सीएसी ने सेलेक्टरों पद के इंटरव्यू के लिए 5 नामों को छांटा, लेकिन बीसीसीआई पर खड़ा हुआ सवाल

समिति में पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदन लाल, आर पी सिंह और सुलक्षणा नाइक शामिल हैं. उन्होंने 44 आवेदनों की जांच करने के बाद पांच उम्मीद्वारों को साक्षात्कार के लिये बुलाने का फैसला किया

सीएसी ने सेलेक्टरों पद के इंटरव्यू के लिए 5  नामों को छांटा, लेकिन बीसीसीआई पर खड़ा हुआ सवाल

बीसीसीआई का लोगो

मुंबई:

बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) राष्ट्रीय चयनसमिति के दो पदों को भरने के लिए पांच उम्मीद्वारों का साक्षात्कार करेगी जिसमें पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद भी शामिल हैं. समिति में पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदन लाल, आर पी सिंह और सुलक्षणा नाइक शामिल हैं. उन्होंने 44 आवेदनों की जांच करने के बाद पांच उम्मीद्वारों को साक्षात्कार के लिये बुलाने का फैसला किया, लेकिन एक फैसला सीएसी ने ऐसा भी लिया, जिससे सीएसी के साथ-साथ ही बीसीसीआई की नीतियों पर भी सवाल खड़ा हो गया है. 

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बीसीसीआई सूत्रों ने बताया ‘उन्होंने वेंकटेश प्रसाद, पूर्व स्पिनर सुनील जोशी, क्रिकेटर से कमेंटेटर बने एल शिवरामाकृष्णन, पूर्व मध्यम गति के गेंदबाज हरविंदर सिंह और पूर्व स्पिनर राजेश चौहान को बुधवार होने वाले साक्षात्कार के लिए बुलाया है.'निर्वतमान चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद और उनके साथी गगन खोड़ा के स्थान पर नए चयनकर्ताओं को चुना जाएगा, लेकिन हैरानी की बात यहां पर है और वह पूर्व सीमर अजित अगरकर को लेकर है.

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पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज अजित अगरकर ने भी आवेदन किया था लेकिन उन्हें साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया. हैरानी की वजह यह है कि जो पांच नाम सीएसी ने छांटे हैं, उनमें चार खिलाड़ियों से ज्यादा मैच अजित अगरकर ने खेले हैं. टेस्ट भी और वनडे भी. ऐसे में अजित अगरकर को इंटरव्यू के लिए ना बुलाना सीएसी पर सवाल खड़े कर रहा है. 

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सवाल यह है कि संभावित चार उम्मीदवारों से ज्यादा मैच खेलने के बावजूद भी अजित अगरकर की अनदेखी क्यों की गई. यह बीसीसीआई के बॉस सौरव गांगुली की बातों के उलट भी दिखाई पड़ रहा है क्योंकि बॉस कई बार कह चुके हैं कि वह ऐसे खिलाड़ियों को सेलेक्टर बनते देखना चाहते हैं, जिन्होंने ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेले हों, लेकिन यहां चार संभावित उम्मीदवारों से ज्यादा मैच खेलने के बावजूद अजित अगरकर को इंटरव्यू के लिए न बुलाना पूरी तरह से समझ से परे रहा.