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माता खीर भवानी के दर्शन के लिए रवाना हुआ तीर्थयात्रियों का काफिला

मान्‍यता है कि बसंत ऋतु में माता को खीर चढ़ाई जाती थी इसलिए इनका नाम 'खीर भवानी' (Kheer Bhawani) पड़ गया. माता को महारज्ञा देवी भी कहा जाता है.

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माता खीर भवानी के दर्शन के लिए रवाना हुआ तीर्थयात्रियों का काफिला

कश्‍मीरी हिन्‍दुओं की माता खीर भवानी मंदिर में गहरी आस्‍था है

खास बातें

  1. श्रद्धालुओं का जत्‍था माता खीर भवानी मंदिर के लिए रवाना हो चुका है
  2. कश्‍मीरी हिन्‍दुओं की खीर भवानी में गहरी आस्‍था है
  3. गैर-हिन्‍दू भी दूर-दूर से माता खीर भवानी की पूजा करने आते हैं
जम्‍मू: जम्मू-कश्मीर के मंत्री जावेद मुस्तफा मीर ने जम्मू के नगरोटा से गांदरबल जिले के तुलमुल्ला स्थित माता खीर भवानी (Kheer Bhawani) वार्षिक तीर्थ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

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अधिकारियों ने बताया कि खीर भवानी महोत्सव में इस साल पिछले सालों के मुकाबले ज्‍यादा तीर्थ यात्रियों के शामिल होने की संभावना है. यात्रा के लिए तीन हजार से ज्‍यादा लोग पहले ही रजिस्‍ट्रेशन करा चुके हैं. 
 
kheer bhawani

आपको बता दें कि हर साल 20 जून को कश्मीर के पांच मंदिरों में खीर भवानी मेले का आयोजन किया जाता है.

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श्री माता खीर भवानी मंदिर समिति के अध्यक्ष किरण वताल ने बताया कि वाहनों के काफिले को मीर ने हरी झंडी दिखाई. इस काफिले के साथ एक हजार से ज्‍यादा लोग मंदिर के लिए रवाना हुए. 
 
kheer bhawani

गौरतलब है कि माता खीर भवानी एक प्रसिद्ध मंदिर है. खीर भवानी देवी की पूजा लगभग सभी हिन्‍दू करते हैं. खासतौर से कश्मीरी हिन्‍दुओं की माता पर गहरी आस्‍था. मान्‍यता है कि बसंत ऋतु में माता को खीर चढ़ाई जाती थी इसलिए इनका नाम 'खीर भवानी' पड़ गया. माता को महारज्ञा देवी भी कहा जाता है.

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ऐसी मान्यता है कि किसी प्राकृतिक आपदा के आने से पहले ही मंदिर के कुंड का पानी काला पड़ जाता है.


 


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