क्या सुशील मोदी के कोरोना ग्रस्त होने का असर NDA उम्मीदवारों की जीत पर पड़ेगा?

Bihar Assembly Elections 2020: छपरा संसदीय क्षेत्र में रूडी के प्रचार न करने के कारण वहाँ भाजपा नेताओं की परेशानियां बढ़ गई है क्योंकि कई सीटों पर बाग़ी उम्मीदवार खड़े हैं, उनमें कुछ तो रूडी के नज़दीकी हैं.

क्या सुशील मोदी के कोरोना ग्रस्त होने का असर NDA उम्मीदवारों की जीत पर पड़ेगा?

बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष नीतीश कुमार.और भाजपा नेता व उप मुख्य मंत्री सुशील मोदी

पटना:

Bihar Assembly Elections 2020:बिहार BJP के कई नेता पिछले तीन-चार दिनों में कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं. इनमें उप मुख्य मंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, बिहार के प्रभारी देवेंद्र फडणवीस, सांसद  राजीव प्रताप रूड़ी और पूर्व सांसद शाहनवाज़ हुसैन शामिल हैं. ये सभी ऐसे वक्त में बीमार पड़े हैं और आइसोलेट हुए है, जब राज्य में चुनाव होने जा रहे हैं और चुनाव प्रचार में उनकी जरूरत है. 

हालाँकि, बिहार भाजपा के नेताओं का कहना है कि देवेंद्र फडणवीस और पूर्व सांसद शाहनवाज़ हुसैन के चुनाव प्रचार से अनुपस्थित रहने से न तो प्रत्याशियों और न ही भाजपा की सेहत पर ऐसा कोई असर दिखेगा लेकिन कुछ नेताओं ख़ासकर सुशील मोदी और सांसद राजीव प्रताप रुडी के प्रचार अभियान में नहीं रहने से परेशानी हो सकती है. छपरा संसदीय क्षेत्र में रूडी के प्रचार न करने के कारण वहाँ भाजपा नेताओं की परेशानियां बढ़ गई है क्योंकि कई सीटों पर बाग़ी उम्मीदवार खड़े हैं, उनमें कुछ तो रूडी के नजदीकी हैं. उनकी सांसद से नजदीकियां भी जगजाहिर हैं.

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वहीं, सुशील कुमार मोदी जो हर दिन एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में चार से पाँच इलाके में रोड शो करते थे, उनका ना रहना, ना केवल भाजपा बल्कि जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशियों को भी खलने लगा है. मोदी हर दिन प्रचार के बाद फीडबैक के आधार पर नीतीश कुमार से बातचीत कर बागियों को मनाने से लेकर एनडीए के अधिकृत प्रत्याशियों की किसी भी समस्या का हल ढूँढने में सक्रिय रहते थे. माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में अगर उनकी रिपोर्ट नेगेटिव भी आ जाए, तब भी इतना जल्दी प्रचार में वापस जाना उनके लिए आसान नहीं होगा.

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हालाँकि, एनडीए में सबका मनोबल बनाए रखने के लिए सुशील मोदी अस्पताल से ही ट्विटर के जरिए विपक्षी और महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव को घेरते हुए हर दिन बयान दे रहे हैं लेकिन चुनाव के ऐन मौके पर मंगल पांडेय के साथ उनका सर्वसुलभ नहीं रहना, इसलिए भी लोगों को खल रहा हैं क्योंकि इन दोनो नेताओं को ना सिर्फ संगठन का ज्ञान है बल्कि चुनाव में कब कहाँ क्या आवश्यक है, इनसे बेहतर बिहार भाजपा में कोई नहीं जानता.

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