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कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती! लगातार दो बार प्रीलिम्स नहीं कर पाई क्रैक, इस बार बनीं UPSC टॉपर

UPSC में गुंजन अपनी पहली दो कोशिशों में भले ही असफल रहीं लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है.

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कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती! लगातार दो बार प्रीलिम्स नहीं कर पाई क्रैक, इस बार बनीं UPSC टॉपर

गुंजन द्विवेदी (Gunjan Dwivedi)

नई दिल्ली:

UPSC Result: जो नाकामियों से नहीं घबराते कामयाबी उनके ही कदम चूमती है ये बात सिविल सर्विसेज (UPSC Civil Services) की परीक्षा में सफल रहीं गुंजन द्विवेदी (Gunjan Dwivedi) ने एक बार फिर साबित कर दिखाया है. गुंजन अपनी पहली दो कोशिशों में भले ही असफल रहीं लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है, उन्होंने 9वीं रैंक हासिल की है. गुंजन के नतीजे आने के बाद से ही घर-परिवार और उनके शहर लखनऊ में खुशी का आलम है. वे बताती हैं कि इससे पहले वो प्राथमिक परीक्षा यानी प्रिलिम्स भी नहीं निकाल सकी लेकिन गुंजन ने निराश होने की बजाय इसे एक चुनौती के तौर पर लिया और खुद को इसके लिए तैयार करती रहीं. वे पूरी लगन से लगातार कड़ी मेहनत करती रहीं और आखिरकार उनका नाम टॉप 10 सफल उम्मीदवारों में शामिल हुआ.

परीक्षा की रणनीति को लेकर गुंजन का कहना है उन्होंने इसकी बुनियादी शुरुआत की, NCERT की सारी किताबों को शुरू से आखिर तक पढ़ा, तमिलनाडु की भी पुस्तकें पढ़ी जिससे उन्हें आर्ट एंड कल्चर से जुड़े टॉपिक्स पर काफी मदद मिली. गुंजन का मानना है कि सिविल सर्विसेज में कामयाबी के लिए मॉक टेस्ट बेहद जरूरी है इससे लगातार बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है और प्रैक्टिस भी होती है. जहां तक पढ़ाई के घंटों की बात है उसे लेकर गुंजन बताती हैं कि कोई जरूरी नहीं कि आप 18-20 घंटे की पढ़ाई करें, पढ़ाई के 5-6 घंटे भी कम नहीं होते अगर आप पूरी एकाग्रता से नियमित पर लगे रहते हैं.


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आपको बता दें कि आईएएस, आईपीएस और आईएफएस आदि पदों पर नियुक्ति के लिए कुल 759 अभ्यर्थियों के नाम घोषित किये हैं जिनमें 577 पुरुष और 182 महिलाएं हैं. यूपीएससी के शीर्ष 25 अभ्यर्थियों में 15 पुरुष और 10 महिलाएं हैं. इस परीक्षा में पहला स्थान राजस्थान के कनिष्क कटारिया ने हासिल किया है. दूसरे स्थान पर अक्षत जैन हैं. आईआरएस की ट्रेनिंग ले रहे जुनैद अहमद ने देश भर में तीसरा रैंक हासिल किया है. वहीं पांचवे स्थान पर रहीं सृष्टि जयंत देशमुख देशभर की महिलाओं में पहले नंबर पर हैं. 

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