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ऐसा कोई टकसाल नहीं जो मुझे खरीद सके: नीतीश कुमार

नीतीश ने विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस मामले को उजागर उन्होंने ख़ुद किया और आर्थिक अपराध इकाई को जांच दी. फिर इस मामले में कई बैंकों की भूमिका देखते हुए जांच सीबीआई को दी.

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ऐसा कोई टकसाल नहीं जो मुझे खरीद सके:  नीतीश कुमार

नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. भागलपुर में 1200 करोड़ से भी ज्‍यादा का सृजन घोटाला उजागर हुआ
  2. राज्‍य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए सीबीआई जांच के आदेश दिए
  3. नीतीश ने कहा कि इस मामले को खुद उन्‍होंने उजागर किया
पटना: अभी तक ऐसा कोई टकसाल नहीं बना है जो मुझे खरीद सके. ये कहना है बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सृजन घोटाले पर. नीतीश बृहस्‍पतिवार शाम को जनता दल यूनाइटेड विधान मंडल दल की बैठक को संबोधित कर रहे थे. नीतीश ने विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस मामले को उजागर उन्होंने ख़ुद किया और आर्थिक अपराध इकाई को जांच दी. फिर इस मामले में कई बैंकों की भूमिका देखते हुए जांच सीबीआई को दी. सीबीआई से इस मामले की जांच की अधिसूचना जारी हो चुकी हैं और अगले दो दिनों में एजेंसी शुरू भी कर देगी.

पढ़ें- क्या है आखिर सृजन घोटाला...

अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर नीतीश ने साफ कहा कि लोग हताशा में चाहे जो भी आरोप लगा रहे हों लेकिन उनमें कोई दम नहीं है. नीतीश ने माना कि व्यवस्था में ख़ामियां हैं जिसका फायदा घोटालेबाज़ उठा रहे थे लेकिन अब ऐसी अचूक व्‍यवस्‍था की जाएगी जिससे ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो. हालांकि नीतीश कुमार ने राबड़ी देवी  का नाम नहीं लिया लेकिन कहा कि 2003 से ये घोटाला चल रहा था.

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VIDEO: सृजन घोटाले पर विपक्ष का हंगामा


इस बीच राबड़ी देवी ने आरोप लगाया है कि इस मामले के कुछ मुख्य गवाह जोकि आरोपी भी हैं, उनको ज़हर की सुई देकर मारा जा रहा है. राबड़ी देवी का कहना है कि पूरे मामले की लीपापोती की जा रही है. वहीं पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी का आरोप है कि सृजन घोटाला सत्‍ता के संरक्षण में चल रहा था. शिवानंद तिवारी ने कहा कि दो बार 2008 और 2013 में ये घोटाला किसी ना किसी तरीक़े से उजागर हुआ लेकिन इस मामले को जांच की आड़ में दबा दिया गया. विधानसभा सत्र में सृजन घोटाला छाया रहा है लेकिन हंगामे के अलावा अभी तक इस मुद्दे पर बहस नहीं हो पाई है.


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