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सचिन तेंदुलकर ने की सीबीएसई के 'इस बड़े फैसले' की जमकर तारीफ, लेकिन...

सचिन तेंदुलकर का पत्र लिखना बताता है कि वह मैदान से इतर सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति कितने ज्यादा सतर्क हैं.

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सचिन तेंदुलकर ने की सीबीएसई के 'इस बड़े फैसले' की जमकर तारीफ, लेकिन...

सचिन तेंदुलकर की फाइल फोटो

खास बातें

  1. सचिन ने पत्र लिखकर सराहा
  2. मजबूत खेल संस्कृति अच्छे स्वास्थ्य में मददगार
  3. काबिलेतारीफ और एक सही दिशा में उठाया गया कदम
नई दिल्ली: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( सीबीएसई ) के उस फैसले की जमकर प्रशंसा की है, जिस हर ओर जमकर सराहा जा रहा है. सचिन ने कहा है कि सीबीएई का यह फैसला बच्चों को खेलों  से जुड़ने और उनके जुनून और उभारने में कारगार साबित होगा, जिससे भारतीय खेलों को फायदा होगा. 
  तेंदुलकर ने सीबीएसई की अध्यक्ष अनिता करवल को लिखे पत्र में कहा कि मोटापे के मामले में विश्व में भारत का तीसरा स्थान है जो गंभीर चिंता की बात है. अस्वस्थ युवा देश के लिए किसी महामारी की तरह है. देश में मजबूत खेल संस्कृति इस मामले से निपटने में मदद कर सकता है. उन्होंने कहा  कि स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा के लिए सीबीएसई का यह कदम बहुत ही काबिलेतारीफ और एक सही दिशा में उठाया गया कदम है. 

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तेंदुलकर ने कहा कि चूंकि इस पहल का समग्र उद्देश्य बच्चों में मोटापा को रोकना है. इसलिए बोर्ड अन्य सभी कक्षाओं में भी स्वास्थ्य और फिटनेस को अनिवार्य बनाने पर विचार करना चाहिए. बता दें कि सीबीएसई बोर्ड ने नौवीं से 12वीं कक्षा में अपने फैसले को लागू करने के लिए 150 पन्नों का खेल दिशा-निर्देश जारी किया गया. इसके तहत उन्होंने इसे लागू करने के बारे में बताया है. 

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बता दें कि सीबीएसई ने कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों के लिए रोजाना खेल के पीरियड को अनिवार्य कर दिया है. बोर्ड ने स्कूलों को खेल को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया है जिससे छात्रों को सुस्त जीवनशैली से बचाया जा सके. हालांकि, सचिन ने पत्र में सीबीएसई से यह भी मांग की है खेलों के लिए आधे घंटे का पीरियड सिर्फ नौ से 12वीं के छात्रों के लिए ही नहीं बल्कि सभी कक्षाओं के लिए हो.



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