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आम आदमी पार्टी को चुनाव आयोग का नोटिस, पूछा- क्यों ना चुनाव चिन्ह रद्द किया जाए?

आपको बता दें कि इनकम टैक्स की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने यह नोटिस जारी किया है.

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आम आदमी पार्टी को चुनाव आयोग का नोटिस, पूछा- क्यों ना चुनाव चिन्ह रद्द किया जाए?

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. आम आदमी पार्टी को नोटिस
  2. चंदे में गड़बड़ी का आरोप
  3. आयोग ने मांगा जवाब
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को नोटिस भेजकर पूछा है कि क्यों ना उसका चुनाव चिन्ह रद्द कर दिया जाए और 20 दिन के भीतर चुनाव आयोग को जवाब देने को कहा है. दरअसल इनकम टैक्स विभाग की रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी गई थी जिसके आधार पर चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. नोटिस में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानी सीबीडीटी की भेजी रिपोर्ट के आधार पर आम आदमी पार्टी पर आरोप है कि उसने साल 2014-15 में चंदे के मामले में पारदर्शिता के चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन किया है​

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क्या हैं आरोप 
इनकम टैक्स विभाग की चुनाव आयोग को भेजी रिपोर्ट के आधार पर आम आदमी पार्टी पर मुख्य रूप से तीन आरोप है.
  1. चंदे की जानकारी छुपाई गई- आम आदमी पार्टी के बैंक खाते में 67.67 रुपये क्रेडिट हुए जबकि पार्टी ने अपने खातों में 54.15 करोड़ रुपए ही दिखाए यानी 13.16 करोड़ रुपए का हिसाब नहीं मिला और यह अज्ञात स्रोतों से माने गए
  2. हवाला कारोबारी से पैसा रिपोर्ट में कहा गया है कि आम आदमी पार्टी ने 2 करोड रुपए हवाला ऑपरेटर से लिए और इनको चंदे के रुप में दिखाया
  3. अपनी वेबसाइट पर और चुनाव आयोग को गलत जानकारी- रिपोर्ट में कहा गया है कि आम आदमी पार्टी ने अपनी वेबसाइट पर और चुनाव आयोग को चंदे की गलत जानकारी दी। इसमें यह भी कहा गया है कि एक बार सवाल उठाने पर आम आदमी पार्टी ने अपने खातों की जानकारी बदली. 
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नोटिस में कहा गया है कि सीबीडीटी की रिपोर्ट से ऐसा प्रतीत होता है कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के पारदर्शिता के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया। आम आदमी पार्टी के दिए खातों की जानकारी में अनियमितताएं पाई गई हैं।  इसलिए पहली नजर में आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के कानूनी निर्देशों का उल्लंघन किया है.

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