साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 बड़े फैसले, जिसके बारे में जरूर जानना चाहेंगे आप

Goodbye 2019: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने साल 2019 में कई ऐसे फैसले लिए, जिसे लेकर सालोंसाल चर्चा चलती रहेगी.

साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 बड़े फैसले, जिसके बारे में जरूर जानना चाहेंगे आप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- (फाइल फोटो)

खास बातें

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 बड़े फैसले
  • साल 2019 में आई सरकार की तमाम योजनाएं
  • बालाकोट एयर स्ट्राइक से लेकर अनुच्छेद 370 तक
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने साल 2019 में कई ऐसे फैसले लिए, जिसे लेकर सालोंसाल चर्चा चलती रहेगी. सरकार ने यह भी दावा किया जो शायद पहले नहीं हुआ. बीजेपी की सरकार ने देश में कई ऐसी योजनाओं को चालू करने का दावा किया है जिससे जमीनी स्तर पर बदलाव आएगा. सरकार अपनी तमाम योजना के सहारे न्यू इंडिया बनाने की ओर देश को ले जाने का दावा कर रही है. उन्हीं में से पांच बड़े फैसले के बारे में जानकारी नीचे दी गई है, जिसे आप जरूर जानना चाहेंगे.

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बालाकोट एयर स्ट्राइक- 

साल के शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे, जिसके बाद दो हफ्तों के अंदर ही भारतीय वायुसेना ने आतंकियों को मुहतोड़ जवाब दिया था. जानकारी के मुताबिक एयरफोर्स ने एलओसी के पार जाकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर 1000 किलो के बम गिराये. ऑपरेशन में एयरफोर्स के 12 मिराज फाइटर प्लेन शामिल थे. आपको बता दें कि 1971 ते बाद यह पहला मौका है जब भारतीय वायुसेना ने एलओसी पार कर किसी ऑपरेशन को अंजाम दिया है. यहां तक कि कारगिल युद्ध के दौरान भी एयरफोर्स ने एलओसी पार नहीं की थी. एयरफोर्स के ऑपरेशन में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंप पूरी तरह तबाह हो गए थे. इसी संगठन ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे.

तीन तलाक कानून- 

भारत के संविधान में इसी साल तीन तलाक कानून अस्तित्व में आया. राष्ट्रपति ने 1 अगस्त 2019 को तीन तलाक बिल को मंजूरी दे दी थी. मोदी सरकार ने इस बिल को 25 जुलाई को लोकसभा में और 30 जुलाई को राज्यसभा में पास करवाया था. हालांकि यह कानून 19 सितंबर 2018 से लागू माना जाएगा. बिल के कानून बनने के बाद 19 सितंबर 2018 के बाद जितने भी मामले में तीन तलाक से संबंधित आए हैं, उन सभी का निपटारा इसी कानून के तहत किया जाएगा. बता दें कि राज्यसभा में बिल के समर्थन में 99, जबकि विरोध में 84 वोट पड़े थे. जबकि लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश किए जाने के पक्ष में 187 और विपक्ष में 74 वोट पड़े थे.

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अनुच्छेद 370 हटाना-

केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को राष्‍ट्रपति के आदेश से जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य का विशेष दर्जा छीनते हुए अनुच्छेद 370 को हटा दिया. जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा भी खत्म हो गया. वहीं सरकार ने जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटने का ऐलान भी किया. इसके अनुसार जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बन गया. 

मोटर व्हीकल संशोधन विधेयक-

मोटर व्हीकल संशोधन विधेयक में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के मकसद से काफी कठोर प्रावधान रखे गये हैं. किशोर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, बिना लाइसेंस, खतरनाक ढंग से वाहन चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, निर्धारित सीमा से तेज गाड़ी चलाना और निर्धारित मानकों से अधिक लोगों को बैठाकर अथवा अधिक माल लादकर गाड़ी चलाने जैसे नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इसमें एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर भी जुर्माने का प्रस्ताव किया गया है.खतरनाक ड्राइविंग के लिए जुर्माना 1000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये किया जाएगा. शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माने के तौर पर 10,000 देने होंगे. यातायात उल्लंघन पर 100 रुपये की जगह 500 रुपये का जुर्माना देना होगा.

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बैंकों का विलय-

केंद्र सरकार ने 30 अगस्त को बड़ा ऐलान करते हुए कई बैंकों के आपस में विलय की घोषणा की थी. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था यूनाइटेड बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और पंजाब नेशनल बैंक (PNB, OBC and United Bank) का विलय होगा. दूसरी तरफ, केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक का भी आपस में विलय किया जाएगा. इसी तरह यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का भी विलय किय़ा जाएगा. इंडिय़न बैंक और इलाहाबाद बैंक का भी आपस में विलय होगा. केंद्र सरकार के इस बड़े ऐलान के साथ ही अब देश में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 रह जाएगी. वित्त मंत्री ने कहा था कि सरकार ने जो फ़ैसले लिए थे, उन पर अमल की शुरुआत हो गई है. बैंक और NBFC के 4 टाइअप हुए.