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JNU में हमले की घटना की खबर फैलते ही मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शनों का दौर

इस घटना के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने कैंपस में कैंडल मार्च निकाला और सोमवार को प्रदर्शन करने का ऐलान किया.

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JNU में हमले की घटना की खबर फैलते ही मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शनों का दौर

जेएनयू के समर्थन में शुरू हुए प्रदर्शन

नई दिल्ली:

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय ( JNU) कैंपस में रविवार शाम नकाबपोश बदमाशों द्वारा छात्रों की पिटाई के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है. JNU कैंपस में छात्रों की पिटाई की खबर के सार्वजनिक होने के कुछ घंटे बाद ही रविवार रात से मुंबई में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया था. बता दें कि जेएनयू में छात्रों के साथ हुई मारपीट में  40 से ज्यादा छात्रों और शिक्षकों के घायल हुए हैं.  इस घटना के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने कैंपस में कैंडल मार्च निकाला और सोमवार को प्रदर्शन करने का ऐलान किया. उधर, जामिया के शिक्षक संघ ने भी जेएनयू में छात्रों और शिक्षक की पिटाई को निंदाजनक बताया. जेएनयू पर हुए हमले के खिलाफ रविवार रात से ही जाधवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ-साथ पुणे की फिल्म एंव टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों ने भी विरोध प्रदर्शन शुरू किया. 

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बता दें कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार शाम को छात्रों के साथ हुई मारपीट में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संगठन (JNUSU) की अध्यक्ष आइशी घोष भी गंभीर रूप से घायल हुई है. उन्होंने अपने ऊपर हमले के बाद कहा कि मुझे कैंपस में घुसे गुंडों ने लाठी से बुरी तरह पीटा है. इस हमले में मेरे सिर पर गंभीर चोट आई है. खून लगातार बह रहा है और मैं कुछ ज्यादा बता पाने की हालत में नहीं हूं. बता दें कि देश के प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में रविवार शाम को नकाबपोश बदमाशों ने घुसकर हमला कर दिया. JNUSU अध्यक्ष आइशी घोष हमले में बुरी तरह घायल हो गईं. इसके साथ-साथ 40 से ज्यादा छात्र और शिक्षक हमले में घायल हुए हैं.

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घायलों में 30 छात्र जबकि 12 शिक्षक शामिल हैं. इनसे में 20 छात्रों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. हालांकि पुलिस के मुताबिक किसी भी घायल छात्र की हालत गंभीर नहीं है और सभी खतरे से बाहर हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शाम करीब 6:30 बजे लगभग 50 की संख्या में नकाबपोश गुंडे जेएनयू कैंपस में में घुस आए और छात्रों पर हमला करना शुरू कर दिया. इन लोगों ने कैंपस में मौजूद कारों को भी निशाना बनाया और हॉस्टल में भी तोड़फोड़ की. जेएनयू के प्रोफेसर अतुल सूद ने NDTV को बताया कि इन हमलावरों ने हॉस्टल पर पत्थरबाजी की और यूनिवर्सिटी की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया. जेएनयू मामले की जांच वेस्टर्न रेंज की ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी सिंह को सौंपी गई है.

गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से की बात
गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात कर पूरे मामले की रिपोर्ट देने को कहा है. साथ ही गृहमंत्री ने कैंपस में कानून व्यवस्था को बहाल करने की भी बात कही है. गृहमंत्री के कार्यालय ने ट्वीट किया कि केंद्रीय गृहमंत्री ने जेएनयू हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त से बात की और उन्हें जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए.

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देश पर राज करने वाले फासीवादी बहादुर छात्रों से डर गए: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि, 'नकाबपोश उपद्रवियों द्वारा जेएनयू के छात्रों-शिक्षकों पर हमला स्तब्ध करने वाला है. इस हमले में कई छात्र-शिक्षक घायल हो गए हैं. उन्होंने आगे कहा, 'देश पर राज करने वाले फासीवादी हमारे बहादुर छात्रों की आवाज से डर गए हैं. आज जेएनयू में हुई हिंसा उसी डर को दर्शाती है.' 

यह घटना लोकतंत्र के लिए शर्मनाक: ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जेएनयू में हुई गुंडागर्डी की निंदा की. उन्होंने कहा, जेएनयू में विद्यार्थियों, शिक्षकों के खिलाफ की गई क्रूरता की कड़ी निंदा करती हूं. ऐसी नृशंस कार्रवाई को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं. यह हमारे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है. दिनेश त्रिवेदी की अगुवाई में टीएमसी का प्रतिनिधिमंडल विद्यार्थियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए दिल्ली रवाना.

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'प्रशासन और कुलपति हालात के लिए जिम्मेदार'
जेएनयूटीए के सचिव सुरजीत मजूमदार ने NDTV से बात करते हुए कहा, 'हम विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति को इस हालात के लिए जिम्मेदार मानते हैं. आज हॉस्टल के अंदर कोई भी सुरक्षित नहीं है. कई शिक्षक भी गंभीर रूप से घायल हैं. मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि जिस तरह से कुलपित इस विश्वविद्यालय को चला रहे हैं उससे हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. यूनिवर्सिटी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया दिन पर दिन खत्म होती जा रही है.

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वहीं, जेएनयू टीचर्स एसोसिएशन के विक्रमादित्य ने कहा कि, मेरी वाइफ को भीड़ ने दौड़ाया है. हमारे घर का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की गई है. हमें धमकी दी गई है कि हम रात में वापस आएंगे और घर को आग लगा देंगे. हमनें पुलिस को फोन किया न अभी तक कोई पुलिस आई न ही कोई कॉल बैक आया. हमारे लिए पुलिस नहीं आ रही है. बीते दो घंटे से न तो जेएनयू की सिक्यूरिटी आई है और न ही पुलिस आई है. जेएनयू की सिक्यूरिटी को मैंने कॉल किया कि मेरे घर पर हमला हुआ है, लेकिन न तो वो आए न ही उन्होंने आगे पुलिस को बुलाया.



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