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दिल्ली : महिलाओं, दो पहिया वाहनों व सीएनजी को ऑड-ईवन में क्या छूट मिले? सीएम केजरीवाल ने मांगी राय

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने परिवहन विभाग से तीन दिन में राय देने के लिए कहा, दिल्ली में 4 से 15 नवंबर तक ऑड-ईवन स्कीम लागू करने की योजना

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दिल्ली : महिलाओं, दो पहिया वाहनों व सीएनजी को ऑड-ईवन में क्या छूट मिले? सीएम केजरीवाल ने मांगी राय

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. रिपोर्ट आने के बाद दिल्ली सरकार फैसला लेगी
  2. महिलाओं को सुरक्षा के दृष्टिगत 2016 में छूट दी थी
  3. स्कूल जाने वाले बच्चों व स्कूली वाहनों को छूट मिली थी
नई दिल्ली:

दिल्ली में 4 से 15 नवंबर तक ऑड-ईवन स्कीम लागू होगी. ऑड-ईवन स्कीम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने महिलाओं, दो पहिया व सीएनजी वाहनों को छूट देने के लिए तीन दिन में परिवहन विभाग से राय मांगी है. रिपोर्ट आने के बाद सरकार फैसला लेगी. नवंबर में दिल्ली के आस-पास के राज्यों में पराली जलाई जाती है. इस वजह से दिल्ली गैस चैंबर बन जाता है. सीएम की ओर से एक व्यापक पराली और शीतकालीन कार्य योजना बनाई गई. इसी के तहत ऑड-ईवन योजना की घोषणा की गई थी.

ऑड-ईवन योजना के तहत, सरकार सम विषम नंबर के वाहनों के उपयोग का दिन तय करती है. यह कदम उस अवधि में हवा में वाहनों के उत्सर्जन को सीमित करने के उद्देश्य से उठाया जाता है.  दिल्ली वर्षों से पराली के कारण आने वाले धुंए का सामना कर रही है. चूंकि दिल्ली सरकार एक्शन प्लान को लागू करने के लिए तैयार है, इसलिए सवाल यह है कि वाहन चालकों के किस सेगमेंट को वैकल्पिक दिन छूट दी जानी चाहिए. जनता के साथ-साथ संबंधित विभागों के बीच इस मामले पर विभिन्न विचार सामने आए. मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग से अग्रिम स्पष्ट राय मांगी है. सीएम अरविंद  केजरीवाल ने विभाग को अगले तीन दिनों के भीतर अपने विचार प्रस्तुत करने को कहा है.

सबसे महत्वपूर्ण महिलाओं का मसला है. महिलाओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से 2016 में इस योजना को लागू किया था, तो सभी वाहनों में केवल महिला यात्रियों को ही छूट दी गई थी. दिल्ली में महिलाएं अपने वाहनों में ज्यादा सुरक्षित महसूस करती हैं, इस कारण ऐसा किया गया था. इसके अतिरिक्त, महिला ड्राइवरों और स्कूल जाने वाले बच्चों के साथ स्कूली वाहनों को छूट मिली थी. मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को इस छूट के कार्यान्वयन पर विचार करने और इस वर्ष भी यह छूट देने पर विचार रखने को कहा है. पिछली बार सभी दोपहिया वाहनों को वैकल्पिक दिन बार छूट दी गई थी. तब सरकार का मानना था कि शहर की बसों और मेट्रो रेल की मौजूदा क्षमता के साथ, सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क पर इतनी बड़ी संख्या में लोगों को ले जाना संभव नहीं था. हालांकि, कुछ लोगों ने आपत्ति भी की थी.  


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दिल्ली में चलने वाले दोपहिया वाहनों की संख्या का नवीनतम अनुमान 70 लाख से अधिक है. अगर दो पहिया वाहनों को छूट नहीं दी जाती है तो इससे हर दिन सार्वजनिक परिवहन पर स्विच वाले 35 लाख से अधिक लोग होंगे. मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क की वर्तमान क्षमता की समीक्षा करने और दो पहिया वाहनों को इस वर्ष छूट दी जानी चाहिए या नहीं, इस पर अपने विचार बताने के लिए कहा है.

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पहले सीएनजी वाहनों को ऑड-ईवन योजना में छूट थी. सीएनजी वाहन डीजल या पेट्रोल वाहनों की तुलना में काफी कम प्रदूषण करते हैं. हालांकि, ऑड-ईवन के पिछले संस्करणों में इस छूट के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की खबरें भी थीं.

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मुख्यमंत्री इस बात से चिंतित हैं कि यदि लोग सजा से बचने के लिए गलत तरीके से खरीदे गए सीएनजी स्टिकर का उपयोग कर प्रतिबंधों को दरकिनार करते हैं तो यह योजना अपने उद्देश्य को प्राप्त करने में विफल हो सकती है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और सीएनजी स्टिकर के वितरण में शामिल अधिकारियों के विचारों पर एक स्थिति बनाने को कहा है. विभाग को इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या वास्तविक सीएनजी वाहनों की पहचान करने का कोई तरीका है और ऐसी कार्यप्रणाली के अभाव में, सीएनजी वाहनों को दी गई छूट पर विभाग के क्या विचार हैं. राय आने के बाद ही निर्णय होगा.

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