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1200 करोड़ रुपये के बिहार के सृजन घोटाले की जांच अब सीबीआई करेगी

राज्य सरकार के इस फ़ैसले के बाद भी बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई द्वारा जांच जारी है.

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1200 करोड़ रुपये के बिहार के सृजन घोटाले की जांच अब सीबीआई करेगी

सृजन घोटाले की जांच अब सीबीआई करेगी.. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के साथ मनोरमा देवी (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. सृजन घोटाले की जांच सीबीआई जल्द ही शुरू कर देगी
  2. वैसे अभी बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई द्वारा जांच जारी है.
  3. पिछले हफ़्ते ही इस घोटाले की जांच CBI से करवाने का फैसला लिया
पटना: हाल ही में सामने आए बिहार के 1200 करोड़ रुपये के सृजन घोटाले की जांच सीबीआई जल्द ही शुरू कर देगी. राज्य सरकार ने पिछले हफ़्ते ही इस घोटाले की जांच CBI से करवाने का फैसला लिया है. लेकिन राज्य सरकार के इस फ़ैसले के बाद भी बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई द्वारा जांच जारी है.

पढ़ें-तेजस्वी यादव हुए आक्रामक, बोले- जब तक सृजन के दुर्जनों का विसर्जन नहीं होता, सदन नहीं चलने देंगे

इस बीच भागलपुर की एक कोर्ट ने इस मामले के मुख्य आरोपियों, अमित कुमार, उनकी पत्नी प्रिया, भाजपा नेता विपिन शर्मा और उनकी पत्नी,  राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के दीपक वर्मा और उनकी पत्नी समेत सृजन के कई पदाधिकारियों के ख़िलाफ़ वॉरंट जारी किया है. अमित और प्रिया इस घोटाले की मास्टमाइंड कही जाने वाली मनोरमा देवी के बेटा और बहू हैं. प्रिया, झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनाड़ी ब्रह्म की बेटी हैं. क़रीब दो हफ़्ते से चल रही जांच के बाद बिहार पुलिस का कहना है कि इस मामले में भागलपुर में पदस्थापित 13 जिलाधिकारियों और 6 उप विकास आयुक्त से पूछताछ की जाएगी.

वहीं, इस बीच तेजस्वी यादव ने ट्वीट करके कहा कि सृजन घाटोले के किंगपिन नवीन की भी भागलपुर में मौत हो गई है जोकि मनोरमा देवी का विश्वासपात्र सहयोगी था. उन्होंने ट्वीट के जरिए कहा कि उसका लैपटॉप भी गायब है.
 
अभी तक की जांच में कुछ पूर्व ज़िला अधिकारियों जैसे पी. रमाया जिन्होंने सृजन में पैसा जमा करने का पहला आदेश दिया और वीरेंद्र यादव जिनके 14 महीने के कार्यकाल में सर्वाधिक 287 करोड़ रुपये की यह बंदरबांट हुई, सबसे ज़्यादा शक के घेरे में हैं. फ़िलहाल इस मामले में 14 प्राथमिकी दर्ज हुई हैं जिसमें ग़बन की राशि क़रीब 1059 पहुंच गयी हैं. जांच में जहां सृजन द्वारा अपने सदस्यों से ही सूद पर ऋण देने के सबूत मिले हैं वहीं स्वयमसेवी संस्था को सरकार से मिलने वाला अनुदान का भी ग़बन किया गया बताया जा रहा है.

पढ़ें- क्या है आखिर सृजन घोटाला...

इसके अलावा अब सेवा से बर्खास्त हो चुके जयश्री ठाकुर को एसयूवी गाड़ी ख़रीदने के लिए क़र्ज़ दिया गया, वहीं कुमार अनुज नामक अधिकारी को उनकी पत्नी के नाम पर मोटरसाइकल ख़रीदने के लिए क़र्ज़ दिया गया. विपिन शर्मा को अधिकारिक रूप से 40 लाख रुपये दिया गया.

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वीडियो- सृजन घोटाले की आंच राबडी देवी तक..?


जहां इस घोटाले की क़रीब 40 प्रतिशत राशि वापस बैंकों के माध्यम से दी गई, वहीं पुलिस का कहना है कि 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के बारे में फ़िलहाल गिरफ़्तार 18 लोगों में से कोई नहीं बता रहा कि यह पैसा कहां गया. जांच एजेंसियों को भरोसा है कि अमित और प्रिया की गिरफ़्तारी से ही इसके बारे में पता चल पाएगा.


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