Corona मृतकों के शवों के साथ लापरवाही के मामले पर दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में पेश की सफाई

दिल्ली सरकार के अनुसार 28 मई को 28 शवों का संस्कार किया गया और 30 मई तक शेष 35 शवों का संस्कार कर दिया जाएगा.

Corona मृतकों के शवों के साथ लापरवाही के मामले पर दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में पेश की सफाई

दिल्ली सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं

नई दिल्ली:

कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वाले लोगों के शवों के साथ हो रही घोर लापरवाही का मामले में सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि राज्य में एक साथ कोरोना के मरीजों का आंकड़ा बढ़ने के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई. उन्होंने कोर्ट से कहा कि फिलहाल शमशान घाट पर काम कर रहे कर्मचारियों के काम के घंटे बढ़ा दिए गए हैं. अब सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक शवों का दाह संस्कार किया जा रहा है. दिल्ली सरकार ने यह भी बताया कि सीएनजी से चलने वाले शवदाह गृह में कुछ भट्टियों के काम नहीं करने का कारण कुछ शव वापस मोर्चरी ले जाने पड़े थे. उन्होंने बताया कि बिजली सीएनजी से शवों के अंतिम संस्कार के अलावा लकड़ियों से दाह संस्कार की भी इजाजत दे दी गई है. दिल्ली सरकार के अनुसार  शवों की संख्या बढ़ना अपरिहार्य परिस्थितियों का परिणाम था. 

उन्होंने कहा कि दिल्ली के निगम बोध घाट की क्षमता कम है, साथ ही घाट के कर्मचारियों ने कोविड-19 के मृतकों को संभालने से इनकार कर दिया है और कुछ भट्टियों के काम नहीं करने के कारण भी ऐसी स्थितियां पैदा हुईं. कई बार रिश्तेदार शव लेने से इनकार कर देते हैं ऐसे में इनका दाह संस्कार भी करना सरकार की जिम्मेदारी हो जाती हैं. दिल्ली सरकार ने कोर्ट में बताया कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए कुछ कदम उठाए जा रहे हैं. 

दिल्ली सरकार ने बताया कि निगम बोध घाट के अलावा LNJP से शवों को पंचकुइयां रोड और पंजाबी बाग में भी शवदाहगारों के लिए  भेजा जा रहा है. 28 मई को 28 शवों का संस्कार किया गया और 30 मई तक शेष 35 शवों का संस्कार कर दिया जाएगा. केवल उन शवों को वापस रखा जाएगा जिनका पोस्टमार्टम किया जाना है. इसके अलावा शव दाह से जुड़े सभी श्रमिकों के लिए पीपीई किट भी दी गई है. दिल्ली सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं. सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसे दोहराया नहीं जाना चाहिए. 

कोर्ट ने सरकार से इस मामले पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है. सुनवाई की अगली तारीख 2 जून है. दरअसल हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर LNJP अस्पताल में रखे शवों और निगम बोध घाट पर कोरोना से मृत हुए लोगों के शवों का अंतिम संस्कार ना होने की खबर पर नोटिस जारी किया था. दिल्ली हाईकोर्ट ने जयप्रकाश नारायण अस्पताल में  मोर्चरी में  शवों के रखरखाव श्मशान घाट से वापस भेजे गए शवों को लेकर कल स्वत संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार और तीनों एमसीडी को तलब किया था. 
Video: शवों के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद

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