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नागरिकता संशोधन बिल के विरोध को देखते हुए त्रिपुरा के कई हिस्सों में सेना तैनात, असम में स्टैंडबाई पर रखी गई

Army Deployed: वहीं, नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने बुधवार को कई ट्रेनें रद्द कर दी और राज्य से चलने वाली कई ट्रेनों की समय-सारिणी बदल दी.

नागरिकता संशोधन बिल के विरोध को देखते हुए त्रिपुरा के कई हिस्सों में सेना तैनात, असम में स्टैंडबाई पर रखी गई

Citizenship Amendment Bill 2019: पूर्वोत्तर के राज्यों में इस बिल का विरोध किया जा रहा है.

नई दिल्ली:

नागरिकता संशोधन बिल के लोकसभा में पास होने के बाद बुधवार को राज्यसभा में पेश किया गया. उत्तर-पूर्वी राज्यों में इस बिल का विरोध किया जा रहा है. नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को देखते हुए त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में सेना को तैनात किया गया है. वहीं. असम के डिब्रूगढ़, जोरहाट और बौंगगाईगाव में सेना को स्टैंडबाय पर रखा गया है. हालांकि, सेना ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. सूत्रों के मुताबिक त्रिपुरा के कंचनपुर और मानू इलाके में सेना के दो कॉलम तैनात किए गए हैं. वहीं, नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने बुधवार को कई ट्रेनें रद्द कर दी और राज्य से चलने वाली कई ट्रेनों की समय-सारिणी बदल दी. 

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुभानन चंदा ने एक बयान में कहा कि कम से कम 14 ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है या गंतव्य स्थान से पहले ही रोक दिया गया है या फिर ‘ट्रेन परिचालन' में बाधा को देखते हुए उनके रास्ते बदल दिए गए हैं. बयान में बताया गया है कि इनमें से आठ ट्रेनों को तो ‘पूरी तरह' से रद्द कर दिया गया है जबकि अन्य को गंतव्य स्थान से पहले ही रोक दिया गया. अवध असम एक्सप्रेस को न्यू तिनसुकिया से चलाने का निर्णय लिया गया है. यह डिब्रूगढ़ और न्यू तिनसुकिया के बीच रद्द रहेगी. वहीं लीडो गुवाहाटी इंटरसिटी एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़ फरकाटिंग गुवाहाटी इंटरसिटी एक्सप्रेस, नाहरलागुन तिनसुकिया इंटरसिटी एक्सप्रेस, डेकारगांव डिब्रूगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस पूरी तरह से रद्द है.

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बता दें, छात्र संघों और वाम-लोकतांत्रिक संगठनों ने मंगलवार को पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान सड़क अवरूद्ध होने के कारण अस्पताल ले जाते समय दो महीने के एक बीमार बच्चे की मौत हो गई. राज्यसभा में इस विधेयक को पेश किये जाने से एक दिन पहले असम में इस विधेयक के खिलाफ दो छात्र संगठनों के राज्यव्यापी बंद के आह्वान के बाद ब्रह्मपुत्र घाटी में जनजीवन ठप रहा. ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू), नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन, वामपंथी संगठनों-एसएफआई, डीवाईएफआई, एडवा, एआईएसएफ और आइसा ने अलग से एक बंद आहूत किया.

गुवाहाटी के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जुलूस निकाले गये और प्रदर्शनकारियों ने इस विधेयक के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के पुतले भी जलाये. पुलिस सूत्रों ने बताया कि सचिवालय और विधानसभा की इमारतों के बाहर गुवाहाटी में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प भी हुई क्योंकि पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक रही थी.

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डिब्रूगढ़ जिले में बंद समर्थकों की झड़प सीआईएसएफ कर्मियों के साथ हुई. इनमें से तीन घायल हो गए क्योंकि ये ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के कर्मचारियों को कार्यालय में जाने से रोक रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने असम में भाजपा, असम गण परिषद के मुख्यालयों, दूरदर्शन केन्द्र और स्वास्थ्य मंत्री हिमंत विश्व सरमा की पत्नी के स्वामित्व वाले एक निजी टीवी चैनल के कार्यालय का घेराव किया.

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त्रिपुरा में एनईएसओ द्वारा आहूत बंद में भाग लेने वाले प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को त्रिपुरा के धलाई जिले के एक बाजार में आग लगा दी. इस बाजार में ज्यादातर दुकानों के मालिक गैर-आदिवासी हैं. हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ. अधिकारी ने बताया, ‘‘बाजार में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं, लेकिन इस घटना से गैर-आदिवासी लोगों के मन में भय है, जो ज्यादातर दुकानों के मालिक हैं.' एक आधिकारिक सूचना में कहा गया है कि त्रिपुरा में शरारती तत्वों द्वारा अफवाहों को फैलाने से रोकने के लिए मंगलवार दोपहर दो बजे से 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है.

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