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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामला: पेशी से पहले नागेश्वर राव ने SC से मांगी माफी, जांच अधिकारी का ट्रांसफर करने पर लगी थी फटकार

Bihar Shelter Home Rape Case: पूर्व अंतरिम सीबीआई प्रमुख एन नागेश्वर राव (Nageswara Rao) ने हलफनामा दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से मांफी मांगी है.

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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामला: पेशी से पहले नागेश्वर राव ने SC से मांगी माफी, जांच अधिकारी का ट्रांसफर करने पर लगी थी फटकार

Bihar Shelter Home Rape Case: सीबीआई के पूर्व अंतरिम प्रमुख एम नागेश्वर राव ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी माफी.

खास बातें

  1. सीबीआई के पूर्व अंतरिम प्रमुख नागेश्वर राव ने SC से मांगी माफी
  2. 'बिना इजाजत नहीं करना चाहिए था जांच अधिकारी का ट्रांसफर'
  3. नागेश्वर राव की 12 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में होनी है पेशी
नई दिल्ली:

बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम (Muzaffarpur Shelter Home Case) मामले में फटकार के बाद पूर्व अंतरिम सीबीआई प्रमुख एन नागेश्वर राव (Nageswara Rao) ने हलफनामा दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से मांफी मांगी है. एम नागेश्वर राव (M Nageshwar Rao) ने कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगते हुए अपने हलफनामे में कहा कि वह अपनी गलती स्वीकार करते हैं. उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि अदालत के आदेश के बिना मुख्य जांच अधिकारी को स्थानांतरित नहीं करना चाहिए था. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कृपया मेरी माफी स्वीकार करें. बता दें कि पूर्व अंतरिम सीबीआई प्रमुख एम नागेश्वर राव मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश होना है. नागेश्वर राव के माफीनामे पर सुप्रीम कोर्ट कल विचार करेगा. 

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बता दें कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा था कि 'भगवान ही आपकी मदद कर सकते हैं'. दरअसल मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले से जुड़े सीबीआई के अधिकारी के ट्रांसफर से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व अंतरिम सीबीआई प्रमुख एम नागेश्वर राव को 12 फरवरी को पेश होने का आदेश दिया था.

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पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम की निगरानी कर रहे ज्वाइंट डायरेक्टर एके शर्मा के ट्रांसफर पर कड़ी नाराजगी जताई थी. चीफ जस्टिस ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बिना अनुमति के उनका ट्रांसफर नहीं होगा तो यह ट्रांसफर क्यों किया गया. क्या कैबिनेट कमेटी को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसफर ना करने के आदेश दिए हैं? 

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सुप्रीम कोर्ट ने एके शर्मा को हटाए जाने से नाराजगी जताते हुए उस वक्त के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव को तलब किया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नागेश्वर राव ने एके शर्मा का ट्रांसफर कर अवमानना की है. 12 फरवरी को नागेश्वर राव व अन्य अफसर पेश होंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पिछले आदेश में हमने कहा था कि जो सीबीआई की टीम जांच कर रही है, उसके सीनियर मोस्ट 'एके शर्मा' ही होंगे. उनका ट्रांसफर नहीं किया जाएगा. एके शर्मा जॉइंट डायरेक्टर सीबीआई थे और उन्हीं की निगरानी में शेल्टर होम की जांच चल रही थी. आगे सीजेआई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि 17 जनवरी 2019 को कैबिनेट कमिटी की स्वीकृति के बाद उनका ट्रान्सफर किया गया. उनको CRPF में एडिशनल डायरेक्टर बनाया गया.

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CBI के वकील ने कोर्ट को जानकारी दी कि एम. नागेश्वर राव सहित दो अधिकारी मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम कांड के जांच अधिकारी एके शर्मा का स्थानांतरण करने में शामिल थे, तो देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई ने कहा, 'हम इसे बहुत-बहुत गंभीरता से लेने वाले हैं. आपने सुप्रीम कोर्ट के आदेश से खिलवाड़ किया है. भगवान ही आपकी सहायता करें. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से कभी खिलवाड़ नहीं करना.'

VIDEO: सुप्रीम कोर्ट ने नागेश्वर राव को किया तलब



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