NDTV Khabar

NDTV युवा' : एशियन गेम्‍स के हीरो नीरज चोपड़ा, विनेश फोगाट, अमित पंघल और दुती चंद ने खोले खास राज...

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
NDTV युवा' : एशियन गेम्‍स के हीरो नीरज चोपड़ा, विनेश फोगाट, अमित पंघल और दुती चंद ने खोले खास राज...

NDTV YUVA Conclave: नीरज चोपड़ा, विनेश फोगाट, अमित पंघल और दुती चंद के साथ फिल्‍म स्‍टार अभिषेक बच्‍चन

खास बातें

  1. नीरज बोले, इच्‍छाशक्ति हो तो कोई बाधा राह में नहीं आ सकती
  2. दुती चंद ने कहा, ठान दिया था कि देश के लिए पदक जीतना है
  3. विनेश बोलीं, ओलिंपिक में जब हारी तो लगा सब खत्‍म हो गया
नई दिल्‍ली: एनडीटीवी इंडिया के यूथ कॉन्क्लेव ‘NDTV युवा’ के सातवें सत्र में एशियन गेम्‍स 2018 में देश को गौरव प्रदान करने वाले खिलाड़ी, बॉक्‍सर अमित पंघल, जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा, रेसलर विनेश फोगाट तथा एथलीट दुतीचंद और बॉलीवुड के फिल्‍म स्‍टार अभिषेक बच्‍चन रविवार को अफशां अंजुम के सामने थे. अमित पंघल, नीरज चोपड़ा और विनेश फोगाट ने जहां एशियाई खेलों में स्‍वर्ण पदक जीता था, वहीं एथलीट दुती चंद दो रजत पदक अपने नाम करने में सफल रही थीं. नीरज चोपड़ा एशियाई गेम्‍स में भारत के ध्‍वजवाहक थे. उन्‍होंने कहा कि मेरे लिए सम्‍मान की बात थी कि मैं भारत के लिए ध्‍वजवाहक बना. सोच रहा था कि पदक जीतना है और इसमें सफल रहा. नेशनल के दौरान मुकाबला थोड़ा कम होता है, प्रतियोगिताएं भी पहले काफी कम होती थीं. ऐसे में सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन नहीं आ पाता.  इंटरनेशनल मुकाबले में सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन सामने आता है. नीरज का मानना है कि अगर किसी में इच्‍छाशक्ति हो तो किसी भी तरह की बाधा आपकी राह नहीं रोक सकती. इन सभी एथलीटों ने बातचीत के दौरान अपने खेल करियर और जीवन से जुड़े राज लोगों के साथ साझा किए.
  एथलीट दुतीचंद ने कहा कि परिवार में छह बहनों को मिलाकर नौ सदस्‍य हैं. पिता कपड़े बेचते थे, ऐसी स्थितियों के बावजूद परिवार के प्रोत्‍साहन से एथलीट बनी. नदी के किनारे दौड़कर अभ्‍यास करती थी. जेंडर विवाद को लेकर दुती चंद ने कई मुश्किलों का सामना किया. टूर्नामेंट के ठीक तीन दिन पहले निकाल दिया गया. यह कहा गया कि दुती चंद लड़की नहीं है.  इस बारे में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी और जीती. इस संघर्ष ने इरादे को और मजबूत किया. मैं टूटी नहीं, मैंने ठान लिया था कि देश को गौरव‍ दिलाना है. शुरुआत से लेकर आखिरी तक एशियन गेम्‍स में आंखे बंद करके दौड़ी आंखें खोली तो मेडल जीत चुकी थीं. इस मौके पर दुती चंद ने उड़ि‍या गीत भी गुनगुनाया.
      विनेश फोगाट एशियाड में गोल्‍ड जीतने वाले देश की पहली महिला रेसलर हैं. उन्‍होंने कहा कि ओलिंपिक में बड़ा सपना लेकर गई थी. जब हारी और चोटिल हुई तो लगा सब कुछ खत्‍म हो गया है लेकिन चोट से उबरने के बाद जब ठीक हुई तो ठान लिया कि अच्‍छा करना है. डॉक्‍टर से कहा था कि जब मैट पर जाऊं तो पहले से मजबूत होना है. मैं अपने आपको प्रूव करना चाहती थी. विनेश स्‍वर्ण जीतने के बाद जैसे ही एयरपोर्ट पर उतरीं तो अपने पार्टनर सोमवीर के साथ सगाई की. उन्‍होंने कहा कि रेसलिंग मेरे लिए सबसे पहले है, बाकी चीजें भी साथ चलती रहेंगी.विनेश ने कहा कि कुश्‍ती जब शुरू की तो छोटी थी लेकिन गीता और बबीता फोगट को कुश्‍ती को लेकर काफी ताने मिलते थे लेकिन मैं यह जानती थी कि मुझे क्‍या करना है. हमारा प्रैक्टिस सेशन बेहद मुश्किल होता था.  आप कह सकते हैं कि बापू (कोच और ताऊ महावीर फोगाट) सेहत के लिए बहुत ज्‍यादा हानिकारक थे. विनेश ने बताया कि महावीर फोगट ने कहा था कि एशियाड में मेडल जीतने पर स्‍वागत करने नहीं जाऊंगा जब ओलिंपिक में जीतेगी, तब मैं स्‍वागत के लिए जाऊंगा. हर गुरु का यह सपना होता है, मैं इसके लिए पूरी कोशिश करूंगी.   खेलों में काफी दिलचस्‍पी रखने वाले फिल्‍म स्‍टार अभिषेक बच्‍चन ने कहा कि मैं रियो फुटबॉल वर्ल्‍डकप देखने के लिए गया था अपने पिता के साथ. जब फुटबॉल के विश्‍व प्रमुख ने कहा था कि एक अरब के देश में आप फुटबॉल के 11 खिलाड़ी नहीं दे सकते. मैंने जवाब में कहा था कि क्रिकेट के मैदान पर आइए हम दिखा देंगे कि हम क्‍या क्षमता रखते हैं. उन्‍होंने कहा कि एशियन गेम्‍स और कॉमनवेल्‍थ के प्रदर्शन से पता चल जाता है कि हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी नही हैं. इन्‍हीं प्रतिभाओं को पहचान देने के लिए मैं प्रोफेशनल कबड्डी लीग से जुड़ा. अभिषेक ने कहा कि प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत हुई तो मैंने न्‍यूट्रीशन और स्‍पोर्ट्स साइंस के बारे में खिलाड़ि‍यों को अवगत कराया. खिलाड़ि‍यों को खानपान को लेकर जागरूकता बढ़ी है और अब उनका पूरा ध्‍यान अपने अच्‍छे प्रदर्शन पर है. अभिषेक ने कहा कि पदक विजेताओं को मैं यह कहना चाहूंगा कि देश के लिए आपने अच्‍छा किया है.  लगे रहिए और देश के लिए और अच्‍छा करिये.  मुझे जो भी सहयोग की जरूरत है, मैं उपलब्‍ध हूं. 
 
वीडियो: NDTV कॉन्‍क्‍लेव में एशियन गेम्‍स के 'खास' हीरो... बॉक्‍सर अमित फंगल को छोटा टायसन कहकर भी बुलाया जाता है.  उन्‍होंने  एशियाड में उस बॉक्‍सर को हराया जिससे वे ओलिंपिक में पहले हार चुके थे.एशियाड में अपने प्रदर्शन को लेकर अमित ने कहा, मैंने अपने प्रतिद्वंद्वी के अटेकिंग गेम को काउंटर करने का फैसला किया. पूरी तैयारी की थी. उसके अटैक पर बचाव किया और फिर अपनी ओर से आक्रामक खेल दिखाया, यही जीत का राज है. नीरज ने बताया कि हरियाणा से हूं, वहां दूध-घी काफी मिलता था. पहले काफी मोटाताजा था. फिट रहने के लिए जिम ज्‍वाइन किया और फिर सलाह पर जैवलिन थ्रो में आने का फैसला किया.  घरवालों और दोस्‍तों ने काफी सपोर्ट किया. मैं किस्‍मत वाला हूं कि परिवार ने हर कदम पर समर्थन दिया. फिल्‍म में जाने संबंधी सवाल पर नीरज ने कहा कि अच्‍छा दिखना अलग बात है लेकिन फिल्‍म में जाने के लिए एक्टिंग चाहिए होती है, जिसमें मैं जीरो हूं.

टिप्पणियां

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement