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माहौल आरटीआई कानून संशोधन बिल के खिलाफ, बीजेडी और टीआएस जैसे दल भी कर रहे विरोध

संसद के बाहर आरटीआई एक्टिविस्ट और कई पूर्व सूचना आयुक्त भी कानून में संशोधन किए जाने के विरोध में सामने आ गए

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माहौल आरटीआई कानून संशोधन बिल के खिलाफ, बीजेडी और टीआएस जैसे दल भी कर रहे विरोध

संसद भवन.

खास बातें

  1. आजाद ने कहा- बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए
  2. मनोज झा ने कहा- सूचना अधिकार कानून ध्वस्त किया जा रहा
  3. राकेश सिन्हा ने कहा- कानून को और भी मज़बूत किया जा रहा
नई दिल्ली:

आरटीआई कानून में संशोधन के खिलाफ संसद के अंदर और बाहर विरोध तेज़ हो रहा है. बीजेडी और टीआएस जैसे गैर-एनडीए गैर-यूपीए दल इसके खिलाफ खड़े हो गए हैं. संसद के बाहर आरटीआई एक्टिविस्ट और कई पूर्व सूचना आयुक्त भी विरोध में सामने आ गए हैं.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सदन में बुधवार को सरकार के सामने मांग रखी. उन्होंने कहा कि  "हमें लगता है कि आरटीआई कानून में जो संशोधन लाया जा रहा है उससे राज्य सरकारों के अधिकार पर भी असर पड़ रहा है. हमारी मांग है कि सूचना अधिकार (संशोधन) बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए."

सरकार ने सीधे तौर पर इसका जवाब नहीं दिया. राज्यसभा में सदन के नेता थावरचंद गहलोत ने कहा कि बिल अभी सदन में पेश भी नहीं हुआ है और इस पर आगे कुछ भी कहने का फिलहाल कोई औचित्य नहीं है. लेकिन राज्यसभा में बिल पर चर्चा नहीं हुई.


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बुधवार को राज्यसभा में सूचना अधिकार (संशोधन) बिल का जमकर विरोध हुआ. विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार सूचना अधिकार कानून को कमज़ोर करना चाहती है और अहम बिलों को संसदीय समितियों की समीक्षा के बगैर लोकसभा में पारित कराती जा रही है.

आरजेडी नेता मनोज झा ने एनडीटीवी से कहा, "सूचना अधिकार कानून के तहत जो अधिकार लोगों को मिला था उससे उनका इम्पावरमेन्ट हुआ है. उन सबको अब इस बिल के ज़रिए ध्वस्त किया जा रहा है. सारा विपक्ष एकजुट है. हम चाहते हैं कि बिल को सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए."

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लेकिन बीजेपी सांसद राकेश सिन्हा ने कहा, "RTI कानून को और भी मज़बूत किया जा रहा है जिससे उसका रचनात्मक और पारदर्शी तरीके से उपयोग किया जा सके और इसका दुरुपयोग भी रोका जा सके."

आरटीआई कानून में बदलाव के खिलाफ संसद के बाहर भी विरोध जारी है. बुधवार को पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और पूर्व चुनाव आयुक्त एक ही मंच पर दिखे और सरकार की पहल का विरोध किया. RTI कानून में संशोधन के खिलाफ संसद के अंदर और बाहर विरोध जारी है ... विपक्ष बिल को सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग पर अड़ा है. देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मांग से कैसे निपटती है.

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