स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में थे. उन्होंने बताया कि कुल 27 मतों में से कालिया के पक्ष में 16 मत पड़े जबकि कैंथ को 11 मत मिले.

कांग्रेस की तरफ से नामित शीला देवी ने चुनाव शुरू होने से पहले अपना नाम वापस ले लिया था. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का 20 मतों के साथ सदन में बहुमत में है जबकि कांग्रेस के चार पार्षद हैं. एक पार्षद शिरोमिणि अकाली दल (शिअद) का है जबकि एक निर्दलीय पार्षद हैं. वहीं, चंडीगढ़ से भाजपा सांसद किरण खेर ने पदेन सदस्य के रूप में अपने मताधिकार का उपयोग किया. 

राजेश (Rajesh Kalia) कहते हैं कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था एक दिन वह चंडीगढ़ में मेयर की कुर्सी को संभालेंगे. राजेश एक निर्धन परिवार से ताल्लुक रखते हैं. राजेश कालिया का बचपन से ही राजनीति में रुझान था. पार्टी के वफादार कार्यकर्ता होने के चलते राजेश को पहले पार्षद और अब मेयर बनाया गया. राजेश के तीन भाई और तीन बहनें हैं.

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(पीटीआई इनपुट के साथ)

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