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हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन: 15 लोगों के शव निकाले गए, बचाव कार्य जारी

हिमाचल परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि बीती रात हुई दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 50 हो सकती है.

हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन: 15 लोगों के शव निकाले गए, बचाव कार्य जारी

भूस्खलन में पूरा मार्ग बह गया और बसें करीब 800 मीटर गहरी खाई में जा गिरीं, राहत एवं बचाव कार्य जारी..

खास बातें

  • 15 शव निकाले जा चुके हैं, कई घायल बताए जा रहे हैं
  • मनाली-पठानकोट नेशनल हाइवे पर देर रात ये हादसा हुआ
  • राहत और बचाव में जुटी सेना और NDRF की टीम
शिमला:

हिमाचल प्रदेश में मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बादल फटने के कारण भीषण भूस्खलन से दो बसों जमींदोज हो गईं
हादसे में 15 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं. कई अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका है. हिमाचल परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि बीती रात हुई दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 50 हो सकती है.  एक बस मनाली से कटरा और दूसरी मनाली से चम्बा जा रही थी. विशेष सचिव (आपदा) डी डी शर्मा ने बताया कि बीती रात ये बसें जब कोटरूपी में जलपान के लिये रुकी थीं तभी यह दुर्घटना हुई. 

भूस्खलन में पूरा मार्ग बह गया और बसें करीब 800 मीटर गहरी खाई में जा गिरीं जिनमें से एक बस मलबे के नीचे पूरी तरह से दब गई हैं और इसका कोई अता पता नहीं है. बसों में यात्रियों की संख्या 30 और 40 के बीच होने का अनुमान है. राज्य के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ट्वीट करके कहा कि वह मौके पर पहुंचने के लिए रवाना हो गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूस्खलन में लोगों के मारे जाने पर शोक व्यक्त किया है.

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उन्होंने बताया कि सेना तथा एनडीआरएफ का दल घटनास्थल पर पहुंच गया है. पुलिस, प्रशासन एवं स्थानीय लोगों के साथ उन्होंने बचाव अभियान शुरू कर दिया है. महानिरीक्षक सेन्ट्रल रेंज एवं उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर मौजूद हैं.  पुलिस महानिदेशक सोमेश गोयल ने बताया कि प्राथमिक सूचना के अनुसार मनाली-कटरा वॉल्वो बस में आठ यात्री जबकि अन्य बस में 47 यात्री थे.   

VIDEO : हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन

हिमाचल में यह ऐसी तीसरी घटना है. इससे पहले वर्ष 1988 में शिमला जिले में मटियाना के निकट भूस्खलन की चपेट में आने से 45 यात्री जमींदोज हो गए थे और1994 में कुल्लू जिले के लुग्गर हाटी में एक अन्य हादसे में 42 लोग दफन हो गए थे.
(इनपुट भाषा से भी)