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प्रज्ञा ठाकुर ने गोडसे को 'देशभक्त' बताने वाले अपने बयान पर लोकसभा में सफाई दी, विपक्ष का हंगामा

बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे को देशभक्त बताने वाले अपने बयान पर लोकसभा में माफी मांगी. इस दौरान सदन में काफी हंगामा हुआ. 

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प्रज्ञा ठाकुर ने गोडसे को 'देशभक्त' बताने वाले अपने बयान पर लोकसभा में सफाई दी, विपक्ष का हंगामा

प्रज्ञा ठाकुर ने अपने बयान पर लोकसभा में सफाई दी.

खास बातें

  1. प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा में अपने बयान पर दी सफाई
  2. कहा, मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया
  3. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
नई दिल्ली :

बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे को देशभक्त बताने वाले अपने बयान पर लोकसभा में सफाई दी और कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि मेरे बयान को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया. मैं महात्मा गांधी का सम्मान करती हूं. वहीं, उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि मुझे अदालत ने दोषी करार नहीं दिया है, लेकिन मुझे खुलेआम आतंकवादी कहा गया. यह कानूनन अपराध है और एक महिला के नाते मेरी गरिमा का अपमान है. प्रज्ञा ठाकुर की सफाई के दौरान लोकसभा में काफी हंगामा भी हुआ. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों के सांसदों ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान की आलोचना करते हुए नारेबाजी की. 'महात्मा गांधी अमर रहें' जैसे नारे लगाए. 

विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि महात्मा गांधी के हत्यारे का महिमामंडन स्वीकार नहीं है और इसे सदन के रिकॉर्ड में भी नहीं लिया गया है. सदन के सदस्यों की मांग पर प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने बयान के लिए माफी भी मांग ली है. दूसरी तरफ, भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी द्वारा प्रज्ञा ठाकुर को आतंकी कहने का मुद्दा भी उठाया और इस मामले पर माफी की मांग की. हालांकि इस दौरान भी नारेबाजी जारी रही है. विपक्ष 'गोडसे डाउन-डाउन' के नारे लगाता रहा. 


क्या है पूरा मामला? 
प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Thakur) ने बुधवार को तब एक टिप्पणी कर विवाद खड़ा कर दिया था जब द्रमुक सदस्य ए राजा अदालत के समक्ष नाथूराम गोडसे द्वारा दिये गए उस बयान को उद्धृत कर रहे थे कि उसने महात्मा गांधी को क्यों मारा. ठाकुर की टिप्पणी को लेकर विपक्षी सदस्यों द्वारा विरोध जताए जाने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि एसपीजी (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान सिर्फ द्रमुक नेता का बयान ही रिकॉर्ड में जाएगा. लोकसभा सचिवालय ने बाद में एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ठाकुर की टिप्पणी 'दर्ज नहीं की गई है.

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रक्षा मामलों की समिति से हटाया गया
विवाद बढ़ने पर प्रज्ञा ठाकुर ने अपने बयान पर सफाई दी. प्रज्ञा ठाकुर ने ट्वीट करते हुए कहा कि यह झूठ है, मैंने केवल ऊधम सिंह का अपमान नहीं सहा. उन्होंने लिखा है, 'कभी-कभी झूठ का बवंडर इतना गहरा होता है कि दिन में भी रात लगने लगती है लेकिन सूर्य अपना प्रकाश नहीं खोता. पलभर के बवंडर में लोग भ्रमित न हों सूर्य का प्रकाश स्थाई है. सत्य यही है कि कल मैंने ऊधम सिंह जी का अपमान नहीं सहा बस.' बता दें, प्रज्ञा ठाकुर की इस टिप्पणी पर भाजपा ने भी कार्रवाई की है. केंद्र सरकार ने उनका नाम रक्षा मामलों की समिति से हटा दिया है. 

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