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'इन चार बड़े कारणों' के चलते मिताली राज विवाद में कोच रमेश पोवार की छुट्टी तय, बीसीसीआई खफा

वीरवार का दिन इस विवाद को लेकर बहुत ही गहमागहमी वाला रहा था. मिताली और रमेश पोवार के बोर्ड को अपनी रिपोर्ट दाखिल करने के बाद दोनों पक्षों ने सोशल मीडिया ने भी अपने विचार रखे थे.

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'इन चार बड़े कारणों' के चलते मिताली राज विवाद में कोच रमेश पोवार की छुट्टी तय, बीसीसीआई खफा

मिताली राज और रमेश पोवार की फाइल फोटो

खास बातें

  1. संतोषजनक जवाब नहीं दे सके रमेश पोवार
  2. कभी भी कार्रवाई का ऐलान कर सकते हैं विनोद राय
  3. राहुल जौहरी-सबा करीम ने दाखिल की बोर्ड को रिपोर्ट
मुंबई:

क्रिकेट प्रशासकीय कमेटी (सीओए) के चेयरमैन विनोद राय को मिताली राज और रमेश पोवार विवाद की जांच रिपोर्ट सीईओ राहुल जौहरी और महाप्रबंधक सबा करीम ने भेज दी है. विनोद राय कभी भी इस विवाद को लेकर कार्रवाई कर सकते हैं. लेकिन बोर्ड के सूत्रों की मानें, तो कोच रमेश पोवार को सजा मिलना तय है. और इसके लिए बोर्ड ने 'आधार' भी तय कर लिया है. पोवार से पूछताछ के बाद कई ऐसी बातें रहीं, जो भारतीय महिला टीम के कोच के खिलाफ गईं. जब इन तर्कों को लेकर पोवार से सवाल-जवाब किए गए, तो वह  बोर्ड को अपने जवाबों से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं कर सके. और अब यही सवाल उनके खिलाफ जाते दिख रहे हैं. सूत्रों का मानें, तो सीओए के चेयरमैन विनोद राय किसी भी वक्त कार्रवाई का ऐलान कर सकते हैं. 

वीरवार का दिन इस विवाद को लेकर बहुत ही गहमागहमी वाला रहा था. मिताली और रमेश पोवार के बोर्ड को अपनी रिपोर्ट दाखिल करने के बाद दोनों पक्षों ने सोशल मीडिया ने भी अपने विचार रखे थे. मिताली राज ने पोवार की तरफ से लगाए गए आरोपों को अपने जीवन का सबसे काला दिन बताया था. बहरहाल, सूत्रों के अनुसार खबरें आ रही हैं कि बोर्ड ने रमेश पोवार का अनुबंध न बढ़ाने का फैसला लिया है. पोवार का बोर्ड के साथ अनुबंध शुक्रवार को खत्म हो रहा है. 

सूत्रों के अनुसार बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी कई बातों के चलते रमेश पोवार से नाराज हैं. इन कारणों में सबसे ऊपर यह है कि पोवार ने बोर्ड के प्रभावी अधिकारी की फोन कॉल पर उन्होंने मिताली को बाहर बैठाने का फैसला लिया. वहीं, बोर्ड की नाराजगी की दूसरी बड़ी वजह यह है कि आखिर लीग मैचों में दो लगातार अर्धशतक बनाने और मैन ऑफ द मैच चुने जाने के बावजूद मिताली राज को सेमीफाइनल मुकाबले में ड्रॉप करने का फैसला क्यों लिया गया. 

यह भी पढ़ें:  अब कोच रमेश पोवार ने किया मिताली राज पर पलटवार, लगाई 'आरोपों की झड़ी'

इसके अलावा रमेश पोवार से नाराजगी के प्रति नाराजगी की एक वजह यह भी है कि हेड कोच पोवार ने मिताली को ड्रॉप करने के लिए बाहर से पड़ रहे दवाब से निपटने के लिए ठोस रवैया नहीं दिखाया. मिल रही जानकारी के अनुसार चौथा कारण यह है कि विंडीज से लौटने के बाद पोवार बोर्ड अधिकारियों को इस सवाल का ठोस जवाब नहीं दे सके कि केवल एक ही मैच के बाद मिताली राज को ओपनर से मिड्ल ऑर्डर बैट्समैन क्यों बना दिया गया. और न ही कोच इस पर ही बोर्ड को संतुष्ट कर सके कि सेमीफाइनल जैसे बड़े मैच के लिए मिताली को क्यों ड्रॉप किया गया. 

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सूत्र ने बताया कि मिताली को ड्रॉप करने से पहले पोवार को उनके साथ बात करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सूत्र ने कहा कि मैच के दिन मुंबई से फोन आने के बाद रमेश पोवार को मिताली को सीधे बाहर बैठाने के बजाय उनसे बात करनी चाहिए थी. 


 



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