महाराष्ट्र के राज्यपाल ने सोचा नहीं कि 'रात है ऐसी मतवाली तो सुबह का आलम क्या होगा', NDTV से बोले वरिष्ठ वकील

वरिष्ठ वकील और संविधान के जानकार संजय हेगड़े ने कहा कि अभी मैच जारी है, राज्यपाल के फैसले को अनुचित कह सकते हैं, गैरकानूनी नहीं

खास बातें

  • राज्यपाल थोड़ा सा वेरीफाई कर लेते तो मामला इतना गड़बड़ नहीं होता
  • फ्लोर टेस्ट को ज़्यादा वक़्त तक टाला नहीं जा सकता
  • बीजेपी के कहने पर कानून या संविधान नहीं बदल जाता है
नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट के महाराष्ट्र (Maharashtra) को लेकर फैसले के बाद वरिष्ठ वकील और संविधान के जानकार संजय हेगड़े ने कहा कि अभी मैच जारी है, यह कह सकते हैं कि कल पता लगेगा. सारे पत्र को देखकर कार्यवाही होगी. उन्होंने कहा कि राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी के फैसले को अनुचित कह सकते हैं, गैरकानूनी नहीं है. फैसला बाद में बदला जा सकता है. संजय हेगड़े ने NDTV से कहा कि इमरजेंसी तो थी नहीं, पर पुराना गाना है... 'रात है ऐसी मतवाली तो सुबह का आलम क्या होगा.' शायद राज्यपाल ने सुबह का आलम नहीं देखा है.

उन्होंने कहा कि राज्यपाल थोड़ा सा गौर कर लेते वेरीफाई कर लेते तो मामला इतना गड़बड़ नहीं होता. फ्लोर टेस्ट को ज़्यादा वक़्त तक टाला नहीं जा सकता है. तुरंत नहीं हो सकता है, पर जल्द हो सकता है.

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हेगड़े ने कहा कि अजीत पवार अब एनसीपी के नेता नहीं हैं, उनको विहप जारी करने का अधिकार नहीं है. नए नेता का नाम ऐलान कर चुके हैं. इसमें कोई दो राय नहीं है, अजीत पवार इस फैसले को कोर्ट में जाकर चुनौती दें.

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उन्होंने कहा कि मैं नहीं मानता कि बीजेपी के कहने पर कानून या संविधान बदल जाता है. आज का फैसला यही कह सकते हैं कि समझदार के लिए इशारा काफी है. आप फ्लोर टेस्ट टाल नहीं सकते हैं.

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