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CBI की पूछताछ के एक दिन बाद ही कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार का हुआ तबादला, मिली यह जिम्मेदारी....

राजीव कुमार (Rajeev Kumar) की जगह 1991 बैच के अनुज शर्मा को कोलकाता का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है.

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CBI की पूछताछ के एक दिन बाद ही कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार का हुआ तबादला, मिली यह जिम्मेदारी....

राजीव कुमार का पश्चिम बंगाल सरकार ने किया तबादला

खास बातें

  1. ममता बनर्जी सरकार ने राजीव कुमार का किया तबादला
  2. सीबीआई कर रही थी पूछताछ
  3. चिटफंड घोटाले को लेकर सीबीआई कर रही है पूछताछ
कोलकाता :

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार (Rajeev Kumar) को प्रोमोशन देते हुए सीआईडी (CID) का एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) व इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) बनाया है. बता दें कि ममता सरकार का यह फैसला राजीव कुमार से सीबीआई (CBI) की पूछताछ के ठीक एक दिन बाद लिया गया है. राजीव कुमार (Rajeev Kumar) की जगह 1991 बैच के अनुज शर्मा को कोलकाता का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है. इससे पहले वह पश्चिम बंगाल पुलिस में एडिशन डायरेक्टर जनरल (लॉ एंड ऑर्डर) . राजीव कुमार (Rajeev Kumar) का ट्रांसफर उनके शिलांग से लौटने के ठीक बाद किया गया. गौरतलब है कि सारदा चिटफंड मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजीव कुमार सीबीआई के सामने पेश हुए थे. बता दें कि CBI ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद कुणाल घोष से शारदा चिट फंड और रोज वैली घोटालों के संबंध में अपने दफ्तर में आमने-सामने बैठा कर पूछताछ की. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी थी. 

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कुमार से दूसरे दिन यानी रविवार को सुबह साढ़े 10 बजे पूछताछ शुरू हुई थी, जो देर शाम तक चली. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिककुमार से यह पूछताछ की गई थी. सीबीआई की दो सदस्यीय टीम दोपहर में यहां पहुंची थी. इस टीम में शारदा और रोज वैली घोटालों के जांच अधिकारी शामिल थे. अधिकारियों ने बताया था कि कुमार और घोष से शुरुआत में सीबीआई की 10 सदस्यीय टीम ने पूछताछ की थी. उन्होंने बताया कि सीबीआई के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने कोलकाता पुलिस प्रमुख से मामले में महत्त्वपूर्ण साक्ष्यों से छेड़छाड़ में उनकी कथित भूमिका को लेकर शनिवार को करीब नौ घंटे तक पूछताछ की थी. 

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से शारदा घोटाले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल यानी की एसआईटी की अगुवाई राजीव कुमार ने की थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी. दिल्ली में अधिकारियों ने बताया था कि सीबीआई ने पूछताछ की वीडियोग्राफी से संबंधित कुमार की मांग स्वीकार नहीं किया.उन्होंने बताया कि ऐसा हिरासत में लेकर पूछताछ के दौरान किया जाता है. कुमार के वकीलों के हवाले से ऐसी खबरें आईं थी कि पुलिस आयुक्त के अनुरोध पर सीबीआई उनसे की जा रही पूछताछ की वीडियोग्राफी कर रही है. घोष यहां सुबह 10 बजे के बाद आए थे और उन्होंने सीबीआई दफ्तर से महज 100 मीटर दूर एक पंडाल में मां सरस्वती का आशीर्वाद लिया और फिर ओकलैंड स्थित जांच एजेंसी के उच्च सुरक्षा वाले कार्यालय में प्रवेश किया. 

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जांच से अवगत एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई-भाषा को बताया, दोनों से पूछताछ की गई और दोपहर बाद दोनों को आमने-सामने बिठाया गया. शुरुआती दौर में दोनों से अलग-अलग पूछताछ की गई. तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद को शारदा पोंजी घोटाले में 2013 में गिरफ्तार किया गया था और 2016 से वह जमानत पर बाहर हैं. सीबीआई दफ्तर में प्रवेश करने से पहले उन्होंने संवाददाताओं से कहा,  मुझे कुछ नहीं कहना है. मुझसे इस कार्यालय में एक सुनवाई में हिस्सा लेने के लिए कहा गया है. मैं जांच एजेंसी के साथ हमेशा से सहयोग करता रहा हूं. इसलिए मैं इसमें शामिल होने आया हूं. घोष ने भाजपा नेता मुकुल रॉय और 12 अन्य को सारदा चिटफंड घोटाले में संलिप्त बताया था. रॉय कभी बनर्जी का दाहिना हाथ हुआ करते थे उच्चतम न्यायालय ने कुमार को सीबीआई के समक्ष पेश होने और मामलों की जांच में ईमानदारी से सहयोग करने का मंगलवार को निर्देश दिया था. 

VIDEO: राजीव कुमार से सीबीआई की पूछताछ.

 

 

 

 

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